उत्तराखंड की कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर, भूस्खलन और मालवा से कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात प्रभावित
खबर सार :-
उत्तराखंड में राजधानी देहरादून सहित अधिकांश जिलों में काले बादल छाए हुए हैं। पर्वतीय क्षेत्र में भूस्खलन और नदियों नालों के उफान पर रहने की आशंका के चलते प्रशासन ने नागरिकों को अलर्ट किया है। मौसम विभाग के अनुसार हरिद्वार जिले की नदियों में बाड़ गंगा नदी का जलस्तर अभी बढ़ सकता है।
खबर विस्तार : -
देहरादूनः उत्तराखंड में राजधानी देहरादून सहित अधिकांश जिलों में काले बादल छाए हुए हैं। पर्वतीय क्षेत्र में भूस्खलन और नदियों नालों के उफान पर रहने की आशंका के चलते प्रशासन ने नागरिकों को अलर्ट किया है। मौसम विभाग के अनुसार हरिद्वार जिले की नदियों में बाड़ गंगा नदी का जलस्तर अभी बढ़ सकता है। गुरुवार की सुबह रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही। कुलाघाट क्षेत्र में मालवा आने से आवागमन पूरी तरह से ठप है। यमुना नदी में लगभग 39000 क्यूसेक पानी छोड़ कर कटान कम करने की कोशिश की गई।
उत्तराखंड में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। इसके चलते जनजीवन अस्त व्यस्त है। कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी स्थितियों से निपटने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं और कहां है कि गंगोत्री, बद्रीनाथ, यमुनोत्री के अलावा कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाए। मौसम विभाग ने फिलहाल अभी सभी जगह पर बारिश होने की कोई ज्यादा संभावना नहीं जताई है लेकिन यह जरूर कहा है कि सावधानी रखने की जरूरत है। नदी नालों से दूर रहने के लिए कहा गया है।
सायरन के साथ बैराज के गेट खोले
पिथौरागढ़ जिलो में कुछ स्थानों पर चमक के साथ आकाशी बिजली गिरने तथा तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। रुद्रप्रयाग में पहले से ही नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं। गुरुवार सुबह अलकनंदा का जलस्तर 627.80 आई एम डी के अनुसार मीटर दर्ज किया गया है। मंदाकिनी का जलस्तर भी 626.60 मी है, यह दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निषान से ऊपर है।
यहां की कुछ नदियों के पास जाना भी काफी खतरनाक होता है, क्योंकि पहाड़ों पर जब बारिश होती है तो उसका जल बहुत तेजी के साथ नीचे की नदियों की तरफ भागता है। देवप्रयाग में भागीरथी नदी का जलस्तर भी 462.00 मी सुबह 6 के करीब दर्ज किया गया था। हरिद्वार जिले के रूद्रप्रयाग में बाड़ गंगा नदी का जलस्तर 230.90 मीटर दर्ज किया गया। फिलहाल, यह नदियां अभी तक सामान्य जलस्तर के निशान के करीब हेै।
यमुना नदी में 39000 क्यूसेक पानी छोड़ा
लेकिन और बारिश होने पर इनका पानी काफी ऊपर हो जाएगा। पहाड़ों पर हुई बारिश के कारण कई क्षेत्र में मालवा मुसीबत बन रहा हैै। कालसी, चकराता मार्ग, झाझरेड के पास तथा मारचुला सराय में पौड़ी मार्ग पर करीब 100 किलोमीटर दूर तक मालवा ही मालवा है। जहां कई नदियों के जलस्तर को लेकर प्रशासन परेशान है। वहीं आसनी नदी में जल प्रवाह बढ़ने तथा इसमें कूड़ा कचरा आ जाने से बहाव रुकने लगा है।
डिस्चार्ज करीब 3 घंटे तक जारी रहा
इस कारण पावर चैनलों को पानी पास करने में बड़ी दिक्कतें हो रही है। गुरुवार सुबह 8 बजे के करीब प्रशासन लंबे सायरन के साथ ढलीपुर स्थित आसन बैराज के गेट खोलकर यमुना नदी में लगभग 39000 क्यूसेक पानी छोड़ा। बता दें कि इस तरह से अचानक किसी नदियों में ज्यादा जल छोड़ना मुसीबत बन सकता है। इससे नदी के निकटवर्ती क्षेत्रों में ज्यादा जल प्रवाह के कारण कटाव और बहाव बढ़ जाता है। बताया जा रहा है कि यह डिस्चार्ज करीब 3 घंटे तक जारी रहा। इसीलिए प्रशासन ने यमुना नदी के तटीय और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नदी के किनारे जाने से पूरी तरह से मना कर दिया है।
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