महाभारत कालीन पांडेश्वरनाथ मंदिर में बांटे तुलसी के पौधे

खबर सार :-

पर्यावरण की रक्षा के लिए मंदिर आए श्रद्धालुओं को एक तुलसी का पौधा दिया गया। कथा सुनकर उठे भक्तों को पेड़-पौधों की कीमत बताई गई।
पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेकर तुलसी के पौधे भेंट किए

खबर विस्तार : -

फर्रुखाबाद : उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में पांडेश्वरनाथ मंदिर में नौ दिवसीय श्रीराम कथा का मंगलवार को विधि-विधान के साथ समापन हुई। आखिरी में कथा के समापन वाले दिन प्रसाद में तुलसी के पौधे बांटे गए। यह मंदिर काफी प्राचीन है। कहा जाता है कि यह महाभारत काल के दौरान का है। कथा सुनने कि लिए आखिरी दिन मुख्य यजमान बका सिंह राठौर एवं किरण राठौर रहे।

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कथा व्यास आचार्य मदन मुरारी मिश्रा ने कई प्रसंग सुनाए। इनमें भगवान श्रीराम के वनवास से अयोध्या लौटने के दिव्य प्रसंग का वर्णन बहुत पसंद किया गया। प्रसंग में भगवान श्रीराम के 14 वर्ष का वनवास पूरा करने के बाद का चित्रण किया गया। जब वह सीताजी और भाई लक्ष्मण के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या लौटे तो पूरी अयोध्या नगरी दीपों से जगमगा उठी। 

भरत मिलाप सुन भावविभोर हुए लोग

 कथा सुनने वालों को रामकी भक्ति में खोते हुए देखा गया। कथा में बताया गया कि कैसे भरत ने नंदीग्राम में भगवान की चरण पादुकाओं की पूजा कर राज्य का भार संभाला था? एक-एक वाक्य का अर्थ कथा में व्यास आचार्य मदन मुरारी मिश्रा ने समझाया। बताया कि भगवान के आगमन की खुशी का वह अवसर था। इस प्रसंग में जब उन्होंने आगे का दौर बताया तो भरत मिलाप के करुणामय दृश्य ने सभी को भावुक कर दिया। गुरु वशिष्ठ मुनि ने सर्वप्रथम भगवान श्रीराम का राजतिलक किया।

वह मोहक दृष्य मानो जमीन पर उतर आया हो। प्रसंग में ही देवताओं ने पुष्पवर्षा करनी शुरू कर दी। तभी अयोध्या वासियों ने जय श्रीराम के जयघोष किया और आकाश तक गुंज पहुंचने लगी। अयोध्या के लोग अब खुश थे। भगवान श्रीराम के राजा बनते ही रामराज्य की स्थापना मानी गई। उन्होंने बताया कि आज हम रामराज्य की कल्पना करते हैं। उस राज्य में जहां सभी सुखी और निरोगी थे, रामराज्य था। रामकथा यहीं संपन्न हुई। 

महाआरती के बाद दिया गया तुलसी का पौधा

कथा के बाद भगवान श्रीराम का राजाभिषेक, पूजन, महाआरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान भक्तिमयी वातावरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। श्रद्धा रानी संस्थान द्वारा संस्था के अध्यक्ष संजय गर्ग श्याम जी गर्ग एवं अतिथि सभासद मीरा सिंह, श्वेता दुबे, अनु शुक्ला, ममता सक्सेना, सुदेश दुबे ने कथा व्यास आचार्य मदन मुरारी मिश्रा को स्मृति चिन्ह दिया।

इसी समय सभी को तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। अध्यक्ष संजय गर्ग ने प्रतिभा मिश्रा का सम्मान तुलसी का पौधा भेंट कर किया। इसी समय सभी श्रद्धालुओं को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए संकल्प दिलाया गया। इन सभी लोगों को भी तुलसी का पौधे भेंट किया गया। सह आचार्य अखिल पांडे, भगवान स्वरूप दीक्षित सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने तुलसी का पौधा लेकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान का वादा किया।

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