कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता बनर्जी को श्रीरामपुर में जनसभा की दी अनुमति, 1,000 लोगों की सीमा तय

खबर सार :-

आखिरकार पश्चिम बंगाल की पूर्व में रहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जनसभा करने की अनुमति मिल गई है। बनर्जी को यह अनुमति कोर्ट की शर्तों के आधार पर मिली है। उन्हें हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करना होगा। कोर्ट की ओर से रैली में 1000 लोगों को शामिल करने की सीमा तय की है।
कोलकाताः शर्ताें पर मिली ममता बनर्जी को रैली की अनुमति, ज्यादा भीड़ और जुलूस पर भी पाबंदी

खबर विस्तार : -

कोलकाताः ममता बनर्जी की रैली को लेकर सरकारी अड़चनें आ रही थी। इसके विरोध में वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाने पहुंचीं। कोलकाता हाईकोर्ट ने उनको रैली करने की अनुमति दे दी है। ममता बनर्जी की यह रैली हुगली जिले के श्रीरामपुर कोर्ट मैदान में 26 सितंबर को होने वाली है। इस अनुमति के बाद वह काफी उत्साहित नजर आ रही हैं। न्यायमूर्ति की एकल पीठ ने बनर्जी को जनसभा का समय भी निर्धारित करने के लिए कहा है।

ममता बनर्जी की रैली का समय शाम 4ः00 बजे से 6ः00 तक निर्धारित है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी की रैली के लिए कोर्ट ने कहा कि किसी प्रकार का जुलूस रैली के लिए नहीं निकाल जाएगा। आयोजकों को यह तय करना होगा की पास से गुजरने वाली रोड पर यातायात ना बाधित हो। बता दें कि ग्रैंड ट्रंक रोड के पास रैली आयोजित की जाने वाली है।

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दो हजार लोगों की भी अनुमति कोर्ट ने नहीं दी

 ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों को बधाई देते हुए कहा है कि श्रीरामपुर में करीब 2000 पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में रैली के लिए अनुमति मांगी थी, लेकिन सरकार के विरोध के बाद अनुमति मिली है। श्रीराम रामपुर कोर्ट मैदान में काफी कम जगह होने के कारण सरकार ने अनुमति नहीं दी थी। ऐसा राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में दी गई दलीलों में कहा गया है।

सरकार ने यह भी कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री को जेड प्लस की सुरक्षा प्राप्त है। इस कारण वहां पर काफी जगह खाली रखनी होगी। सरकार की तरफ से मौजूद हुए वकील ने दलील में कहा है कि अगर उस स्थान पर 2000 लोग जमा हो जाएंगे और काफी जगह खाली भी करनी पड़ेगी तो वहां पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इधर रैली की अनुमति मांग रहीं ममता बनर्जी की पार्टी के सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने सरकार की दलील का विरोध किया। 

श्रेया का गाना सुनने पहुंचे थे पचास हजार लोग

उन्होंने कहा कि इसी मैदान में गायिका श्रेया घोषाल पहुंची हुई थी। उनके आयोजन में 50000 लोग जुटे थे। जब इस मैदान पर 50000 लोग आ सकते हैं तो 2000 लोगों के लिए इजाजत क्यों नहीं दी जा सकती है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कहा है कि 1000 लोगों की मौजूदगी में जनसभा आयोजित करने की अनुमति दी जाएगी।

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट 11 सितंबर को श्रीरामपुर में जनसभा के बाद रैली भी निकालना चाहता था। यह मामला भी हाई कोर्ट पहुंचा, इसके बाद कोर्ट की एकल पीठ ने ममता बनर्जी को श्रीरामपुर स्थित मैदान में जनसभा करने की अनुमति दी थी। वहीं पर स्थित जगन्नाथ मंदिर के ट्रस्ट बोर्ड ने हाई कोर्ट का रुक करते हुए एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी। 

कोर्ट के नियमों का पालन करना होगा

जगन्नाथ मंदिर के टेस्ट बोर्ड ने दलील दी कि वह स्थान स्नानपीरी मैदान निजी संपत्ति है। वहां पर किसी प्रकार के राजनीतिक कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी जा सकती है। इसके बाद हाई कोर्ट की खंडपीठ ने मामले को न्याय मूर्ति सौगत भट्टाचार्य की इस एकल पीठ के पास भेज दिया। इस मामले पर गुरुवार को भी अदालत ने सुनवाई की और स्थान बदलकर श्रीरामपुर कोर्ट मैदान में जनसभा करने की अनुमति शर्तों के आधार पर दे दी।

अब यह रैली अपने निर्धारित समय पर होगी। बशर्तें ममता बनर्जी को कोर्ट के नियमों का पालन करना है। इसमें समय का ध्यान रखना होगा। रैली में किसी भी सूरत में ज्यादा भीड़ नहीं बुलाया जाएगा। इसके अलावा रैली का प्रदर्शन सड़कों पर नहीं होगा। किसी प्रकार का जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

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