राहुल गांधी का सरकार पर हमला, बोले- माफी नहीं मांगूंगा, छात्रों पर पैलेट गन चलाने के लिए अमित शाह जिम्मेदार
खबर सार :-
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया तथा पेपर लीक कानून पर भी सवाल उठाए।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। संसद परिसर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें लोकसभा में अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने दावा किया कि उनसे कहा गया था कि यदि वे गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ दिए गए अपने बयान पर माफी मांग लें तो उन्हें सदन में बोलने दिया जाएगा, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को संसद में उठाना उनका संवैधानिक अधिकार है। उनका आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है और संसद के भीतर लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन नहीं किया जा रहा है।
मुझे बोलने का मौका नहीं दिया गया
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने कई बार लोकसभा अध्यक्ष से सदन में व्यवस्था बहाल करने और उन्हें अपनी बात रखने का अवसर देने का अनुरोध किया। उनके अनुसार, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित सरकार के कई मंत्रियों को बार-बार बोलने का मौका मिला, लेकिन उन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि एक विपक्षी नेता के तौर पर उनका कर्तव्य है कि वे जनता के मुद्दों को संसद में रखें, लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोका गया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाना उचित नहीं है और इससे संसदीय व्यवस्था कमजोर होती है।
भाजपा और आरएसएस से कभी माफी नहीं मांगूंगा
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनसे यह संदेश दिया गया कि यदि वे गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए बयान पर माफी मांग लें तो उन्हें सदन में बोलने का अवसर मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि मुझे कहा गया कि अगर मैं माफी मांग लूं तो मुझे बोलने दिया जाएगा। लेकिन मैं भाजपा, आरएसएस या उनसे जुड़े किसी भी व्यक्ति से कभी माफी नहीं मांगूंगा। नेता प्रतिपक्ष होने के नाते देश के महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाना मेरा अधिकार है और मैं यह अधिकार किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ूंगा।" उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना और जनता की समस्याओं को सामने लाना है, न कि दबाव में आकर चुप बैठ जाना।
दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा उठाया
राहुल गांधी ने कहा कि इस समय उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण विषय दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया और पुलिस ने भीड़ नियंत्रण के लिए पैलेट गन का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि छात्रों पर सिर्फ सामान्य लाठीचार्ज नहीं किया गया, बल्कि पैलेट गन, कीलों वाली लाठियों और इलेक्ट्रिक बैटन का भी इस्तेमाल किया गया। राहुल गांधी ने दावा किया कि इस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए हैं और एक छात्र की आंख में पैलेट लगने के कारण उसकी रोशनी जाने की आशंका है।
एम्स के मेडिकल सर्टिफिकेट का किया जिक्र
राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्होंने घायल छात्र का एम्स का मेडिकल सर्टिफिकेट देखा है, जिसमें पैलेट लगने की पुष्टि की गई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर इस तरह की कार्रवाई हुई है तो यह बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि एक छात्र की आंख में पैलेट लगी है और संभव है कि उसकी आंख की रोशनी चली जाए। मैंने एम्स का मेडिकल सर्टिफिकेट देखा है, जिसमें पैलेट लगने की पुष्टि हुई है। सिर्फ सामान्य लाठी नहीं, बल्कि कीलों वाली लाठियों और इलेक्ट्रिक बैटन का भी इस्तेमाल किया गया।" राहुल गांधी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों की आवाज को इस प्रकार बल प्रयोग के जरिए दबाना स्वीकार्य नहीं हो सकता।
अमित शाह पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने सीधे गृह मंत्री अमित शाह को इस पूरे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है और ऐसी किसी भी कार्रवाई की जवाबदेही अंततः गृह मंत्री की होती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करती है, इसलिए पैलेट गन जैसे हथियारों का इस्तेमाल गृह मंत्रालय की जानकारी या अनुमति के बिना नहीं हो सकता। राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्होंने संसद भवन के भीतर स्वयं गृह मंत्री अमित शाह को पुलिस अधिकारियों से फोन पर बातचीत करते देखा। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को भी लगातार फोन कॉल आ रहे थे, जिससे यह संकेत मिलता है कि सरकार को सड़क पर हो रही घटनाओं की पूरी जानकारी थी।
गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार
राहुल गांधी ने कहा कि इस पूरे मामले में केवल दो संभावनाएं हो सकती हैं। पहली, गृह मंत्री अमित शाह ने स्वयं पैलेट गन, कीलों वाली लाठियों और इलेक्ट्रिक बैटन के इस्तेमाल का आदेश दिया हो। दूसरी, उन्हें अपने ही मंत्रालय के तहत हो रही कार्रवाई की जानकारी न हो। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने आदेश दिया तो वे इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार हैं और अगर उन्हें जानकारी नहीं थी तो वे अपने मंत्रालय को संभालने में अयोग्य हैं। दोनों ही स्थितियों में उन्हें अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।"
जवाब देने से बच रहे हैं गृह मंत्री
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर लोकसभा में जवाब देने नहीं आए क्योंकि वे जवाबदेही से बचना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हुई कथित हिंसा और पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों के साथ-साथ राजनीतिक स्तर पर भी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार को संसद और जनता दोनों के प्रति जवाबदेह होना पड़ता है और विपक्ष का कर्तव्य है कि वह ऐसे मामलों पर सरकार से सवाल पूछे।
पेपर लीक कानून पर भी उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने पेपर लीक रोकने के लिए बनाए गए सख्त कानूनों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल कठोर कानून बना देने से समस्या समाप्त नहीं होगी। आवश्यकता इस बात की है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई हो और युवाओं का सरकार पर भरोसा बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को रोजगार, शिक्षा और निष्पक्ष परीक्षाओं की आवश्यकता है। यदि पेपर लीक जैसी घटनाएं लगातार होती रहेंगी तो इससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा।
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