धमतरी में वनांचल के विद्यार्थियों ने तकनीक से जोड़े नवाचार के कदम

खबर सार :-

धमतरी की कार्यशाला में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक सीखने का मौेका मिल रहा है। इसमंे रोबोट से लेकर ड्रोन प्रणाली तक का प्रशिक्षण दिया गया है।
धमतरी में हाईटेक रचनात्मक कार्यशाला, करीब से देखी उच्चस्तरीय तकनीक

खबर विस्तार : -

धमतरी: सुदूर वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक सीखने का मौेका मिल रहा है। इसमें नवाचार से जोड़ने की दिशा में सेजेस सिंगपुर में स्टेम रोबो हब इंडिया ने सराहनीय कदम उठाया है। इसे हाईटेक रचनात्मक कार्यशाला कहा जा रहा है। इसमें विज्ञान की उच्चस्तरीय तकनीकी बताई जा रही है। कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने इसका नेतृत्व किया। उन्होंने इस मौके पर कई जरूरी बातेें भी समझाईं। यहां विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), थ्रीडी प्रिंटिंग, ड्रोन तकनीक और कोडिंग का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया। 

 विकसित हो रही रचनात्मक सोच

यह कार्यशाला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप रही। इसमें बच्चों को आगे बढने के अवसर बताए गए। इस कार्यशला का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मक सोच  विकसित करना है। कार्यशाला में जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी ने भी अपनी बात रखी। वहीं स्टेम रोबो हब इंडिया के संस्थापक एवं निदेशक देवव्रत सिन्हा ने कार्यशाला का संचालन करते हुए कहा कि तकनीकी दक्षता, समस्या समाधान क्षमता तथा नवाचार और उद्यमिता की भावना विकसित करना कार्यशाला का मकसद है। उनका  कहना था कि यहां विद्यार्थियों को तकनीकी अवधारणाओं की जानकारी दी जाती है इसके साथ मॉडल तैयार करने और अपनी कल्पनाओं को तकनीकी परियोजनाओं में बदलने का अवसर भी मिलता है।

अलग तरीके से बनाए गए मॉडल

3डी प्रिंटिंग सत्र का भी आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने लिथोफेन, गृह-मॉडल, मानव कंकाल मॉडल, की-रिंग, दीवार घड़ी, प्रतिमाएं, रोबोटिक आर्म सहित कई उपयोगी मॉडल तैयार किए। रोबोटिक्स सत्र में विद्यार्थियों ने 15 से अधिक प्रकार के रोबोट ऑब्स्टेकल अवॉइडिंग, लाइन फॉलोइंग, ह्यूमन फॉलोइंग, फायर फाइटिंग और वायरलेस नियंत्रित रोबोट का प्रमुखता से संचालन किया।

आवश्यक घटकों और उड़ान प्रणाली ड्रोन सत्र में शामिल किया। इसमें डीआईवाई ड्रोन किट का इस्तेमाल बताया गया। तकनीक आधारित उद्यमिता गतिविधि में विद्यार्थियों ने 50 से अधिक व्यावसायिक विचारों के मॉडल प्रस्तुत किए। नवाचार को उपयोगी उत्पाद और सेवा में बदलने की सोच विकसित हुई। वनांचल के विद्यार्थियों को विज्ञान मेले में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने 60 से अधिक उन्नत प्रौद्योगिकी आधारित परियोजनाओं का प्रदर्शन किया। 

कैमरे के सामने अपने प्रोजेक्ट की उपयोगिता बताई

अपने स्तर पर दिखाया कि स्मार्ट नोटिस बोर्ड, आईओटी आधारित स्मार्ट स्विच बोर्ड, बारिश के दौरान स्वतः संचालित कपड़ा, स्मार्ट ऊंचाई मापन प्रणाली आकर्षण का केंद्र रहे। 150 से अधिक विद्यार्थियों ने कैमरे के सामने अपने-अपने प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली, उपयोगिता समझाया। इससे उनके तकनीकी ज्ञान के साथ आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति और प्रस्तुतीकरण कौशल का भी विकास हुआ। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. व्ही.पी. चन्द्रा सहित व्याख्याताओं ने विभिन्न परियोजनाओं और प्रणालियों का परीक्षण कर उनकी कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। व्याखाता कल्याण कौशल और गोविंद नेताम ने भी इसे विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, रोचक और भविष्य की संभावनाओं से जोड़ने वाला अनुभव बताया।

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