BRICS Business Forum: PM मोदी ने गिनाई UPI की वैश्विक सफलता, बोले- दुनिया के 50% रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट UPI से
खबर सार :-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS बिजनेस फोरम में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और UPI की वैश्विक सफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दुनिया के 50% रियल-टाइम डिजिटल भुगतान UPI से हो रहे हैं।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित BRICS बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की वैश्विक सफलता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि UPI ने भारत में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के साथ बड़े पैमाने पर डिजिटल लेनदेन को नई गति दी है।
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि आज दुनिया में होने वाले 50 प्रतिशत रियल-टाइम डिजिटल भुगतान UPI तकनीक के माध्यम से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना अब केवल देश की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक भरोसेमंद और प्रभावी मॉडल बनकर उभरी है।
वित्तीय समावेशन में UPI की अहम भूमिका
PM मोदी ने कहा कि UPI ने देश के करोड़ों लोगों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने छोटे व्यापारियों, स्टार्टअप, MSME और आम नागरिकों के लिए लेनदेन को आसान, तेज और सुरक्षित बनाया है। उन्होंने कहा कि UPI की सफलता यह दर्शाती है कि तकनीक का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर वित्तीय समावेशन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। भारत का डिजिटल भुगतान मॉडल अब दूसरे देशों के लिए भी सहयोग और सीख का माध्यम बन रहा है।
‘लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता’ पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता का विषय “लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” है। पिछले 12 वर्षों में भारत ने इसी दृष्टिकोण को अपनी आर्थिक और व्यापारिक नीतियों का आधार बनाया है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर नवाचार और तकनीकी समाधान के प्रमुख केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। डिजिटल अर्थव्यवस्था के साथ देश में नई तकनीकों और रणनीतिक क्षेत्रों में भी क्षमताओं का विस्तार किया जा रहा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और रणनीतिक क्षेत्रों में बढ़ रही क्षमता
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में तेजी से हो रहे बुनियादी ढांचे के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में सड़क, रेलवे, बंदरगाह और हवाई अड्डों जैसी आधारभूत संरचनाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही भारत जहाज निर्माण, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स और बायोटेक्नोलॉजी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में नई क्षमताओं का निर्माण कर रहा है। प्रधानमंत्री के मुताबिक इन क्षेत्रों में हो रहा विकास भारत को वैश्विक विकास और स्थिरता का भरोसेमंद साझेदार बनाने में मदद कर रहा है।
व्यापारिक बाधाओं के बीच ‘आर्थिक पुल’ बना रहा भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया के कई हिस्सों में व्यापारिक बाधाएं बढ़ रही हैं, भारत आर्थिक पुल बनाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि 2014 से अब तक भारत ने करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं। उन्होंने कहा कि भारत का व्यापारिक दृष्टिकोण बाधाओं को कम करने और कारोबार के लिए नए अवसरों का विस्तार करने पर केंद्रित है। प्रधानमंत्री ने BRICS देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
कृषि, स्वास्थ्य और स्मार्ट ग्रिड में सहयोग
PM मोदी ने भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान शुरू की गई सहयोगी पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कृषि, स्वास्थ्य, कौशल विकास और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में नए सहयोग नेटवर्क स्थापित किए गए हैं। इन पहलों का उद्देश्य BRICS देशों के बीच ज्ञान, तकनीक और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों में सहयोग से सदस्य देशों को साझा चुनौतियों का समाधान खोजने और नई आर्थिक संभावनाएं विकसित करने में मदद मिल सकती है।
स्टार्टअप और MSME के लिए नई पहल
प्रधानमंत्री ने BRICS देशों के स्टार्टअप और MSME सेक्टर के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए शुरू की गई पहलों पर भी प्रकाश डाला। इनमें BRICS Incubator Network, BRICS MSME Portal और BRICS Startup Innovation Fund जैसी पहल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन प्लेटफॉर्म के जरिए स्टार्टअप और छोटे एवं मध्यम उद्यमों को बाजार तथा वित्तीय संसाधनों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे विभिन्न BRICS देशों के उद्यमियों के लिए नए बाजार और निवेश के अवसर खुल सकते हैं।
उद्योग जगत से अधिकतम लाभ उठाने की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से इन सहयोगी मंचों का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने BRICS देशों के बीच निवेश, तकनीक और प्रतिभा के आदान-प्रदान को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहयोग को केवल सरकारी स्तर तक सीमित रखने के बजाय उद्योग, स्टार्टअप और कारोबारी समुदाय की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। भारत की डिजिटल क्षमताओं, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और उभरते रणनीतिक क्षेत्रों को BRICS सहयोग के साथ जोड़कर नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
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