नंदीग्राम में हो गया खेला ! कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान गिरफ्तार, ममता ने किया था समर्थन देने का ऐलान

खबर सार :-

पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव 6 अक्टूबर को होने हैं। मतदान से पहले ही नंदीग्राम में अहम राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल रहे हैं; शुक्रवार को ममता खेमे की उम्मीदवार ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली।
Nandigram Bypoll 2026: कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान गिरफ्तार

खबर विस्तार : -

Nandigram Bypoll 2026: पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम विधानसभा सीट के उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान (Milan Pradhan) को शुक्रवार को एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया। दरअसल यह गिरफ्तारी तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट की उम्मीदवार संचिता डे प्रधान द्वारा नंदीग्राम उपचुनाव से अपना नामांकन वापस लेने के कुछ ही समय बाद हुई। इसके बाद, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस को अपनी पार्टी का समर्थन देने की घोषणा की।

मिलन प्रधान हत्या के मामले गिरफ्तार

पूर्व मेदिनीपुर जिले के पुलिस अधिकारी के अनुसार, कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान हत्या के एक पुराने मामले में आरोपी हैं। अधिकारी ने बताया कि उनके खिलाफ पहले ही वारंट जारी किया जा चुका था और इसी सिलसिले में शुक्रवार को उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, मिलन प्रधान को पुराने मामलों में गिरफ्तार किया गया है। मिलन प्रधान के खिलाफ चार गिरफ्तारी वारंट जारी हुए हैं, जिनमें तीन हत्या के मामले और एक आर्म्स एक्ट के मामले में जारी किया गया।

ममता बनर्जी के उम्मीदवार ने अपना नामांकन लिया वापस 

दरअसल शुक्रवार को पहले ममता बनर्जी की पार्टी TMC की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नबन्ना में मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उसके बाद अपना नामांकन वापस ले लिया; नतीजतन, नंदीग्राम उपचुनाव के लिए बनर्जी खेमे के पास अब कोई उम्मीदवार नहीं बचा है। ममता गुट ने नंदीग्राम सीट के लिए संचिता प्रधान डे पर भरोसा जताया था और उन्हें चुनावी मैदान में उतारा था। इसके बाद, ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को अपना समर्थन देने की घोषणा की थी। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

यह भी पढ़ेंः-चुनाव आयोग ने ममता और ऋतब्रत गुट को नए नाम व चिह्न दिए, उपचुनाव में होंगे इस्तेमाल

 कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी ने मचाई सियासी हलचल

उधर उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनाव से पहले विपक्ष को खत्म करना चाहती है। पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (WBPCC) के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने मीडिया को बताया कि मिलन प्रधान के खिलाफ अचानक मामला दर्ज किया गया और उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

उन्होंने सवाल किया, "इस तरह बीजेपी पश्चिम बंगाल में एक-दलीय शासन स्थापित करने की कोशिश कर रही है। क्या इस राज्य या देश में कोई विपक्षी राजनीति नहीं होगी?" सरकार ने अपनी पार्टी के उम्मीदवार की गिरफ्तारी के पीछे राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया। हालांकि, बीजेपी के पूर्व मेदिनीपुर जिला नेतृत्व ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी का कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी से कोई लेना-देना नहीं है।

दो सीटों पर होगा उपचुनाव

बता दें कि नंदीग्राम के अलावा, मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट के लिए भी उपचुनाव होना है। दोनों सीटों के लिए मतदान 6 अक्टूबर को होगा और नतीजे 9 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। विधानसभा चुनावों में, सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से जीत हासिल की थी। उन्होंने इस मुकाबले में पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को हराया था। इसके बाद, उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखने का फ़ैसला किया और नंदीग्राम सीट खाली छोड़ दी, जिससे वहां उपचुनाव की जरूरत पड़ गई।

बीजेपी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ को अपना उम्मीदवार बनाया है। वह चंद्रनाथ रथ की मां हैं, जो सुवेंदु अधिकारी के निजी सहयोगी थे और जिनकी 6 मई को नॉर्थ 24 परगना में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के कुछ ही समय बाद हुई थी। हसीरानी रथ की उम्मीदवारी ने चुनाव प्रचार में एक भावनात्मक पहलू भी जोड़ दिया है।

ये भी पढ़ेंः- By-election: ममता बनर्जी ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप, कांग्रेस को दिया समर्थन

अन्य प्रमुख खबरें