हिमाचल में बर्फबारी से बढ़ी ठंड, 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं

खबर सार :-

हिमाचल प्रदेश में मौसम ने करवट ली है। मौसम विभाग ने रविवार के लिए सिरमौर में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। शिमला समेत कई इलाकों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
हिमाचल में बर्फबारी के बाद गिरा तापमान, सिरमौर में आज ऑरेंज अलर्ट

खबर विस्तार : -

शिमला: कई दिनों तक मौसम सूखा रहने के बाद शनिवार को हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया। सितंबर के आखिर में किन्नौर के आदिवासी जिले के ऊंचे इलाकों में अचानक बर्फबारी हुई, जिससे पहाड़ी इलाकों में तापमान गिर गया। राज्य के दूसरे ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भी हल्की बर्फबारी की खबर है। शिमला समेत कई इलाकों में बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

किन्नौर के कल्पा में अधिकतम तापमान में लगभग 10 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यह 13.3°C पर आ गया। ताबो में अधिकतम तापमान 11 डिग्री गिरकर 13.2°C हो गया। राजधानी शिमला में अधिकतम तापमान 21.4°C दर्ज किया गया, जो 0.6 डिग्री कम था। शनिवार को राज्य का औसत अधिकतम तापमान 0.7 डिग्री गिर गया और सामान्य से 0.6 डिग्री नीचे रहा। शिमला में बारिश के बाद मौसम ठंडा हो गया और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।

27 सितंबर को सिरमौर के लिए ऑरेंज अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, इस दौरान आठ जिलों में 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान की भी आशंका है। सिरमौर के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है, जबकि बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और किन्नौर के लिए 'येलो अलर्ट' लागू रहेगा। सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के हालात को देखते हुए सतर्क रहें और जरूरी सावधानी बरतें। 

28 सितंबर को तीन जिलों के लिए येलो अलर्ट

28 सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर में 'येलो अलर्ट' रहेगा। 29 सितंबर के बाद के समय के लिए मौसम से जुड़ी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। 30 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच पहाड़ी इलाकों के बीच वाले हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, मौसम में यह बदलाव एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और मानसून की बनी हुई सक्रियता के कारण है। मानसून अब अपने आखिरी चरण में है और आने वाले दिनों में राज्य से इसके लौटने के लिए हालात अनुकूल हो रहे हैं।

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भूस्खलन के कारण 39 सड़कें बंद

बारिश ने राज्य के कुछ हिस्सों में सड़क और बिजली सेवाओं को बाधित किया है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के अनुसार, शनिवार शाम तक भूस्खलन के कारण 39 सड़कें बंद थीं; इनमें मंडी ज़िले की 18 सड़कें शामिल हैं। सेंटर ने बताया कि राज्य में अभी बिजली ट्रांसफार्मर या पीने के पानी की सप्लाई योजनाओं में कोई रुकावट नहीं है। कांगड़ा जिले के मुख्यालय धर्मशाला में पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा 46 मिमी बारिश दर्ज की गई। अन्य इलाकों में बारिश इस प्रकार रही: भरेड़ी (18 मिमी), बंगाना (13 मिमी) और धौलाकुआं (11 मिमी)। ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी के बाद शिमला समेत कई पहाड़ी इलाकों में तापमान गिर गया है।

बारिश से जुड़ी घटनाओं में 369 लोगों की मौत

स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के आंकड़ों के अनुसार, इस मानसून सीजन में अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 369 लोगों की मौत हो चुकी है। चार लोग लापता हैं और 615 लोग घायल हुए हैं। सबसे ज्यादा मौतें शिमला (56) में दर्ज की गईं। अन्य जिलों में मौतों की संख्या इस प्रकार है: कांगड़ा और चंबा में 45-45, सिरमौर में 42, मंडी में 37, कुल्लू में 33, लाहौल-स्पीति में 25, सोलन और ऊना में 24-24, किन्नौर में 19, हमीरपुर में 10 और बिलासपुर में नौ। इनमें से 220 मौतें सड़क हादसों के कारण हुईं, जबकि 149 लोगों की जान भूस्खलन, अचानक बाढ़, डूबने, बह जाने, फिसलने और बारिश से जुड़ी अन्य दुर्घटनाओं में गई। इसके अलावा, मानसून के दौरान 579 मवेशियों की भी मौत हुई।

मानसून से कुल ₹3,219 करोड़ का नुकसान

मानसून के दौरान राज्य में 144 घर पूरी तरह से नष्ट हो गए, जबकि 527 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा। साथ ही, 18 दुकानें, छह पारंपरिक पानी की चक्कियाँ (घराट) और 497 पशुशालाएँ पूरी तरह से नष्ट हो गईं। राज्य में चल और अचल संपत्ति को हुए कुल नुकसान का अनुमान ₹3,219 करोड़ लगाया गया है। इसमें सड़कों और पुलों को हुए नुकसान के कारण लोक निर्माण विभाग (PWD) को हुआ ₹2,744 करोड़ का नुकसान भी शामिल है।

सामान्य से लगभग 10% कम बारिश

हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से लगभग 10% कम बारिश दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों से मॉनसून कमज़ोर रहा है और अब यह अपने अंतिम चरण में है। आने वाले दिनों में एक-दो बार बारिश होने के बाद राज्य से मानसून की वापसी के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।

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