यूं ही कथाएं चलती रहीं तो सनातन का बाल बांका नहीं हो सकता: योगी आदित्यनाथ

खबर सार :-

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रायबरेली में कहा कि हनुमान जी को भक्ति मिली तो वह देवपूज्य हो गए। ईश्वर की भक्ति जिसे मिली तो उसे मुंह मांगी मुराद मिल गई।
महाशिवपुराण कथा में रायबरेली पहुंचे CM योगी, कहा- मुराद पूरी हुई

खबर विस्तार : -

रायबरेली, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज एक धार्मिक कार्यक्रम में पहुंचे हुए थे। वहां पहुंचकर उन्होंने कहा कि ईश्वर की भक्ति जिसे मिली तो उसे मुंह मांगी मुराद मिल गई। हनुमान जी को भक्ति मिली तो वह देवपूज्य हो गए। अपने आप को धार्मिक आयोजन में पहुंचने पर कहा कि शिव की भक्ति भी हमें सार्थक बनाती है। मुख्यमंत्री रविवार को जनपद रायबरेली के ऊंचाहार में चल रही श्री शिव महापुराण कथा में आए भक्तों के बीच अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।

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ज्योतिर्लिंग हिमालय से रामेश्वर तक

मुख्यमंत्री योगी ने महादेव का बखान करते हुए कहा कि शिव एक ऐसे महादेव हैं, जिनके पवित्र ज्योतिर्लिंग हिमालय से लेकर रामेश्वर तक हैं। शिव की महिमा को अपरंपार कहा जाता है, वह ही सांस्कृतिक एकता को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि शिव भक्ति से भारत की राजनीतिक सीमा के साथ एकात्मकता के दर्शन होते हैं। योगी ने इसका विष्लेषण भी किया और कहा कि शिव की भक्ति जो तमिलनाडु में है, वही उत्तर प्रदेश में और गुजरात और महाराष्ट्र में भी एक ही भाव है।

उनका कहना था कि कहीं भी चले जाएं, उनकी महिमा और उनका पूजन एक जैसे ही है। वह काशी में भी पूजे जाते हैं और प्रयागराज में भी उनकी कथा सुनी जाती है। ऐसे में प्रदेश में कहीं भी हर जगह कथाओं के माध्यम से शिव भक्ति को आत्मसात किया जाता है।

शिव जी लोकमंगल के हैं देवता 

कथा के माध्यम से कंकड़ में शंकर का अहसास कराने की कोशिश में योगी ने बताया कि शिव जी लोकमंगल के देवता हैं। वह नकारात्मक शक्तियों को खत्म करते हैं और लोककल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने कहा कि शिव जी ने मंगल के लिए विष को धारण किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कथाएं ऐसे ही चलती रहेंगी। यही वातावरण बनाए रखने की जरूरत हैं। ऐसे में सनातन का कोई बाल बांका नहीं कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि तुलसीदास के सामने नौ रत्न बनने का प्रस्ताव आया तो उन्होंने मना कर दिया था। कहा था कि वह किसी विदेशी को राजा नहीं मान सकते। भगवान को वह राजाराम कहते रहे। राम तो सर्वव्यापी हैं। राम लीलाओं में हैं। इसीलिए उनकी लीलाएं रामलीला में दिखती हैं। जब धर्म पर प्रहार होते रहे तब भी राम कथा होती रही। देश को जोड़ने में इनका बड़ा योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा रामलीला के माध्यम से सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया गया। उन्होंने बताया कि समाज आपस में बंधे रहे। बिखराव नहीं हुआ। 

सकारात्मक वातावरण समाज व राष्ट्र की ताकत

मुख्यमंत्री, एक संत होने के नाते योगी ने इसको समझाया और कहा कि सकारात्मक वातावरण समाज व राष्ट्र की ताकत है। धर्म को उन्होंने जीवन शक्ति बताया और वह ऐसी शक्ति जिसमें केवल पूजा पाठ के साथ कर्तव्य व राष्ट्र भक्ति भी जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री ने विदेशी आक्रांताओं का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि वह हमारी धरती को रौंदते थे, और हम कथा के माध्यम से सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते रहे।

अलग- अलग शहरों का नाम लेते हुए उनका महत्व यदि कोई बता सकता है तो वह संत ही कर सकता है। यह काम आज रायबरेली में मुख्यमंत्री योगी ने किया। उन्होंने बताया कि जीवन में समरसता के लिए हम प्रयागराज को याद करते हैं, चेतना के लिए काशी, जीवन में भक्ति को मथुरा जाते हैं। यह हमारी थाती है। 

ज्ञान की पवित्र धारा को ऋषियों ने सुरक्षित किया

नैमिषारण्य का भी महत्व बताया और कहा कि ज्ञान की पवित्र धारा को ऋषियों ने सुरक्षित किया। उन्होंने कहा कि कथा के माध्यम से यह ज्ञान हम सभी तक पहुंच रहा है। इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यासपीठ पर पूजन कार्य किया। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने के लिए आयोजक मनोज पांडेय, मंत्री राकेश सचान, केंद्र सरकार के मंत्री बीएल शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, एमएलसी उमेश द्विवेदी, विधायक अशोक कोरी आदि की मौजूदगी रही। 

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