राज्यसभा चुनाव: समाजवादी पार्टी चली दांव, दो प्रत्याशियों के लिए कराया नामांकन

खबर सार :-

समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने दो प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं। इनमें उनके चाचा रामगोपाल यादव का नाम पहले नंबर पर है। दूसरे प्रत्याशी को भी वह ले आए हैं। इनमें गुजरात खेल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष का नाम है।
राज्यसभा चुनाव के लिए अखिलेश ने चाचा रामगोपाल को मैदान में उतारा

खबर विस्तार : -

लखनऊ, राज्यसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में सरगर्मी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर तस्वीर साफ कर दी है। उधर, अभी भाजपा को सपा के तीसरे उम्मीदवार का नाम आने की संभावना जताई गई है। सपा नेता अपने दोनों प्रत्याशियों के नाम घोषित कर नामांकन कराने पहुंचे हैं। इस चुनाव में सबसे ज्यादा भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच में टक्कर रहेगी, क्योंकि समाजवादी पार्टी ने अभी तक दो ही प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं। तीसरा प्रत्याशी यदि उतरा गया तो चुनाव का माहौल बदल जाएगा। 

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चुनाव में 10 सीटों पर होना है मुकाबला

भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों के लिए विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल होने के कारण 10 सीटों का मुकाबला होगा। इनमें 8 सीटें लगभग भाजपा के पक्ष में जाने वाली मानी जा रही हैं। इस चुनाव में एक पहलू और भी है। इस चुनाव में भी प्रत्याशियों का इधर उधर वोटिंग करना हो सकता है। पिछले चुनाव में ऐसा हो चुका है। समाजवादी पार्टी के कुछ सदस्यों ने भारतीय जनता पार्टी के पाली में वोट किए थे, जबकि समाजवादी पार्टी को उम्मीद है कि वह लोग इस बार समाजवादी पार्टी के पक्ष में ही वोट करेंगे। 

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होने हैं। इसमें समाजवादी पार्टी ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। सपा नेता राम गोपाल यादव के साथ उद्योग और खेल प्रशासन से जुड़े धनराज परिमल नाथवानी को मैदान में उतारा है। माना जा रहा है कि नाथवानी का नाम सामने लाने में समाजवादी पार्टी की समझदारी है। इससे सियासत का पैमाना बदल जाएगा। 

गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष को सपा लाई साथ

बुधवार को विधानसभा परिसर स्थित कार्यालय में नामांकन किया गया और इसमें समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव मौजूद रहे। उन्होंने दोनों प्रत्याशियों के नामांकन के समय जरूरी सुझाव दिए। अखिलेश यादव धनराज नाथवानी के साथ बात करते हुए भी देखे गए। समाजवादी पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा पहले नहीं की थी। सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी साझा की।

धनराज नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में ग्रुप प्रेसिडेंट हैं। उनकी प्रोफाइल के अनुसार, 2010 के रिलायंस समूह से विभिन्न भूमिकाओं में जुड़े हैं। वह वित्त लेखा खरीद मानव संसाधन कॉरपोरेट अफेयर्स तथा सुरक्षा सहित कई गैर तकनीकी विभागों में जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। गुजरात खेल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। 

10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को होना है मतदान

वहीं दूसरे प्रत्याशी उनके परिवार के ही चाचा हैं। रामगोपाल यादव काफी वरिष्ठ और समझदार नेता हैं। समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव के बाद उनकी पहचान है। लंबे समय से राज्यसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व करते आए हैं। उन्हें समाजवादी पार्टी महत्वपूर्ण मुद्दों में चर्चा के लिए शामिल करती है। पार्टी में इन्हें दूसरी बार भी मैदान में उतारा है। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होने हैं। उसी दिन मतगणना भी की जाएगी। बताया जा रहा है कि निर्वाचन आयोग ने अपने कार्यक्रम के अनुसार ही चुनाव कराने का फैसला किया है।

इसमें अंतिम तारीख नामांकन के लिए 6 अक्टूबर तय की गई है। मौजूदा विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से एक राज्यसभा सदस्य के लिए निर्वाचन के लिए 37 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता है। सपा के सामने असली चुनौती तीसरी सीट को लेकर है। वरिष्ठ पार्टी के नेताओं का कहना है कि पार्टी के पास दो उम्मीदवारों को जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल है। तीसरे के लिए संघर्ष किया जाएगा। हमारे प्रथम वरीयता के साथ और दूसरी वरीयता के मत भी महत्वपूर्ण हो जाएंगे। फिलहाल सपा अपने प्रत्याषियोें पर काफी उत्साहित है। 

मतदान का आखिरी दौर होता है महत्वपूर्ण

राज्यसभा चुनाव में विधायक प्राथमिकता के आधार पर मतदान करते हैं, जो सदस्य चुनाव के दौरान निर्धारित कोटा हासिल करता है, वह निर्वाचित घोषित किया जाता है। चुनाव के आखिरी दौर में विधायकों का संख्या बल उनकी मतदान की रणनीति पर सबकी नजर रहती है। इसीलिए अभी भारतीय जनता पार्टी को अपने पत्ते खोलने हैं। रामगोपाल यादव और धनराज नाथवानी दोनों समाजवादी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण कैंडिडेट हैं। दोनों की अपनी पहचान भी है। इसीलिए अब चुनावी गणित में कुछ आंकड़े परिवर्तित हो सकते हैं। बहरहाल, अखिलेश यादव इस समय अपने प्रत्याशियों के साथ माहौल बना रहे हैं। लगातार वह पुराने नेताओं से मिल भी रहे हैं। 

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