तनवीर सादिक की ‘एक जोड़ी पतलून’ वाली टिप्पणी पर सियासी घमासान, BJP और PDP ने की माफी की मांग

खबर सार :-

नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायक तनवीर सादिक की कश्मीर में गरीबी को लेकर ‘एक जोड़ी पतलून’ वाली टिप्पणी पर विवाद बढ़ गया है। BJP और PDP ने बयान की आलोचना करते हुए माफी की मांग की।
तनवीर सादिक के बयान पर घमासान, BJP और PDP ने की आलोचना

खबर विस्तार : -

श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायक और पार्टी प्रवक्ता तनवीर सादिक की एक टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) ने सादिक के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे जम्मू-कश्मीर के लोगों और उनकी ऐतिहासिक विरासत के लिए अपमानजनक बताया है। भाजपा ने बयान वापस लेने के साथ सार्वजनिक सादिक ने शेख अब्दुल्ला के सत्ता में आने से पहले कश्मीर में व्याप्त रूप से माफी मांगने की मांग की है।

यह विवाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की 44वीं पुण्यतिथि के अवसर पर दिए गए तनवीर सादिक के बयान से जुड़ा है। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में सादिक ने शेख अब्दुल्ला के सत्ता में आने से पहले कश्मीर में व्याप्त गरीबी का जिक्र किया।

सादिक ने कहा था कि शेख अब्दुल्ला के सत्ता में आने से पहले पूरे इलाके में लोगों के पास पहनने के लिए पर्याप्त कपड़े तक नहीं थे और एक जोड़ी पतलून को लोग बारी-बारी से इस्तेमाल करते थे। उनके इस बयान को लेकर भाजपा और पीडीपी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

भाजपा ने बताया अपमानजनक बयान

भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने तनवीर सादिक की टिप्पणी को बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय करार दिया। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी केवल राजनीतिक बयान नहीं है, बल्कि इससे जम्मू-कश्मीर के लोगों की संस्कृति, गरिमा और इतिहास का अपमान होता है। ठाकुर ने कहा कि कश्मीर का इतिहास सूफी संतों, विद्वानों और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा रहा है। उनके मुताबिक, नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता को सार्वजनिक बयान देते समय क्षेत्र के इतिहास और वहां के लोगों की भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी समुदाय या पूरे क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को लेकर इस तरह की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। भाजपा ने तनवीर सादिक से अपने शब्द वापस लेने और सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है।

PDP ने भी उठाए सवाल

विपक्षी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने भी सादिक की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रवक्ता कश्मीरियों के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए बिना शर्त माफी मांगेंगे। पीडीपी की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला और राजनीतिक रूप से गरमा गया। विपक्षी दलों का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने वाले नेताओं को इतिहास और आम लोगों की सामाजिक परिस्थितियों पर टिप्पणी करते समय संवेदनशीलता बरतनी चाहिए।

गरीबी और जमींदारी व्यवस्था का किया था उल्लेख

हालांकि तनवीर सादिक की टिप्पणी का संदर्भ तत्कालीन कश्मीर में मौजूद अत्यधिक गरीबी से जुड़ा था। उन्होंने उस दौर की आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा था कि किसानों की स्थिति बेहद खराब थी। उस समय अनुपस्थित जमींदारी व्यवस्था के कारण खेती करने वाले किसानों को अपनी ही उपज का पर्याप्त हिस्सा नहीं मिल पाता था। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों के सामनेकाल में भूमि सुधारों से जुड़े महत्वपूर्ण कानून लागू किए गए। इन सुधारों का उद्देश्य अनुपस्थित जमींदारी व्यवस्था जीवनयापन का गंभीर संकट था।

शेख मोहम्मद अब्दुल्ला 1947 में सत्ता में आए और उनके शासनकाल में भूमि सुधारों से जुड़े महत्वपूर्ण कानून लागू किए गए। इन सुधारों का उद्देश्य अनुपस्थित जमींदारी व्यवस्था को समाप्त करना और जमीन पर खेती करने वाले लोगों की स्थिति में सुधार करना था। इस ऐतिहासिक संदर्भ में सादिक ने शेख अब्दुल्ला के शासनकाल से पहले की गरीबी और बाद में हुए सामाजिक-आर्थिक बदलावों को रेखांकित करने की कोशिश की थी। हालांकि, उनके द्वारा गरीबी का वर्णन करने के लिए इस्तेमाल किए गए शब्दों ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया। अब भाजपा और पीडीपी की ओर से माफी की मांग के बाद निगाहें नेशनल कॉन्फ्रेंस और तनवीर सादिक की अगली प्रतिक्रिया पर हैं।

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