मिनी नंदिनी योजनाः ई-लॉटरी पर उठे सवाल, तीन महिला लाभार्थियों का चयन अधर में

खबर सार :-

झांसी में मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की ई-लॉटरी किसानों के विरोध और तकनीकी खामी के चलते पूरी नहीं हो सकी। तीन महिलाओं का चयन हुआ, बाकी लाभार्थियों के चयन के लिए मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा गया है।
मिनी नंदिनी योजना: ई-लॉटरी पर उठे सवाल, अधर में चयन

खबर विस्तार : -

झांसी: जनपद में संचालित मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया शुक्रवार को उस समय सवालों के घेरे में आ गई, जब किसानों ने ई-लॉटरी की पारदर्शिता पर आपत्ति जताई। विकास भवन सभागार में लाभार्थियों के चयन के लिए आयोजित लॉटरी प्रक्रिया किसानों के विरोध और कुछ तकनीकी खामियों के चलते पूरी नहीं हो सकी। हालांकि प्रक्रिया के दौरान तीन महिला लाभार्थियों का चयन हो गया, लेकिन शेष लाभार्थियों का चयन नहीं किया जा सका। अब विभाग ने पूरी प्रक्रिया को दोबारा कराने के लिए मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा है।

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत जून से जुलाई के अंत तक किसानों से आवेदन मांगे गए थे। विभाग के अनुसार करीब डेढ़ महीने तक चली आवेदन प्रक्रिया में लगभग 450 आवेदन प्राप्त हुए। आवेदनों की जांच के बाद 252 किसानों को योजना के लिए पात्र पाया गया। उपलब्ध विवरण के मुताबिक पात्र आवेदकों में 69 महिलाएं और 143 पुरुष शामिल थे। योजना के निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कुल छह लाभार्थियों का चयन किया जाना था, लेकिन ई-लॉटरी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

किसानों ने उठाए पारदर्शिता पर सवाल

शुक्रवार को विकास भवन सभागार में ई-लॉटरी शुरू होने के दौरान मौजूद किसानों ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। किसानों की आपत्तियों के बीच तकनीकी समस्या भी सामने आई, जिसके चलते विभाग को प्रक्रिया बीच में ही रोकनी पड़ी। तीन महिलाओं का चयन होने के बाद अन्य लाभार्थियों का चयन नहीं हो सका। इस स्थिति के बाद अब विभाग के सामने यह भी सवाल है कि ई-लॉटरी में चयनित तीन महिला लाभार्थियों को आगे होने वाली चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा या नहीं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में मुख्यालय से मिलने वाले मार्गदर्शन के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल चयन प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट नहीं है।

दोबारा होगी ई-लॉटरी

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी झांसी डॉ. संजय कुमार सिंह ने बताया कि कुछ तकनीकी खामी के कारण ई-लॉटरी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोबारा चयन प्रक्रिया कराने के लिए मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा गया है। मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद उसी के अनुरूप पुनः ई-लॉटरी कराई जाएगी। विभाग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती चयन प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा कराने की है, ताकि पात्र किसानों को योजना का लाभ मिल सके और चयन को लेकर किसी तरह की आशंका न रहे।

23 लाख से अधिक की डेयरी यूनिट स्थापित करने का प्रावधान

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत लाभार्थी को 10 स्वदेशी नस्ल की गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए करीब 23.60 लाख रुपये की परियोजना लागत निर्धारित है। सरकार परियोजना लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम 11.80 लाख रुपये तक अनुदान देती है। शेष राशि में लाभार्थी का 15 प्रतिशत अंश और 35 प्रतिशत बैंक ऋण शामिल होता है। योजना में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। इसके अलावा आवेदक के पास पशुपालन का कम से कम तीन वर्ष का अनुभव होना चाहिए। करीब 0.20 एकड़ भूमि की उपलब्धता भी जरूरी है। योजना के तहत गोवंश का टैग और बीमा कराना अनिवार्य है। लाभार्थी को शुरुआत में अपनी ओर से करीब 3.30 लाख रुपये की राशि लगाने की जरूरत होती है।

योजना का उद्देश्य स्वदेशी नस्ल के गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के साथ किसानों की आय बढ़ाना तथा ग्रामीण क्षेत्र में डेयरी आधारित स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। ऐसे में चयन प्रक्रिया पर उठे सवालों के बाद विभाग अब मुख्यालय के निर्देश का इंतजार कर रहा है। निर्देश मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पहले चरण में चयनित तीन महिला आवेदकों की स्थिति क्या रहेगी और शेष लाभार्थियों के चयन के लिए ई-लॉटरी किस प्रक्रिया के तहत दोबारा कराई जाएगी।

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