एपी तटबंध का हाल जानने कुशीनगर में ग्राउंड जीरो पर पहुंचे सीएम योगी
खबर सार :-
कुशीनगर जिले में सोमवार देर रात नारायणी नदी के एपी तटबंध का कुछ हिस्सा टूट गया था। इसके बाद यहां के गांवों में बाढ़ और जलप्रलय का डर सताने लगा था। मुख्यमंत्री आज यहां के लोगों का हाल जानने खुद पहुंचे।
खबर विस्तार : -
कुशीनगर, नेपाल से अधिक पानी आने के चलते कुशीनगर जिले में सोमवार देर रात जवहीं दयाल (चैनपट्टी) के ततवा टोला के पास नारायणी नदी के एपी तटबंध का कुछ हिस्सा टूट गया था। इसके बाद यहां के गांवों में बाढ़ और जलप्रलय का डर सताने लगा था। रात में ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौके पर भेजा था। आज वह खुद स्थिति का निरीक्षण लेने और पानी से घिरे गांवों के प्रभावितों की मदद के लिए मंगलवार के दिन ग्राउंड जीरो पर पहुंच गए।
योगी आदित्यनाथ रातभर पलपल की जानकारी जुटाते रहे। सुबह होने पर भी उन्होंने हाल जाना। बाद में मुख्यमंत्री गांव पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर लंच पैकेट और राहत सामग्री का वितरण कराया। उन्होंने सबको विश्वास दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ है। मुख्यमंत्री की सक्रियता रात को ही दिख गई थी। उनके फोन करने का ही परिणाम रहा कि मंडल तक के अधिकारी वहां पहुंचे हुए थे।
रात में डीएम और एसपी भी थे। इसके बाद भी उन्होंने जलशक्ति मंत्री और सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देशित किया। स्थिति सामान्य होने के बाद नारायणी नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन का कार्य कराने के लिए कहा। तटबंध और इसके आसपास के गांव सुरक्षित करने के लिए कहा है। सोमवार रात तटबंध टूटने की जानकारी होने के बाद से ही सीएम योगी, हालात पर नजर बनाए थे। वह बारबार अधिकारियों को दिशानिर्देश देते रहे। मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की श्रद्धांजलि सभा समाप्त होते ही खुद भी मौके पर पहुंच गए।
हवाई सर्वेक्षण कर तटबंध और इसके कुछ हिस्से के टूटने से प्रभावित हुए क्षेत्रों का जायजा लिया। उसके बाद तटबंध के गांवों में पहुंचे। वहां उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की। ऊंचे स्थानों पर शरण लिए ग्रामीणों से भी मिले। उन्होंने लंच पैकेट और बच्चों को चॉकलेट वितरित किए। इसके बाद वह सेवरही क्षेत्र के इंटर कॉलेज बेदुपार पहुंचे और बाढ़ प्रभावित लोगों का दुख दर्द साझा किया। नेपाल में बारिश का असर यूपी पर पड़ा है। वहां पहाड़ों पर लगातार बारिश हुई। यूपी में भी कई दिन मौसम खराब रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार दिनों तक मूसलाधार बारिश हुई।
जैसे-तैसे चार दिन व्यतीत हुए, लेकिन नेपाल में अतिवृष्टि होने से भारी पैमाने पर जल नीचे आ गया। उन्होंने बताया कि जहां तीन से चार लाख क्यूसेक पानी नारायणी में आता था, वहीं अचानक यह साढ़े पांच लाख क्यूसेक पानी आ गया। यही कारण रहा कि एपी तटबंध से सटे कई गांवों में पानी पहुंच गया। बचाव दल में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की दो-दो टीमों के साथ ही पीएसी की फ्लड यूनिट भी मौके पर लगी हुई हैं। प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी कल से ही लोगों की मदद कर रहे हैं।
बाढ़ प्रभावितों के लिए 5000 पैकेट राहत सामग्री का बंदोबस्त किया
मुुख्यमंत्री की सक्रियता देख प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी रात में ही यहां पहुंच गए। यह भीषण परेशानी का सामना कर रहे लोगों की मदद और तसल्ली के लिए सांसद देवरिया शशांक मणि त्रिपाठी, सांसद कुशीनगर विजय दूबे, विधायक डॉ. असीम कुमार और सुरेंद्र कुशवाहा भी पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने पीड़ितों के लिए 5000 पैकेट राहत सामग्री की व्यवस्था की जानकारी भी दी। इसमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 2 किलो दाल, आलू, लाई, चना, तेल, मसाला, नमक, बाल्टी सहित कुल 35 आइटम हैं। इस सामग्री का वजन 50 किलो है।
इस आपदा में 15-16 गांवों में बड़े पैमाने पर धान, गन्ना, सब्जी जैसी फसलों के नुकसान होने की आशंका है। इस नुकसान के लिए प्रशासन को निर्देश मिले हैं कि सर्वे कराकर 10 दिनों में नुकसान की भरपाई मुआवजा के रूप में करा दिया जाएगा। बाढ़ के चलते जो सड़कें खराब हैं, उनके भी मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। जहां कहीं जनहानि की जानकारी है, वहां तत्काल चार लाख रुपए की धनराशि उपलब्ध कराई जा रही। कुछ जगह मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं।
मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत एक नया आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था
प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत एक नया आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। जो मकान क्षतिग्रस्त हुए ओर मरम्मत योग्य हैं, उन्हें भी मरम्मत के लिए धनराशि दी जाएगी। हाल में ही सरकार के एक मंत्री ने कई जिलों का दौरा कर आपदा प्रभावित परिवारों को सांके तिक चेक दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्थिति सामान्य होने पर एपी तटबंध को मजबूत करने के लिए कहा है। हिदायत भी दी कि यह फिर से न टूटने पाए।
इसके साथ ही जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी आदेष दिए हैं। उनसे कहा गया कि क्षेत्र में अगले 5-6 दिनों तक लगातार मेडिकल कैंप लगाएंगे। सभी पीएससी, सीएससी में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन देने की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
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