बलरामपुर: 100 एकड़ वनभूमि में हजारों पेड़ों की कटाई, कब्जे की कोशिश में भू-माफिया!

खबर सार :-

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में 100 एकड़ से ज्यादा जमीन पर भूमाफियाओं ने हजारों पेड़ काट डाले। यहां सरकारी पैसे से पौधे लगाए गए थे। इनमें फल और औषधि वाले पेड़ भी काट डाले गए हैं।
बलरामपुर: 15 दिन में काट डाले हजारों पेड़, सरकारी जमीन पर पर्यावरण लाचार

खबर विस्तार : -

बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में 100 एकड़ से ज्यादा वनभूमि में भू माफिया हावी हैं। इनके द्वारा हजारों पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। यद्यपि चर्चा है कि अधिकारियों की मिलीभगत से यह कारनामा किया गया है। दूसरी ओर अब अधिकारियों की ओर से कार्रवाई की भी बात की जा रही है। 

जानकारी के अनुसार, बलरामपुर जिले के रामानुजगंज फॉरेस्ट रेंज अंतर्गत ग्राम गम्हरिया के रोजवादामर में सैकड़ों पेड़ काट दिए गए हैं। इनका वन विभाग ने प्लांटेशन कराया था। यह अब बड़े हो गए थे।  ग्रामीणों का आरोप है कि वनभूमि पर कब्जे की कोशिश के चलते भूमाफियाओं ने मोटे तने वाले पेड़ों के साथ फलदार और औषधीय पौधों को भी काट दिया है। अभी यह पेड़ काटने का कुकृत्य कर रहे हैं। बताया गया है कि वनभूमि को आपस में बांटने के लिए जगह-जगह मचान बनाए जा रहे हैंं। 

क्षेत्र में अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही

ग्रामीणों ने दावा किया है कि रोजवादामर क्षेत्र में वन विभाग ने बड़े पैमाने पर प्लांटेशन कराया था। यहां आंवला, बहेरा, हर्र के अलावा तमाम तरह के औषधीय और बेशकीमती प्रजातियों के पौधे लगाए गए थे। करीब 15 से 20 दिनों से लगातार इन पेड़ों की कटाई की जा रही है। इससे क्षेत्र में भी अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का दावा है कि अब तक 100 एकड़ से अधिक वनभूमि में लगाए गए हजारों पेड़ काटे जा चुके हैं। कई स्थानों पर अभी कटाई की जा रही है।

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कब्जे के लिए कई जगह पर मचान बनाए गए

बता दें कि वनभूमि पर कब्जे के लिए कई जगह पर मचान बनाए गए हैं। इस वनभूमि को अलग-अलग हिस्सों में बांटना इनका मकसद है। जिस क्षेत्र में वन विभाग का प्लांटेशन किया गया था, वहां बड़ी संख्या में पेड़ काटे जा चुके हैं। इनसे वनभूमि को पहचानना मुश्किल हो रहा है। इस मामले में नाम नहीं छापने की शर्त पर एक ग्रामीण ने वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जाकिर अंसारी पर भी आरोप लगाए हैं। उनपर आरोप है कि वनभूमि पर कब्जे में वह शामिल हैं। कहा जा रहा है कि गम्हरिया मुख्य मार्ग के पास की वनभूमि पर कब्जा किया जा चुका है। अब इस पर खेती की जा रही है।

ग्रामीणों ने नारजगी जताते हुए ग्राम गम्हरिया में बैठक बुलाई थी। इसमें वन प्रबंधन समिति के सदस्य और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए थे। ग्रामीणों ने इस बैठक में अगले एक सप्ताह के भीतर वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष का चुनाव कराने का निर्णय किया है। इसमें मौजूदा अध्यक्ष जाकिर अंसारी को पद से हटाने का निर्णय लिया गया है। यद्यपि इस बात के साक्ष्य नहीं हैं कि अंसारी ने मिलीभगत कर पेड़ कटवाए हैं। 

औषधीय पेड़ को भी नहीं छोडा

स्थानीय निवासी सूर्यदेव सिंह का आरोप है कि रोजवादामर में वन विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर पौधरोपण कराया गया था। आंवला, बहेरा और हर्र सहित औषधीय गुणों वाले पौधे यहां हरेभरे थे। उनका आरोप है कि इन पौधों और पेड़ों की कटाई में स्थानीय लोगों की ही मेहरबानी हैं।

15 दिन से लगातार हो रही कटाई 

एक ग्रामीण द्वारिका सिंह ने कहा कि वनभूमि पर कब्जे की कोशिश की जा रही है। यहां निजी खेत बनाए जा रहे हैं। इसके चलते पेड़ों की कटाई की जा रही है। उनका कहना है कि करीब 15 से 20 दिनों से लगातार पेड़ काटे जा रहे हैं। 100 एकड़ से अधिक वनभूमि में हजारों पेड़ों की कट चुके हैं। बताया कि जिस दिन ग्राम पंचायत में बैठक थी, उस दिन पेड़ों की कटाई बंद रही।

अवैध निर्माण किए जाएंगे ध्वस्त

मामले में आज सोमवार को रामानुजगंज रेंजर डॉक्टर दिलरुबा ए बानो ने कहा कि वन विभाग पूरे मामले की जांच करवाएगा। उन्होंने बताया कि सबसे पहले वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जाकिर अंसारी को हटाया जाएगा। इसके बाद वनभूमि पर किए गए अवैध निर्माण की संयुक्त टीम के माध्यम से जांच होगी। यहां के अवैध निर्माण को ध्वस्त कराए जाएंगे। 

निगरानी व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

रोजवादामर में 100 एकड़ से अधिक वनभूमि में हजारों पेड़ों की कटाई का मामला गंभीर है। इन आरोप ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पेड़ों की कटाई और उस पर कब्जे नहीं रोके गए तो इसके परिणाम गंभीर होंगे। 

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