झारखंड से भटके दस हाथी, ग्रामीणों में खौफ, सतर्कता के लिए चल रही मुनादी

खबर सार :-

सात हाथियों का दल और तीन लोनर हाथी अलग-अलग इलाकों में विचरण कर रहे हैं। इससे ग्रामीण खौफ में हैं। उनकी परेशानी देख वन विभाग लगातार सावधानी बरतने की मुनादी की रहा है।
झारखंड से भटके दस हाथी, ग्रामीणों में खौफ, सतर्कता की हो रही मुनादी

खबर विस्तार : -

बलरामपुर : जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में इन दिनों हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। इनकी परेशानी व डर के कारण पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। बीते कई दिनों से झारखंड की सीमा पार कर कुल 10 हाथी बलरामपुर क्षेत्र में पहुंचे हैं। 

ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे अधिकारी  

हाथियों की मौजूदगी लगातार इसी क्षेत्र में है। इन हाथियों में तीन लोनर हाथी अलग-अलग विचरण कर रहे हैं। इन गांवों के पास ही इन सभी हाथियों की लगातार मौजूदगी एक डर पैदा कर रही है। इसको देखते हुए वन विभाग अलर्ट मोड पर है। अधिकारी ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। यह हाथी किसी को नुकसान भी दे सकते हैं। यह हाथी क्षेत्र के फुलवार, छतवा, शिवपुर, चीनिया और टकिया क्षेत्र में ही विचरण कर रह हैं। स्थानीय लोगों ने हाथियों को क्षेत्र से भगाने की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि वन विभाग हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों की मौजूदगी अभी बनी हुई है।

 वन विभाग से बनाए रखें संपर्क 

ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वह हाथियों को चारा खिलाने के बहाने भी न जाएं। उनके करीब जाने या उन्हें परेशान करने की कोशिश नुकसान पहुंचा सकती है। बता दें कि वन विभाग कुछ मामलों को लेकर ग्रामीणों से सहयोग करने के लिए कह रहे हैं। हाथी आपस में भी टकराव की स्थिति बना देते हैं। हाथी मिलने सामने आने पर टकराव की स्थिति को कम करने की कोशिश करें। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने पर सावधानी बरतें और किसी भी तरह की स्थिति बनने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें। फिलहाल विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रही है।

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समझदारी दिखाने की अपील

हाथियों को जंगल की ओर करने की कोशिश चल रही है। जबकि सुरक्षा के लिहाज से लोगों को जंगल और हाथी विचरण वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की सलाह दी गई। साथ ही कहा गया है कि ग्रामीण सतर्क रहें। उधर हाथियों की सख्या पर रामानुजगंज रेंजर डॉ. दिलरुबा बानो ने अपनी राय व्यक्त की है। यदि उनकी हम बात मान लें तो रामानुजगंज वन परिक्षेत्र का इलाका हाथियों के लिए ही है, क्योंकि धीरे-धीरे यह क्षेत्र हाथियों के लिए अनुकूल बनता जा रहा है। 

वन विभाग की टीम लगातार मुनादी करा रही 

ग्रामीण भी इस बात को स्वीकार रहे हैं कि इस क्षेत्र में हाथी अक्सर आ जाते हैं। यही वजह है कि हाथियों का आवागमन इस क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि हाथी विचरण वाले क्षेत्रों में वन विभाग की टीम लगातार मुनादी करा रही है। डरने की जरूरत नहीं है। ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए भी कहा जा रहा है।

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