CM सुक्खू ने किशाऊ प्रोजेक्ट को भविष्य के लिए बताया फायदेमंद, बोले- हिमाचल को समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य

खबर सार :-

हिमाचल के CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य को 2027 तक आत्मनिर्भर और 2032 तक सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य बताया है। उन्होंने किशाऊ परियोजना को भविष्य के लिए लाभकारी बताया।
हिमाचल को वर्ष 2032 तक सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्यः सीएम सुक्खू

खबर विस्तार : -

सोलन: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर और 2032 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाना है। सरकार राजस्व के नए स्रोत खोजने, भ्रष्टाचार के रास्तों को बंद करने और राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आते ही राज्य को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया गया था। इस दिशा में काम शुरू हुआ और अब इसके नतीजे दिखने लगे हैं। किशाऊ प्रोजेक्ट को लेकर सरकार की लड़ाई और उसके बाद मिली जीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे सरकार का आत्मविश्वास बढ़ा है। अगर केंद्र सरकार से मिलने वाली RDG (राजस्व घाटा अनुदान) बंद नहीं की गई होती, तो हिमाचल प्रदेश अब तक आत्मनिर्भर बन चुका होता।

जल-संबंधी परियोजनाएं अहम

उन्होंने बताया कि सरकार अभी लगभग ₹500 करोड़ की बकाया राशि मिलने और जल परियोजनाओं व शानन परियोजना से जुड़े मामलों के नतीजों का इंतजार कर रही है। राज्य को आत्मनिर्भर बनाने में जल-संबंधी परियोजनाएं अहम भूमिका निभाएंगी। सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राजस्व के नए स्रोतों पर काम कर रही है। भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली कमियों को दूर करने और राजस्व के विभिन्न स्रोतों को बढ़ाने के प्रयासों से आने वाले वर्षों में लगभग ₹4,000 से ₹5,000 करोड़ की बचत होने की उम्मीद है।

आर्थिक संसाधन जुटा रही सरकार

वाइल्ड फ्लावर हॉल का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 23 वर्षों तक इस संपत्ति से कोई राजस्व नहीं मिला था, लेकिन अब सरकार ने राज्य के खजाने में लगभग ₹401 करोड़ जमा किए हैं। इसी तरह, उन्होंने JSW जिंदल कंपनी से सालाना लगभग ₹150 करोड़ का भुगतान सुनिश्चित करने का जिक्र किया—ऐसी धनराशि जो उनके अनुसार कई वर्षों से जमा नहीं की गई थी। उन्होंने कहा कि जब राज्य के पास पर्याप्त धन होगा, तो युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। सरकार अभी आर्थिक संसाधन जुटाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है और राज्य के लोगों को जल्द ही इसके लाभ मिलेंगे।

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कई क्षेत्रों में आय बढ़ाने का चल रहा काम

उन्होंने आगे कहा कि सरकार वेलनेस सेंटर, वॉटर पार्क और चिड़ियाघर जैसी परियोजनाओं पर भी काम कर रही है। लगभग 40 वर्षों से खराब हो चुके सिस्टम को ठीक करने में समय लगता है, लेकिन सरकार की कोशिशों के नतीजे अब दिखने लगे हैं। 2027 तक आत्मनिर्भरता हासिल करने के बाद, सरकार का लक्ष्य 2032 तक हिमाचल प्रदेश को देश का सबसे समृद्ध और अमीर राज्य बनाना है। खेती समेत कई क्षेत्रों में आय बढ़ाने के लिए भी काम चल रहा है। किशाऊ प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियों को लगभग ₹1,500 करोड़ का फायदा होगा। उन्होंने इसे सरकार के आत्मनिर्भरता के लक्ष्य की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का हिस्सा बताया।

11 दिसंबर से पहले कैबिनेट के पद भरने की कोशिश

कैबिनेट के विस्तार या फेरबदल से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले पर बातचीत जारी रहनी चाहिए। अगर कैबिनेट का विस्तार या विभागों में फेरबदल होता है, तो इस पर फैसला लिया जाएगा। अभी कैबिनेट में एक सीट और डिप्टी स्पीकर का पद खाली है; अगर इन पदों को भरने का फैसला किया जाता है, तो 11 दिसंबर से पहले ऐसा करने की कोशिश की जाएगी।

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