बिहार MLC चुनाव में प्रशांत किशोर का बड़ा दावा, बोले- सरकार बनाने नहीं, जवाबदेह बनाने का चुनाव
खबर सार :-
बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर प्रशांत किशोर ने तिरहुत में जन सुराज के उम्मीदवारों के नामांकन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने इसे सरकार को जवाबदेह बनाने का चुनाव बताया और शिक्षकों व युवाओं के लिए कई वादे किए।
खबर विस्तार : -
पटनाः बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों ने प्रचार अभियान भी तेज कर दिया है। इसी क्रम में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर बुधवार को तिरहुत निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी के शिक्षक और स्नातक उम्मीदवारों के नामांकन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान प्रशांत किशोर ने चुनाव को लेकर अपनी रणनीति और पार्टी के मुद्दों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सरकार बनाने या किसी सरकार को हटाने के लिए नहीं है, बल्कि अगले चार साल तक सत्ता में रहने वाली सरकार को जवाबदेह बनाने का माध्यम है।
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज ने श्याम नंदन यादव को उम्मीदवार बनाया है, जबकि तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. विमोहन कुमार चुनाव मैदान में हैं। पार्टी ने इससे पहले तिरहुत शिक्षक सीट पर भूषण झा को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन बाद में उम्मीदवार बदलकर श्याम नंदन यादव को मैदान में उतारा गया।
‘सरकार को जवाबदेह बनाने का चुनाव’
प्रशांत किशोर ने कहा कि विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों का चुनाव आम विधानसभा या लोकसभा चुनाव से अलग महत्व रखता है। उनके मुताबिक, इस चुनाव के जरिए मतदाता अगले चार साल तक सरकार के कामकाज पर दबाव बनाने और उसे जवाबदेह करने का काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव का उद्देश्य केवल सरकार बनाना या सरकार गिराना नहीं है। उनके मुताबिक, निर्वाचित प्रतिनिधि सरकार की गलत नीतियों और कार्यक्रमों पर सवाल उठाने का काम कर सकते हैं। प्रशांत किशोर ने नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि लोगों को 10 हजार रुपये देकर उनकी उम्मीदों और अपेक्षाओं को प्रभावित करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि अब पढ़े-लिखे मतदाताओं के सामने जन सुराज के रूप में एक नया विकल्प मौजूद है। उन्होंने मतदाताओं से जाति और धर्म से ऊपर उठकर अपने और अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मतदान करने की अपील की।
शिक्षकों के लिए सातवें वेतनमान का वादा
प्रशांत किशोर ने शिक्षक मतदाताओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि यदि जन सुराज का उम्मीदवार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीतता है तो लोकसभा चुनाव से पहले शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और सातवें वेतनमान की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल वित्त रहित, वित्त पोषित, नियोजित, विद्यालयी और विशिष्ट शिक्षकों समेत अलग-अलग श्रेणियों के शिक्षकों को ध्यान में रखकर की जाएगी। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि यदि लोकसभा चुनाव से पहले शिक्षकों को सातवां वेतनमान दिलाने में सफलता नहीं मिली तो वह आगे वोट मांगने नहीं आएंगे। उनके इस बयान को पार्टी की ओर से शिक्षक मतदाताओं के बीच समर्थन जुटाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
10 हजार शिक्षित बेरोजगार युवाओं को नौकरी का वादा
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं के लिए भी प्रशांत किशोर ने रोजगार से जुड़ा वादा किया। उन्होंने कहा कि यदि तिरहुत स्नातक क्षेत्र से डॉ. विमोहन कुमार जीतकर आते हैं तो क्षेत्र के 10 हजार शिक्षित बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने की व्यवस्था करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बांकीपुर में लागू की गई व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि उसी तरह की पहल को तिरहुत स्नातक क्षेत्र के युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। प्रशांत किशोर ने कहा कि युवाओं के लिए केवल सरकारी नौकरी ही रोजगार का एकमात्र रास्ता नहीं है और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में भी काम करने की जरूरत है।
बाढ़ के मुद्दे पर सरकार पर निशाना
प्रशांत किशोर ने बिहार में बाढ़ की स्थिति का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने राज्य में बड़ी संख्या में लोगों के बाढ़ से प्रभावित होने का दावा करते हुए सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से बिहार के बाढ़ पीड़ितों के लिए अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलने का आरोप लगाया। प्रशांत किशोर ने कहा कि विधान परिषद चुनाव मतदाताओं के पास अपनी समस्याओं और अपेक्षाओं को सत्ता तक पहुंचाने का एक लोकतांत्रिक माध्यम है। उन्होंने मतदाताओं से इस अवसर का इस्तेमाल अपने मुद्दों को सामने रखने के लिए करने की अपील की।
23 अक्टूबर को मतदान, 27 अक्टूबर को मतगणना
बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल आठ सीटों पर चुनाव होना है। इनमें चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मतदान 23 अक्टूबर को होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को प्रस्तावित है। जन सुराज ने इन सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। पार्टी की कोशिश इन चुनावों के जरिए शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की है। तिरहुत क्षेत्र में प्रशांत किशोर के अभियान और शिक्षकों तथा शिक्षित बेरोजगार युवाओं से जुड़े वादों के बाद चुनावी मुकाबला और चर्चा में आ गया है। अब उम्मीदवारों के प्रचार अभियान के साथ-साथ मतदाताओं के मुद्दे और विभिन्न दलों के वादे चुनावी माहौल को प्रभावित करेंगे।
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