उज्जैन में 3 विदेशी जोड़ों ने हिंदू रीति-रिवाज से रचाई शादी, स्पेन-इटली और इंग्लैंड से आए कपल ने निभाई सभी वैदिक रस्में

खबर सार :-

उज्जैन में विदेशी नागरिकों के हिंदू रीति-रिवाजों से शादी करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। दिसंबर 2024 में, इटली, अमेरिका और पेरू के तीन विदेशी जोड़ों ने भी शादी की थी।
उज्जैन में सात समंदर पार से आए 3 विदेशी जोड़ों ने हिंदू रीति-रिवाज से की शादी

खबर विस्तार : -

Foreign Couples Married Ujjain: मध्य प्रदेश के महाकाल की नगरी उज्जैन में इन दिनों एक अनोखी और भव्य शादी चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां शादी करने वाले जोड़े भारतीय नहीं, बल्कि सात समंदर पार से आए तीन विदेशी जोड़ों ने सनातन परंपरा को अपनाते हुए हिंदू वैदिक रीति-रिवाजों से विवाह किया। इटली, स्पेन और इंग्लैंड से आए ये तीनों विदेशी कपल वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और विवाह के पवित्र बंधन में बंध गए।

विदेशी जोड़ों ने अग्नि को साक्षी मानकर लिए सात फेरे

दरअसल अलग-अलग देशों से भारत आने वाले विदेशी न केवल भारतीय जीवनशैली और सांस्कृतिक मूल्यों से प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि उन्हें अपना भी रहे हैं। इसका एक हालिया उदाहरण मध्य प्रदेश के महाकाल की नगरी उज्जैन में देखने को मिला। शनिवार रात, इटली, स्पेन और इंग्लैंड के तीन विदेशी जोड़ों की शादी हिंदू वैदिक परंपराओं के अनुसार हुई।

वैदिक परंपराओं के अनुसार शादी की रस्में शनिवार शाम 6 बजे उज्जैन के निनोरा स्थित आनंदमय वेलनेस रिट्रीट में शुरू हुईं और देर रात तक चलती रहीं। वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच, तीनों जोड़ों ने पवित्र अग्नि को साक्षी मानकर सात पवित्र वचन  लिए और जीवन भर साथ रहने का संकल्प लिया।

विदेशी कपल ने रखे आध्यात्मिक नाम 

खास बात यह है कि तीनों जोड़े डॉ. ओमानंद गुरुजी (Dr. Omanand Guruji) के शिष्य हैं। योग, ध्यान और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से प्रभावित होकर, इन विदेशी साधकों ने अपने जीवन में सनातन परंपरा को अपनाया है। उन्होंने भारतीय आध्यात्मिक नाम भी अपनाए हैं। इस समारोह में, इटली से आई ईवा ने 'मां दर्पण आनंद' और उनके साथी मास्सिमिलियानो ने 'बलराम आनंद' नाम से विवाह संस्कार पूरा किया। 

इटली के ही दूसरे जोड़े, जेसिका और लुका ने भी सनातन परंपरा को अपनाते हुए हिन्दू रीति-रिवाजों के अनुसार 'सात फेरे' लिए। जेसिका ने 'मां सीता आनंद' जबकि लुका ने 'राम आनंद' नाम से आध्यात्मिक पहचान अपनाई।  इसके अलावा वहीं स्पेन की इन्मा ने 'मां शांति आनंद' और इंग्लैंड के मार्क ने प्रकाशानंद नाम के साथ हिन्दू परंपरा के अनुसार विवाह किया और सभी वैदिक रस्में निभाई।

  1. इटली का कपल: ईवा (मां दर्पण आनंद) और मास्सिमिलियानो (बलराम आनंद)।
  2. इटली का दूसरा जोड़ा: जेसिका (मा सीता आनंद) और लुका (राम आनंद)।
  3. स्पेन-इंग्लैंड का कपल: स्पेन की इन्मा (मा शांति आनंद) और इंग्लैंड के मार्क (प्रकाशानंद)।

foreign-couples-wedding

विवाह को रस्म नहीं, संस्कार मानते हैं

डॉ. ओमानंद गुरुजी के अनुसार, विदेशी आध्यात्मिक साधकों के लिए भारतीय शादी सिर्फ एक सामाजिक या कानूनी प्रक्रिया नहीं है। भारतीय परंपरा में शादी को दो परिवारों और दो आत्माओं के बीच जीवन भर का बंधन माना जाता है। ये विदेशी साधक 'सात फेरे' के दौरान ली जाने वाली प्रतिज्ञाओं और परिवार को महत्व देने व जीवन भर रिश्तों को निभाने की भारतीय संस्कृति से बहुत प्रभावित हैं। यही कारण है कि योग और आध्यात्मिकता के लिए भारत आने वाले कई विदेशी अब भारतीय सांस्कृतिक रीति-रिवाजों को अपने जीवन में अपना रहे हैं।

विदेशी मेहमानों ने बारात में जमकर किया डांस

शादी के जश्न के दौरान, विदेशी दूल्हा-दुल्हन और बारात में शामिल अन्य मेहमान भारतीय परिधानों में नजर आए। हल्दी और मेहंदी की रस्मों के दौरान, सभी विदेशी मेहमान भारतीय भजनों और गानों की धुन पर जोश के साथ झूमते-नाचते हुए दिखे। 

महाकाल का आध्यात्मिक माहौल खींच रहा ध्यान

गौरतलब है कि उज्जैन जो दुनिया भर में मशहूर ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर का शहर है लंबे समय से भारत और विदेशों के आध्यात्मिक साधकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। मंदिर, योग, ध्यान और सनातन परंपराओं से बने माहौल की वजह से विदेशी साधक यहां खिंचे चले आते हैं। इस आध्यात्मिक माहौल के बीच, इन तीनों जोड़ों ने अपने देशों के बजाय उज्जैन में वैदिक रीति-रिवाजों से शादी करने का फैसला किया। उनके लिए, यह सिर्फ़ शादी की रस्म नहीं, बल्कि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ने का एक अनुभव था।

2024 में भी 3 विदेशी जोड़ों ने की थी शादी

उज्जैन में हिंदू रीति-रिवाजों से विदेशी नागरिकों की शादी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले, दिसंबर 2024 में इटली, अमेरिका और पेरू के तीन विदेशी जोड़ों ने निनोरा स्थित परमानंद योग आश्रम में वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच 'सात फेरे' लिए थे। यह दूसरी बार है जब उज्जैन के इस आश्रम में तीन विदेशी जोड़ों की शादी भारतीय परंपराओं के अनुसार हुई है।

ये भी पढ़ेंः- उज्जैन: राजा स्वरूप में सजे महाकाल, 'बम भोले' के लगे जयकारे

अन्य प्रमुख खबरें