रुद्रगैरा की सफलता के बाद अब पर्यावरण के लिए हिमालय की ओर करेंगी रुख
खबर सार :-
लखनऊ की बेटी पूर्वा धवन ने 5,826 मीटर ऊंची रुद्रगैरा चोटी पर तिरंगा फहरा कर लखनऊ का नाम रोशन किया है। उनका कहना है कि यह यात्रा महिला सशक्तिकरण के लिए था। अब वह पर्यावरण के लिए काम करेंगी।
खबर विस्तार : -
लखनऊ, पर्वतारोहण अभियान पर निकलीं लखनऊ की बेटी पर्वतारोही पूर्वा धवन ने माउंट रुद्रगैरा की 5,826 मीटर ऊंची चोटी पर भारतीय तिरंगा फहराकर लखनऊ का मान बढ़ाया है। एक दिन वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर ‘बेटी बढ़ाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश लेकर अपने लक्ष्य पर निकली थीं। वह लगातार अपने कार्याें के प्रति लगी रहीं। अपनी कामयाबी के लिए वह सीएम को भी प्रेरणा मान रही हैं।
10 सितंबर 2026 को शिखर पर लक्ष्य पूरा
जिस रास्ते से पूर्वा निकलीं, वह कठिन बर्फीले और चट्टानी थे। इनमें कम ऑक्सीजन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां थीं। उनके बीच यह उपलब्धि हासिल करने में कामयाब हो गईं। पूर्वा का कहना है कि अब उनका अगला लक्ष्य दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह करना है। वह 10 सितंबर 2026 को दोपहर 12ः30 बजे शिखर पर पहुंचकर अपना पहला लक्ष्य पूरा कर चुकी हैं। उनका संदश बेटी बढ़ाओ-बेटी पढ़ाओ’ है। पूर्वा का कहना है कि रुद्रगैरा फतह का श्रेय परिवार के सहयोग और सीएम योगी आदित्यनाथ को जाता है।
उनकी प्रेरणा पर ही यह अभियान पूरा कर सकीं। उनके इस अभियान में शैलेश सेमवाल और बिहारी सिंह राणा की भी अहम भूमिका रही। इन्ही के मार्गदर्शन में पूर्वा ने गंगोत्री में विशेष प्रशिक्षण लिया। पूर्व में 2018 की मई माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने पहुंची थी। वह सीएम को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का बैनर सौंप चुकी हैं। मुलाकात के दौरान सीएम योगी ने उनको शुभकामनाएं देकर उनका हौसला बढ़ाया था।
1300 मीटर की कठिन चढ़ाई पूरी की
पूर्वा, शैलेश सेमवाल और बिहारी सिंह राणा ने 07 सितंबर को सुबह 09 बजे गंगोत्री से ट्रेक शुरू किया। इस लक्ष्य में दो दिन की चुनौतीपूर्ण ट्रेकिंग की, उसके बाद टीम 4,350 मीटर की ऊंचाई पर रुद्रगैरा बेस कैंप पहुंची।
उनके इस रास्ते में बर्फ की चट्टानें खड़ी दिखाई दे रही थी। चट्टानी हिस्से और कठिन खुले सेक्शन मिलते रहे। जैसे-जैसे वह ऊंचाई की ओर बढती रहीं उनक साथ ऑक्सीजन की कमी और शारीरिक थकान भी पढ़ती रही।
उस चुनौती का सामना बहुत कठिन था, लेकिन टीम ने हिम्मत नहीं छोड़ी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान मिले प्रोत्साहन को अभियान की ऊर्जा बनाया। वह नए लक्ष्य की ओर बढ़ती रही हैं।इस लक्ष्य के लिए 10 सितंबर को सुबह चार बजे बेस कैंप से समिट पुश शुरू हुआ। करीब आठ घंटे 30 मिनट की कठिन चढ़ाई में टीम ने लगभग 1,300 मीटर की ऊंचाई हासिल की और दोपहर 12ः30 बजे 5,826 मीटर ऊंचे शिखर पर पहुंच गईं।
पर्यावरण संरक्षण संग अब मिशन एवरेस्ट
पूर्वा एक और लक्ष्य की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने अपने अभियान को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा है। हिमालय की चोटियों को फतह करना जितना गौरवपूर्ण लग रहा है, उतना ही जरूरी स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण को रखना भी है। पूर्वा भी यही कह रही हैं। रुद्रगैरा पर तिरंगा फहराने के बाद अब पूर्वा की नजर 8,848.86 मीटर ऊंचे माउंट एवरेस्ट पर है। यह लक्ष्य उनके लिए काफी महत्व रखता है। यद्यपि एवरेस्ट पर भारतीय तिरंगा फहराने के साथ महिला सशक्तीकरण को बल मिल रहा है। लेकिन उनका कहना है कि प्रकृति की ओर भी हमारा ध्यान जाना चाहिए।
प्लास्टिक के कचरे से बता रहीं नुकसान
हमारा प्रयास ही हमारी मंजिल है। यह अभियान ‘पीक्स एंड प्लास्टिक’ नाम का होगा। इस पहल के जरिए वह पर्वतीय क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे के प्रति जागरूकता और जिम्मेदार पर्वतारोहण का संदेश दे रही हैं। पीक्स एंड प्लास्टिक से स्वच्छ हिमालय का संदेश उनके लिए गर्व करने वाला है। इसीलिए वह अब मिशन एवरेस्ट पर ही ध्यान दे रही हैं। पूर्वा ने अपने अभियान को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए ‘पीक्स एंड प्लास्टिक’ पहल के जरिए पर्वतीय क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे के प्रति जागरूकता और जिम्मेदार का संदेश देना हैं। वह कहती हैं कि हिमालय की चोटियों को फतह करने जैसा ही उन्हें स्वच्छ और सुरक्षित रखना भी है।
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