आशीष बनर्जी के निधन पर ममता बनर्जी ने जताया दुख, बोलीं- अंतिम दिनों का मानसिक दबाव....
खबर सार :-
आशीष बनर्जी के निधन पर ममता बनर्जी ने गहरा दुख जताया। उन्होंने उनके अंतिम दिनों के मानसिक दबाव को पीड़ादायक बताया। सुवेंदु अधिकारी ने ब्लैकमेलिंग की आशंका जताई। साथ ही पूरे मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
खबर विस्तार : -
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूर्व मंत्री और विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आशीष बनर्जी का निधन उन्हें भीतर तक विचलित करने वाला है। ममता ने उनके अंतिम दिनों में झेले गए मानसिक और भावनात्मक दबाव को भी बेहद पीड़ादायक बताया और कहा कि इस घटना ने राजनीतिक दुश्मनी की मानवीय कीमत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
शिक्षा और जनसेवा को समर्पित रहा जीवनः ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में आशीष बनर्जी को शिक्षा और समाज सेवा के लिए समर्पित व्यक्तित्व के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि आशीष बनर्जी ने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा अध्यापन और जनसेवा में बिताया। वह अपने सरल और विनम्र स्वभाव के साथ-साथ रामपुरहाट और बीरभूम के लोगों से अपने करीबी संबंधों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कहा कि आशीष बनर्जी पांच बार विधायक रहे और उन्होंने रामपुरहाट के विकास के लिए लगातार काम किया। अपने लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान उन्होंने क्षेत्र के लोगों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य किए। वह पश्चिम बंगाल विधानसभा के उपाध्यक्ष और चेयरमैन जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे।
मानसिक उत्पीड़न का आरोप
ममता बनर्जी ने कहा कि लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में रहने के बावजूद आशीष बनर्जी को बार-बार बदनाम किया गया और उन पर आरोप लगाए गए। उनके अनुसार, आशीष को लगातार दबाव और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। ममता ने कहा कि जिस तरह का मानसिक दबाव उन्होंने झेला, वह समाज और राजनीतिक व्यवस्था को राजनीतिक विरोध की मानवीय कीमत पर विचार करने के लिए मजबूर करता है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि आशीष बनर्जी के अंतिम दिनों में पैदा हुआ मानसिक और भावनात्मक दबाव इस त्रासदी को और अधिक पीड़ादायक बनाता है। ममता ने उनके परिवार, प्रियजनों, पूर्व छात्रों और बड़ी संख्या में प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आशीष बनर्जी की कमी हमेशा महसूस की जाएगी।
सुवेंदु अधिकारी ने उठाया ‘ब्लैकमेलिंग प्रेशर’ का मुद्दा
इससे पहले रविवार दोपहर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आशीष बनर्जी की मौत को लेकर गंभीर आशंका जताई थी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच में यह पहलू भी देखा जाना चाहिए कि कहीं उन पर किसी तरह का ‘ब्लैकमेलिंग प्रेशर’ तो नहीं था। सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के बाद आशीष बनर्जी अपनी ही पार्टी के भीतर कथित अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उनके अनुसार, इस दौरान आशीष बनर्जी ने ममता बनर्जी से दूरी बना ली थी और उनके द्वारा गठित एक समिति से भी इस्तीफा दे दिया था।
उन्होंने आशंका जताई कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर मौजूद कुछ भ्रष्ट लोगों ने संभवतः आशीष बनर्जी को डराया-धमकाया हो या उन पर किसी तरह का दबाव बनाया हो। हालांकि, ये आरोप और आशंकाएं जांच का विषय हैं और इनके संबंध में अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच के बाद ही सामने आएगा। सुवेंदु अधिकारी ने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद आशीष बनर्जी के साथ अपने सौहार्दपूर्ण संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की उचित जांच की जानी चाहिए। उन्होंने आशीष बनर्जी के सुसाइड नोट और मोबाइल फोन की जांच किए जाने की बात भी कही, ताकि उनकी मौत से जुड़े घटनाक्रम और संभावित दबाव के पहलुओं का पता लगाया जा सके।
अभिषेक बनर्जी ने BJP सरकार को जिम्मेदार ठहराया
इस बीच, TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर इस दुखद घटना के लिए भारतीय जनता पार्टी और मीडिया के एक हिस्से को ज़िम्मेदार ठहराया है। आशीष बनर्जी के शव के पास एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने लिखा था कि राजनीति में आना एक गलती थी और उन्होंने अपने जीवनकाल में कभी भी किसी भ्रष्टाचार में हिस्सा नहीं लिया।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बिना किसी सबूत के, बेबुनियाद आरोपों के आधार पर किसी की छवि खराब करना और जनता की अदालत में उन्हें दोषी करार देना बेहद खतरनाक है। उन्होंने कहा कि राजनीति और पत्रकारिता दोनों की सीमाएं होनी चाहिए, क्योंकि राजनीतिक लड़ाइयां तो आती-जाती रहती हैं, लेकिन एक बार चली गई जान वापस नहीं लाई जा सकती। आशीष बनर्जी ने दशकों तक रामपुरहाट और बीरभूम इलाकों के लोगों की ईमानदारी और सादगी से सेवा की थी, और उनके इस तरह से गुज़र जाने से पूरा राज्य दुखी है।
FAQ
1. आशीष बनर्जी कौन थे?
आशीष बनर्जी पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री, पांच बार विधायक और विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष व चेयरमैन रहे थे। वह शिक्षा और समाज सेवा से भी लंबे समय तक जुड़े रहे।
2. आशीष बनर्जी के निधन पर ममता बनर्जी ने क्या कहा?
ममता बनर्जी ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया और कहा कि उनके अंतिम दिनों में झेले गए मानसिक और भावनात्मक दबाव ने इस त्रासदी को और पीड़ादायक बना दिया।
3. आशीष बनर्जी किन क्षेत्रों से जुड़े थे?
आशीष बनर्जी का रामपुरहाट और बीरभूम के लोगों से लंबे समय तक करीबी जुड़ाव रहा। उन्होंने रामपुरहाट के विकास के लिए कई कार्य किए।
4. सुवेंदु अधिकारी ने आशीष बनर्जी की मौत को लेकर क्या आशंका जताई?
सुवेंदु अधिकारी ने मामले में कथित ‘ब्लैकमेलिंग प्रेशर’ की आशंका जताई और कहा कि इस पहलू की भी जांच होनी चाहिए।
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