BRICS Summit को कांग्रेस बता रही तमाशा, BJP ने कहा गौरव के पल

खबर सार :-

देश की राजधानी दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का जश्न मनाया जा है। इस सम्मेलन को भारतीय जनता पार्टी ने दश के लिए गौरव के पल कहा है, वहीं कांग्रेस नेता ने इसको तमाशा करार दिया है।
BRICS Summit: भाजपा ने बताया गौरवपूर्ण क्षण, कांग्रेस ने कहा-सब तमाशा है

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर भारतीय जनता पार्टी जहां देश के लिए जश्न का माहौल बता रही है, वहीं कांग्रेस दो खेमों में बंटी नजर आ रही है। कांग्रेस के पुराने नेताओं में राशिद अल्वी इसे तमाशा करार दे रहे हैं, जबकि शशि थरूर सम्मेलन को उम्मीदों से भरा बता रहे हैं।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित कई भाजपा नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया में इसे देश के लिए खुशी के पल बताए।  सम्मेलन पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि ब्रिक्स समिट में कई बड़ी वैश्विक शक्तियां हिस्सा ले रही हैं। इस मंच के जरिए भारत ने खुद को एक वैश्विक शक्ति, उभरती हुई आर्थिक और रणनीतिक ताकत के तौर पर स्थापित किया है।

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सम्मेलन को वह उम्मीदों भरी नजरों से देख रहे हैं। उनका ध्यान आने वाले समय पर है। केशव प्रसाद ने कहा कि हम लोगों को इंतजार है कि ब्रिक्स के माध्यम से भारत में बड़े पैमाने पर निवेश व रोजगार के अवसर पैदा होने वाले हैं। बतौर भाजपा नेता ने कहा कि हम सभी मेहमानों का भारत की धरती पर स्वागत करते हैं। वहीं बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने ब्रिक्स सम्मेलन पर कहा कि आपसी सहमति से बहुत से देशों के बीच बातचीत होती है।

 कांग्रेस नेता राशिद अल्वी को पसंद नहीं आ रहा

बिहार को मिलने वाले लाभ में उनका ध्यान मखाने पर गया और कहा कि हम लोगों के लिए बहुत खुशी की बात है कि बिहार का उत्पाद दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है। ऐसे आयोजनों के बाद ही उसका नतीजा दिखता है। लेकिन सम्मेलन पर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी का नजरिया उलटा है। वह 2500 से ज्यादा पुलिस सुरक्षा और बीएसएफ को लगाए जाने को नुकसान वाला सम्मेलन बता रहे हैं। उनका सवाल है कि ब्रिक्स का नतीजा क्या निकलेगा? राशिद अल्वी की समझ से परे है ब्रिक्स सम्मेलन।

उन्होंने कहा कि भारत के हक में कोई नतीजा निकलने वाला नहीं है। अल्वी ने कई और बातें कही हैं। उनका कहना है कि यह हर वर्ष होता है। अगले वर्ष रूस में होना है। ऐसा नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी, रूसी राष्ट्रपति पुतिन से पहली बार मिल रहे हैं। अल्वी ने कहा कि यह एक तमाशा है और इसके अलावा कुछ नहीं है। उधर, कांग्रेस नेता शशि थरूर की ओर से ब्रिक्स की तारीफ की गई है। 

खान ने कहा, भारत कूटनीतिक भूमिका निभाए

कांग्रेस के पुराने नेताओं में सलमान खुर्शीद का नजरिया अलग है। उन्होंने सरकार से 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कुछ समझदारी दिखाने और सामाजिक समरसता बनाए रखने का आहवान किया है। उन्होंने वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच भारत की कूटनीतिक भूमिका और विश्वास को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है। पार्टी की ओर से कहा कि भारत को ब्रिक्स के माध्यम से समान और संतुलित वैश्विक व्यवस्था के निर्माण में प्रभावी भूमिका निभानी चाहिए।

उन्होंने सत्तापक्ष की ओर से सम्मेलन के प्रतिनिधियों को सलाह दिया है कि राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने के साथ नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, संप्रभु समानता, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और मानव गरिमा के सिद्धांतों को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। पूर्व विदेश मंत्री एवं कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने आधिकारिक बयान में कहा कि भारत को ब्रिक्स के भीतर नैतिक नेतृत्व और रणनीतिक स्पष्टता के साथ काम करना चाहिए।

गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने की मांग

यद्यपि खुर्शीद ने एक सुझाव दिया। वह भी उस मामले पर जिस पर सरकार की पहल उनको सकारात्मक दिखीं, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह भारत को वैश्विक दक्षिण की आवाज बनाने की बात दोहराई है, उसे लगातार और प्रभावी कार्रवाई के साथ जोड़ा जाना चाहिए, लेकिन ईरान मसले पर वह इजराइल से दूर ही रहना चाह रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को ईरान पर हुए हमलों को लेकर भारत की कथित स्थिति, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के दौरान भारत की सीमित कूटनीतिक कदम उठाने चाहिए।

  खुर्शीद ने मांग की कि 2014 में स्थापित आकस्मिक रिजर्व व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में काम करने की मांग सरकार काम करे। कांग्रेस ने कहा कि भारत ने इस व्यवस्था के लिए 18 अरब अमेरिकी डॉलर की प्रतिबद्धता जताई है। बता दें कि 2014 में ही नरेंद्र मोदी की सरकार बनी है। एक और गंभीर मसला टैरिफ पर उनका नजरिया स्पष्ट है। कहा कि सरकार को ब्रिक्स की अध्यक्षता का इस्तेमाल भारतीय वस्तुओं और सेवाओं के लिए बेहतर बाजार पहुंच सुनिश्चित करने के साथ ही गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करना चाहिए।

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