खड़दह में ‘रंगदारी’ विवाद पर भाजपा के दो गुट भिड़े, दो स्थानीय नेता गिरफ्तार

खबर सार :-

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना के खड़दह में कथित रंगदारी वसूली को लेकर भाजपा के दो गुटों में हिंसक झड़प हुई। पुलिस ने इंद्रनील कुमार दास और हिमाद्री सिकदर को गिरफ्तार किया।
पश्चिम बंगाल: रंगदारी वसूली को लेकर भाजपा के दो गुटों में झड़प

खबर विस्तार : -

कोलकाताः पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के खड़दह में कथित ‘रंगदारी’ वसूली को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो गुटों के बीच विवाद सोमवार को हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के बाद पुलिस ने थाने के बाहर प्रदर्शन करने के आरोप में भाजपा के दो स्थानीय नेताओं इंद्रनील कुमार दास और हिमाद्री सिकदर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, झड़प में तीन भाजपा कार्यकर्ताओं के घायल होने की सूचना है। मामले की जांच जारी है। 

पुलिस ने शांत कराया मामला

घटना बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खड़दह के पाटुलिया इलाके की बताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर विवाद एक मछली पालन केंद्र से कथित तौर पर पैसे वसूले जाने के आरोप को लेकर चल रहा था। सोमवार को दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। तनाव बढ़ने के बाद पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित करनी पड़ी। भाजपा नेता इंद्रनील कुमार दास ने आरोप लगाया कि खड़दह मंडल-3 के उपाध्यक्ष हिमाद्री सिकदर मछली पालन केंद्र से हर महीने कथित तौर पर पैसे वसूल रहे थे। दास के मुताबिक, उन्होंने जब इस कथित वसूली को लेकर सिकदर से सवाल किया तो दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। बाद में यह विवाद सार्वजनिक स्थान तक पहुंच गया और स्थानीय इलाके में तनाव फैल गया। 

जिम्मेदारों की पहचान जारी

घटना के दौरान बम फेंके जाने का आरोप भी सामने आया है। भाजपा कार्यकर्ताओं का दावा है कि झड़प में घायल लोगों को जब स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, तब वहां भी कथित तौर पर बम फेंका गया। हालांकि, बम फेंके जाने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है। उपलब्ध रिपोर्टों में पुलिस ने झड़प की पुष्टि की है, लेकिन हिंसा की पूरी परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए जांच किए जाने की बात कही गई है। हिंसा की सूचना मिलने के बाद रहड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता रहड़ा थाने के बाहर एकत्र हुए और घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। पुलिस ने बाद में इंद्रनील कुमार दास और हिमाद्री सिकदर को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, दोनों गुटों के बीच हुई झड़प की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

दोनों नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप

घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए हैं। सिकदर के समर्थकों ने दास के भाजपा से जुड़े होने पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वह खुद को भाजपा नेता बताते हैं, लेकिन पार्टी से उनका कोई संबंध नहीं है। उनका यह भी आरोप है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लिए काम करने वाले कुछ लोग अब भाजपा के नाम का इस्तेमाल कर कथित तौर पर रंगदारी वसूल रहे हैं। ये आरोप फिलहाल राजनीतिक पक्षों के दावे हैं और पुलिस जांच के निष्कर्ष से इनकी स्वतंत्र पुष्टि होनी बाकी है।  दूसरी ओर, इंद्रनील कुमार दास ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वह टीएमसी से कभी जुड़े नहीं रहे और उन्होंने राज्य मंत्री कल्याण मुखर्जी के चुनाव एजेंट के रूप में काम किया था। दास ने दोहराया कि विवाद का मुख्य कारण मछली पालन केंद्र से कथित वसूली का मुद्दा था और उन्होंने इसी को लेकर सिकदर से सवाल किया था। 

स्थानीय विवाद पर नजर

स्थानीय भाजपा के एक धड़े ने इस घटना को पार्टी के भीतर की गुटबाजी के तौर पर पेश किए जाने पर भी आपत्ति जताई है। इस वजह से मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ-साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि वास्तविक विवाद की शुरुआत किस मुद्दे से हुई और हिंसा के दौरान किन लोगों की भूमिका रही। यह घटना ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल में भाजपा की नई सरकार के गठन के कुछ ही महीने हुए हैं। हालांकि, इस घटना को राज्य में पार्टी की व्यापक राजनीतिक स्थिति से जोड़ने से पहले स्थानीय विवाद और पुलिस जांच के निष्कर्षों को ध्यान में रखना जरूरी है। फिलहाल पुलिस का मुख्य ध्यान हिंसा की पूरी कड़ी, कथित बमबाजी और दोनों पक्षों की भूमिका की जांच पर है।

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