बहराइचः शिकार की तलाश में गांव पहुंचा तेंदुआ, वन विभाग के पिंजरे में हुआ कैद

खबर सार :-

शिकार की तलाश में कई दिनों से बहराइच के ककरहा वन रेंज क्षेत्र में गोपिया गांव के मजरा राम सहाय पुरवा में एक तेंदुआ घूम रहा था। इसे पिंजरा लगाकर पकड़ लिया गया है।
बहराइचः बकरी देख पिंजरे में घुसा तेंदुआ, वनकर्मी अपने साथ ले गए

खबर विस्तार : -

बहराइचः उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में तेंदुए की लगातार मौजूदगी से दहशत में रह रहे ग्रामीणों को आखिरकार राहत मिल गई है। यहां ककरहा वन रेंज क्षेत्र के गोपिया गांव के मजरा राम सहाय पुरवा में कई दिनों से एक तेंदुआ घूम रहा था। इसको वन विभाग की टीम ने बड़ी सफलता के साथ पिंजरे में कैद कर लिया। तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही गोपिया गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। 

वन विभाग की टीम का आभार जताया

जंगली जानवर के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। साथ ही उन्होंने वन विभाग की टीम का आभार जताया। ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले करीब चार दिनों से गांव और उसके आसपास के खेतों में तेंदुआ दिखाई दे रहा था। इलाके में इसकी मौजूदगी के कारण दहशत बन गई थी। तेंदुए के दिखाई देने के बाद से लोगों ने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया था।

ग्रामीणों ने इसकी शिकायत वन विभाग से कर तेंदुए को पकड़ने की मांग की थी। दहशत में रह रहे ग्रामीणों का कहना था कि तेंदुए के डर के कारण वह खेतों में नहीं जा पा रहे हैं। शाम के समय वह दिखाई भी पड़ जाता है। खासकर शाम ढलने के बाद गांव के आसपास जाने में लोग अधिक सावधानी बरत रहे थे।

वन विभाग की योजना रविवार रात सफल हुई

पहले तो वन विभाग ने लापरवाही कर दी, लेकिन ग्रामीणों की बार-बार की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए टीम ने इलाके में तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। पहले तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव के पास एक पिंजरा लगाया गया। वह इसमें नहीं गया तो वन कर्मियों ने तेंदुए को पिंजरे की ओर आकर्षित करने के लिए उसमें बकरी बांध दिया था। टीम को उम्मीद थी कि शिकार की तलाश में घूम रहा तेंदुआ बकरी खाने के लिए उसकी ओर आकर पिंजरे के अंदर जाएगा। वन विभाग की योजना रविवार रात सफल हो गई। 

तेंदुए को देखने के लिए भीड़ जुट गई

ग्रामीणों ने जैसा बताया था कि वह शाम को ज्यादा दिखता है। शिकार की तलाश में घूमा करता था। तेंदुआ बकरी की ओर आकर्षित हुआ और धीरे-धीरे पिंजरे के अंदर पहुंच गया। जैसे ही तेंदुआ पिंजरे के अंदर गया, वन कर्मियों के बनाए तरकीब में फंस गया। ग्रामीणों की ओर से रात में ही तेंदुए के पिंजरे में फंसने की जानकारी वन विभाग की टीम को दी गई। इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर शिकारी तेंदुए को वहां से ले जाने की तैयारी शुरू कर दी। सोमवार सुबह तेंदुए के पकड़े जाने की खबर गांव वालों को हुई तो वह बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। पकड़े गए तेंदुए को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग आ गए थे। 

कई दिनों बाद डर का माहौल गायब हुुआ

वन विभाग की टीम ग्रामीणों को पिंजरे से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दे रही थी। कुछ युवा इसका फोटो बना रहे थे। इस दौरान सेल्फी वाले भी नहीं चूक रहे थे। अधिकारियों की चिंता थी कि तेंदुए को किसी तरह से सही सलामत गांव से ले जाया जाए। तेंदुए के पकड़े जाने से ग्रामीणों में काफी राहत देखी गई। पिछले कई दिनों के बाद डर का माहौल गायब हो सका। खेतों में काम करने वाले ग्रामीण भी अपने काम पर लौटे। अब शाम के समय भी गांव के आसपास तक लोग काम कर रहे हैं। वन विभाग की टीम तेंदुए को ककरहा रेंज कार्यालय ले गई। अब वहां उसकी निर्धारित प्रक्रिया के तहत  निगरानी की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, पशु चिकित्सक तेंदुए का चेकअप कराएंगे। उसके बाद यह देखा जाएगा कि तेंदुआ पूरी तरह सही है या नहीं।

कतर्नियाघाट से बस्ती आ जाते जंगली जानवर

कर्तनिया घाट वन्यजीव प्रभाग, बहराइच के प्रभागीय वन अधिकारी अपूर्व दीक्षित ने कहा है कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तेंदुए का स्वास्थय परीक्षण कराया जाता है। बाद में वन विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा यह निर्णय लिया जाता है कि उसे किसी प्राणी उद्यान में रखना है? या जंगल में पहुंचाना है। माना जा रहा है कि वन आदमखोर नहीं था। क्षेत्र में कई दिन रहा, लेकिन कोई घटना नहीं हुई।

एकसाल पहले भी यहां दहशत बनी थी

इसलिए विभाग के अधिकारियों की ओर से परिस्थितियों का आकलन करने के बाद उसे वनक्षेत्र में छोड़ने की कार्रवाई होगी। वैसे भी यह क्षेत्र जंगल से जुड़ा है। वन क्षेत्र में रहने वाले जानवर भोजन और शिकार की तलाश में कई बार आबादी वाले इलाकों और खेतों की ओर पहुंच जाते हैं। इसके साथ भी ऐसा ही हुआ है। गोपिया गांव के मजरा राम सहाय पुरवा में तेंदुए के पकड़े जाने के बाद फिलहाल ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। यहां का कतर्नियाघाट काफी प्रसिद्ध है। अक्सर यहां से जंगली जानवर बस्ती की ओर आ जाते हैं। एकसाल पहले भी यहां दहशत बनी थी। 

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