पितृ पक्ष के दौरान 'मोक्षस्थली' गया-जी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़; एक ही दिन में 4.56 लाख तीर्थयात्री पहुंचे

खबर सार :-

बिहार के गयाजी में पितृ पक्ष के 10वें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। पितरों का तर्पण व पिंडदान करने देशभर से 4.56 तीर्थयात्री ‘मोक्षस्थली’ गयाजी आए।
गयाजी में एक दिन में पहुंचे 4.56 लाख श्रद्धालु, प्रशासन अलर्ट

खबर विस्तार : -

गया: पितृ पक्ष के 10वें दिन दुनियाभर में 'मोक्षस्थली' के तौर पर मशहूर बिहार के गया-जी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार को 4.56 लाख श्रद्धालु, तीर्थयात्री और 'पिंड-दानी' (पूर्वजों की पूजा-अर्चना करने वाले) प्रेतशिला, रामशिला, सीताकुंड, देवघाट और विष्णुपद मंदिर समेत कई पूजा स्थलों पर पहुंचे। इसके साथ ही, पितृ पक्ष मेले की शुरुआत से अब तक गया-जी आने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 37,50,200 हो गई है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए, ज़िला प्रशासन ने सुरक्षा, आसानी से दर्शन, साफ-सफाई और मेडिकल सुविधाओं पर खास ध्यान दिया है।

जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, देवघाट पर होने वाले लेजर शो को अगली सूचना तक टाल दिया गया है। यह फैसला रविवार शाम को भीड़ में अचानक हुई बढ़ोतरी और गया-जी डैम पर बने फुट-ओवर ब्रिज पर अत्यधिक दबाव के कारण लिया गया। गया के जल संसाधन विभाग ने फुट-ओवर ब्रिज पर भीड़ के भारी दबाव को लेकर अलर्ट जारी किया था, जिसके बाद गया-जी नगर निगम ने शो को टालने का फैसला किया।

डीएम ने किया मेला क्षेत्रों का निरीक्षण

इस बीच, सोमवार को जिला मजिस्ट्रेट शशांक शुभंकर ने विष्णुपद मंदिर और आस-पास के मेला क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर के बाहरी परिसर, गर्भगृह, निकास द्वार, घाटों, श्मशान घाट, गया कूप वेदी (पूजा स्थल) और सनवास सदन में बने कंट्रोल रूम व मेडिकल कैंप का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से भीड़ प्रबंधन, तीर्थयात्रियों की आवाजाही, साफ-सफाई, सुरक्षा और मेडिकल सुविधाओं के बारे में जानकारी ली और दर्शन को सुगम और सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, मध्य प्रदेश की एक बुजुर्ग महिला श्रद्धालु को विष्णुपाद मंदिर के निकास द्वार के पास भीड़ के कारण परेशानी हुई। जिला मजिस्ट्रेट ने खुद उनकी मदद की, उन्हें सहारा दिया और सुरक्षित जगह पर बैठने में सहायता की। उन्होंने उन्हें पानी दिया और उनका हाल-चाल पूछा। इसके बाद, मेडिकल टीम को स्वास्थ्य जांच करने और जरूरत के हिसाब से ग्लूकोज और दवा देने के निर्देश दिए गए।

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डीएम बोले- पिंड वेदियों की नियमित हो सफाई

जिला मजिस्ट्रेट (DM) ने अधिकारियों को बुजुर्ग, महिला और कमजोर तीर्थयात्रियों पर खास ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत हो, तो दर्शन के बाद तीर्थयात्रियों को सुरक्षित रूप से निकास द्वार तक पहुंचाया जाए और स्टाफ धक्का-मुक्की या फिसलने जैसी स्थितियों को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम करे। जिला मजिस्ट्रेट ने सभी पिंड-वेदी स्थलों की नियमित सफाई और घाटों व नदी के किनारे वाले इलाकों में लगातार सफाई अभियान चलाने का आदेश दिया। धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए नदी की सफाई बनाए रखने के लिए, नदी में विसर्जित की गई पूजा-सामग्री को जाल और फिल्टरेशन सिस्टम से हटाने के निर्देश दिए गए। कंट्रोल रूम से CCTV के जरिए मेले के मैदान की लगातार निगरानी करने और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए गए।

अनाधिकृत वाहनों की पार्किंग पर रोक लगाने के निर्देश

दाह-संस्कार घाट के पास VIP पार्किंग क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए, DM ने अनाधिकृत वाहनों की पार्किंग पर रोक लगाने और वाहनों को तय पार्किंग जोन में भेजने का आदेश दिया। मेले के कामकाज के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को 11,349 तीर्थयात्रियों ने चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाया, जिससे अब तक चिकित्सा सेवाएं पाने वाले लोगों की कुल संख्या 112,049 हो गई है। 'खोया-पाया' (Lost and Found) सेल ने 134 लोगों को उनके परिवारों से मिलाया, जिससे परिवारों से फिर से मिलने वालों की कुल संख्या 852 हो गई है।

टेंट सिटी में रह रहे 11,378 तीर्थयात्री

सोमवार को गांधी मैदान में बने टेंट सिटी में 1,158 लोग रुके, जिससे अब तक वहां रहने वालों की कुल संख्या 11,378 हो गई है। तीर्थयात्रियों को गंगाजल के कुल 6,750 पैकेट बांटे गए, जिससे अब तक बांटे गए पैकेटों की कुल संख्या 46,911 हो गई है। सुरक्षा के लिहाज से 1,234 लोगों मुख्य रूप से बच्चों और बुजुर्गों को रिस्टबैंड दिए गए, जिससे अब तक बांटे गए रिस्टबैंड की कुल संख्या 10,619 हो गई है। प्रशासन ने कहा है कि देश और विदेश से आने वाले हर तीर्थयात्री के लिए सुरक्षित, सुलभ और सम्मानजनक माहौल देना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

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