उत्तराखंड में 53 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने की चार धाम यात्रा, बद्रीनाथ-गंगोत्री में टूटे पुराने रिकाॅर्ड
खबर सार :-
उत्तराखंड में चार धाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की संख्या ने पिछले रिकाॅर्ड तोड़ दिए हैं। इस सीजन में अब तक 53 लाख से अधिक श्रद्धालु आ चुके हैं, पिछले साल यह संख्या 46 लाख थी।
खबर विस्तार : -
देहरादून: उत्तराखंड में चार धाम यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या इस सीजन में लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। राज्य सरकार के अनुसार, इस सीजन में अब तक 53 लाख 23 हजार 401 तीर्थयात्रियों ने चार धाम के दर्शन किए हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या लगभग 46 लाख थी।
बद्रीनाथ और गंगोत्री धाम आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बद्रीनाथ धाम में अब तक 18.1 लाख तीर्थयात्री आ चुके हैं, जबकि गंगोत्री धाम आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 8.41 लाख तक पहुंच गई है, जो इस धाम के लिए एक नया रिकॉर्ड है। अब तक 7.5 लाख से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने यमुनोत्री धाम और 15.57 लाख तीर्थयात्रियों ने केदारनाथ धाम के दर्शन किए हैं। यात्रा सीजन में अभी लगभग डेढ़ महीना बाकी है, इसलिए उम्मीद है कि पिछले वर्षों की तुलना में तीर्थयात्रियों की कुल संख्या और बढ़ेगी।
श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा को लेकर भी उत्साह
श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा को लेकर भी तीर्थयात्रियों में काफी उत्साह है; वहां आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 352,765 तक पहुंच गई है, जो हाल के वर्षों की तुलना में ज्यादा है। राज्य सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में चार धाम यात्रा पूरी सावधानी और लगातार निगरानी के साथ आयोजित की जा रही है, और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग 24 घंटे अलर्ट पर
चार धाम यात्रा से जुड़े रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में आपदा प्रबंधन विभाग को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है। यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। राज्य सरकार के अनुसार, यात्रा का पहला चरण सफल रहा और दूसरे चरण में भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्री आ रहे हैं; इसलिए, यात्रा मार्गों और संबंधित जिलों में ज़रूरी इंतजाम किए गए हैं। राज्य और जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी चार धाम यात्रा की व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। संबंधित ज़िलों में आपदा प्रबंधन तंत्र को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।
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चारधाम यात्रा को स्वच्छ बनाने की मुहिम
उत्तराखंड सरकार की चार धाम यात्रा को साफ-सुथरा और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की पहल के तहत, यात्रा के मौसम में अब तक लगभग 798 टन कचरा इकट्ठा किया गया है। केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री में नगर पंचायतें सफाई के लिए विशेष अभियान चला रही हैं, जबकि यमुनोत्री में सफ़ाई की जिम्मेदारी जिला पंचायत की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चार धाम स्थल आस्था और संस्कृति के साथ-साथ हिमालय के संवेदनशील इकोसिस्टम का भी अहम हिस्सा हैं। सरकार इस यात्रा को साफ़-सुथरा, सुलभ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि चारों धामों को प्लास्टिक-मुक्त बनाने के लिए कचरे के वैज्ञानिक निपटान और प्लास्टिक की रीसाइक्लिंग पर खास जोर दिया जा रहा है। इस कोशिश में तीर्थयात्रियों, स्थानीय निवासियों और व्यापारियों की भागीदारी जरूरी है।
केदारनाथ धाम में 32 टन ठोस कचरा एकत्रित
केदारनाथ धाम नगर पंचायत क्षेत्र में अब तक 32 टन ठोस कचरा इकट्ठा किया गया है, जिसमें 20 टन प्लास्टिक कचरा शामिल है। शहरी विकास विभाग ने यहां एक और कॉम्पैक्टर मशीन लगाई है। इकट्ठा किए गए कचरे को गौरीकुंड ले जाया जा रहा है, जिसके बाद प्लास्टिक और अन्य चीज़ों का निपटान किया जाएगा। केदारनाथ तक पैदल रास्ते पर सफाई की जिम्मेदारी सुलभ इंटरनेशनल की है; इस संस्था ने अब तक 270 टन ठोस कचरा इकट्ठा किया है, जिसमें से लगभग 6.5 टन प्लास्टिक कचरा रीसाइक्लिंग के लिए भेजा गया है। बद्रीनाथ धाम में इस मौसम में अब तक 393 टन कचरा इकट्ठा किया गया है, जिसमें 161 टन सूखा कचरा शामिल है। नगर पंचायत धाम में ही ठोस कचरे को कॉम्पैक्ट कर रही है। इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 24 टन प्लास्टिक कचरा (मुख्य रूप से पानी की बोतलें) अलग किया गया है और उसे नीलाम करने की तैयारी की जा रही है।
गंगोत्री धाम में अब तक 98 टन कचरा इकट्ठा
गंगोत्री धाम में अब तक 98 टन कचरा इकट्ठा किया गया है। नगर पंचायत ने 22 टन प्लास्टिक कचरे की रीसाइक्लिंग करके लगभग ₹55,000 की कमाई की है। इसके अलावा, कचरे से लगभग 2.5 टन खाद बनाई गई है। मंदिर परिसर में रोजाना एक खास सफाई अभियान चलाया जा रहा है। अब तक यमुनोत्री धाम में 4.85 टन प्लास्टिक कचरा इकट्ठा करके उसे सुरक्षित तरीके से ठिकाने लगाया गया है। इसमें जानकीचट्टी बाजार और दमटा के ग्रामीण बाज़ार के बीच के रास्ते से इकट्ठा किया गया 1,790 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा और जानकीचट्टी से खरसाली बाज़ार इलाके से इकट्ठा किया गया 3,060 किलोग्राम कचरा शामिल है।
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