सिंचाई की जिम्मेदारी भी दे दो साहब! हर साल सूख जाते हैं सैकड़ों पौधे

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में पौधे लगाए जाते हैं। इन पौधों को लगाने के लिए कई महीने तक की कवायद की जाती है। जहां पर पौधे लगाने होते हैं, उनके लिए पर्याप्त जगह की जरूरत होती है।
सिंचाई की जिम्मेदारी भी दे दो साहब! हर साल सूख जाते हैं सैकड़ों पौधे

खबर विस्तार : -

लखनऊ;  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में पौधे लगाए जाते हैं। इन पौधों को लगाने के लिए कई महीने तक की कवायद की जाती है। जहां पर पौधे लगाने होते हैं, उनके लिए पर्याप्त जगह की जरूरत होती है। इसलिए नगर निगम से यह जमीन ली जाती है साथ ही लखनऊ विकास प्राधिकरण भी कुछ जगह देता है। पौधे लगाने के लिए बड़े बजट की जरूरत होती है। सरकार पिछले कई सालों से करोड़ों पौधे लगाने के लिए संकल्प लेती है। इस साल भी लखनऊ के कई महत्वपूर्ण स्थानों में पौधे लगाए गए। लखनऊ नगर निगम अभी भी इस सिलसिले को आगे बढ़ा रहा है, लेकिन समस्या यह है कि जो पौधे लगा दिए जाते हैं, उनकी बराबर देखभाल नहीं हो पाती है। महापौर और नगर आयुक्त जरूर कह देते हैं कि इन पौधों की रखवाली की जाए।

नगर निगम के कर्मचारी ध्यान नहीं देते

इन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी खाद और दवा की व्यवस्था बराबर होती रहे, लेकिन नगर निगम के कर्मचारी उनकी तरफ ध्यान नहीं देते हैं। लखनऊ में प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना भी नगर निगम के साथ काफी सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को पर्यावरण संरक्षण एवं हराभरा रखने के संकल्प को आगे बढा रहे हैै पिछले दिनों झंडी वाला पार्क में पौधे लगाए गए थे। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम एक पेड़ मां के नाम को यह लोग आगे बढ़ा रहे हैं। जिले में सबसे ज्यादा पौधे शहर के अंदर ही लगाए जा रहे हैं। बाहरी क्षेत्रों में इन अभियानों की तरफ ज्यादा ध्यान किसी का नहीं है। यही कारण है कि शहर से जुड़े हाईवे पर ज्यादा हरियाली नहीं दिखती है।

अधिक पौधे लगाने का संकल्प

जनपद के प्रभारी सुरेश खन्ना अभियान का शुभारंभ करते हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आवाहन किया है। उपाध्यक्ष कार्यकारिणी उपनेत पार्षद दल भाजपा की ओर से सुशील तिवारी पम्मी भी नगर आयुक्त के साथ मौजूद रहते हैं। नगर निगम की कई पार्षद कार्यक्रम में पहुंचते हैं। उद्यान अधीक्षक गंगाराम गौतम पौधों की व्यवस्था करते हैं और अभियान को सफल बनाने के लिए अशोक, चांदनी, टिकोमा मनोकामना, जैसी प्रजातियों के करीब 100 पौधे लगाए जाते हैं।

सड़क पर अतिक्रमण जरूर मिलेगा

इस बार नगर निगम ने इन पौधों के नियमित संरक्षण एवं रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा है, लेकिन इसकी जिम्मेदारी किसी विशेष व्यक्ति को नहीं दी गई है। शहर में लगातार बढ़ती अवैध अतिक्रमण की तरफ भी नगर निगम सख्त हुआ है। यद्यपि शहर के किसी भी छोर पर किसी भी सड़क का नाम ले लीजिए, वहां पर अतिक्रमण आपको जरूर मिलेगा। जबकि नगर निगम प्रति सप्ताह ऐसी कार्रवाई करता रहता है। नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर बीते दिन भी यह अभियान चलाया गया।

रकाबगंज में अभियान नहीे चला

अतिक्रमण मुक्त बनाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए ऐसे कार्यक्रम नगर निगम शामिल करता रहता है। कैसरबाग कैंट रोड से वर्लिंगटन चैराहा, रतन स्क्वायर होते हुए बापू भवन तक अभियान चला। यह ऐसा स्थान है, जहां पर अधिकारियों का आना-जाना रहता है। शहर में कुछ स्थान ऐसे भी हैं, जहां पर हमेशा अतिक्रमण के खिलाफ आवाज उठाती रहती है। कैसरबाग, अमीनाबाद, रकाबगंज में अभियान नहीे चला। जोन तीन में जोनल अधिकारी अजीत राय के निर्देश पर कुर्सी रोड से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान की दीवार के पास सड़क पर लगने वाली अवैध फल और सब्जी की दुकानों को हटाया गया। 

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