संसद परिसर के बाहर नाटक पर बढ़ी रार, सत्तापक्ष और विपक्ष में चल रहे शब्द बाण, राहुल गांधी से मांफी की मांग

खबर सार :-

संसद परिसर के बाहर राम मंदिर चंदा चढ़ावा मामले के विरोध में किए गए एक प्रतीकात्मक नाटक को लेकर अभी राजनीतिक माहौल गरम है। इसी नाटक के सिलसिले में एफआईआर दर्ज की गई है।
जहां-जहां जाएंगे राहुल गांधी, भाजपा उनका करेगी विरोध

खबर विस्तार : -

लखनऊ : संसद परिसर के बाहर राम मंदिर चंदा चढ़ावा मामले के विरोध में किए गए एक प्रतीकात्मक नाटक को लेकर अभी राजनीतिक माहौल गरम है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और सपा सांसद अवधेश प्रसाद पर इसी नाटक के सिलसिले में एफआईआर दर्ज की गई है। इस एफआईआर का कांग्रेस और सपा के नेता विरोध कर रहे हैं। रार इतनी बढ़ी है कि सनातन के पक्ष में भाजपा के लोगों के साथ संत समाज खुलकर आ गया है। सनातन धर्म के अपमान और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया जा रहा है। मुकदमे के बाद समाजवादी पार्टी के विधायकों ने तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू कर दी हैं। 

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि राहुल गांधी सनातन मानने वालों से माफी मांगें। उन्होंने ऐसा नहीं किया तो देशभर में जहां-जहां वे जाएंगे, वहां उनका विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत की जनता अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत व आस्थाओं का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उधर सपा विधायक अंकित भारती ने आरोप लगाया और कहा कि हम लगातार देख रहे हैं कि मौजूदा सरकार किस तरह धर्म के नाम पर लोगों को बांट रही है। सनातन का अपमान विषय पर उन्होंने कहा कि धर्म की उनकी परिभाषा कुछ अलग है। 

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सपा ने लगाया सरकार पर डराने का आरोप

सीबीआई, ईडी और एफआईआर के दुरूपयोग पर कहा कि उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया जाता है। उन्होंने सरकार को घेरते हुए बताया कि विपक्ष मजबूत है और उनकी खोखली बयानबाजी से डरता नहीं है। मुकदमे के विरोध में रामअवतार सैनी ने कहा, यह एकतरफा कार्रवाई करने का काम हो रहा है। सपा विधायक मुकेश वर्मा ने भी राम मंदिर से जुड़े सवाल उठाए। कहा कि मंदिर किसने बनवाया? मंदिर ट्रस्ट किसने बनाया? ट्रस्ट के सदस्य किसने चुने? मंदिर का ध्वज किसने फहराया? मंदिर का उद्घाटन किसने किया? इनका उत्तर सरकार के पास नहीं है। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने भी मौके का फायदा उठाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार नफरत और बदले की भावना से विपक्ष के नेताओं पर झूठे केस दर्ज करके जनता और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। दावा करते हुए कहा कि राम मंदिर में हजारों करोड़ रुपए की चोरी हुई है।  

संजय सरावगी ने सपा और कांग्रेस को सनातन विरोधी बताया

इसके जवाब में भाजपा के कई नेताओं के साथ उनके सहयोगी दलों के लोग भी मुखर हैं। पटना से राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर संसद परिसर में विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन की निंदा की गई है। भाजपा का कहना है कि राहुल गांधी तथा पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के खिलाफ दर्ज एफआईआर कानूनन सही है। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने सपा और कांग्रेस को सनातन विरोधी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान सनातन संस्कृति, हिंदू परंपराओं और साधु-संतों का उपहास किया गया। देश की जनता इसका जवाब देगी। संजय सरावगी ने कहा कि जिस तरह राहुल गांधी, पप्पू यादव और विपक्ष के अन्य नेताओं ने संसद परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया, उससे करोड़ों हिंदुओं का अनादर किया है। 

कई जिलों में सनातन विरोधियों के खिलाफ उतरा संत समाज

लखनऊ, बनारस, अयोध्या में सनातन संस्कृति और साधु-संतों के मजाक को भारत की सांस्कृतिक परंपरा का अपमान बताया गया है। विपक्ष को जवाब देते हुए कहा कि साधु-संत सदियों से भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा के प्रतीक रहे हैं। इस तरह से उनका उपहास उड़ाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। बता दें कि इस पूरे घटनाक्रम को देशभर के लोगों ने देखा। लोकसभा अध्यक्ष ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। संत समाज ने राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। राहुल गांधी के रुख पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा। सभी राज्यों के हितों का ध्यान रखा जाएगा। सरावगी ने स्पष्ट किया कि जब दक्षिण भारतीय राज्यों को भरोसा हो गया है कि उनके साथ संतुलित व्यवहार होगा, तब राहुल गांधी अपना रुख बदल रहे हैं। 

ओम प्रकाश राजभर ने कहा, विपक्ष भुगतेगा परिणाम

इधर यूपी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने संसद में कार्यवाही को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। कहा कि समाजवादी पार्टी हो या कांग्रेस, जब भी उन्हें सीधे सामना करना पड़ा, वे सदन छोड़कर चले गए। उन्होंने कहा कि दोनों में सीधे बात करने का साहस नहीं है। संसद के बाहर उन्होंने जो भी किया है, उसके परिणाम उन्हें भुगतने होंगे। यूपी सरकार में मंत्री जयवीर सिंह ने विपक्ष को नियमों का हवाला दिया। कहा कि संसद में कार्यवाही के दौरान अध्यक्ष द्वारा चर्चा के लिए जिन भी मामलों को स्वीकार किया जाएगा, सरकार उन सभी का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सनातन का अपमान करने वालों को अच्छा जवाब दिया जाएगा।

FAQ ...

1. क्या संसद के बाहर विपक्ष का नाटक उचित था?

संसद परिसर में सांसदों के इस आचरण की निंदा की जा रही है। पूरे देश में सनातन को मानने वाले खुद को अपमानित मान रहे हैं। भाजपा के साथ साधु संत समाज इस कृत्य की निंदा कर रहा है। 

2. क्या मुकदमा को लेकर विपक्ष के आरोप सही हैं?

विपक्ष कह रहा है कि भाजपा सरकार मुकदमों में फंसाने का काम करती है। इसीलिए संसद परिसर में नाटक करने वालों पर मुकदमा किया गया है। यह मामला कोर्ट में है। अदालत में ही सही और गलत का फैसला हो पाएगा।

3. नाटक में मुख्य रूप से कितने लोग शामिल थे?

नाटक में मुख्य रूप से 05 लोग शामिल थे। इसमें एक महिला भी थी। लेकिन उसका मुकदमे में नाम नहीं है। सपा और कांग्रेस के साथ निर्दल सांसद ने इसमें भूमिका अदा की है।

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