धनबाद: जमीन में धंसे पांच मकान, घायल बच्चे की मौत, सिजुआ में हंगामा और कोहराम
खबर सार :-
धनबाद के कतरास-जोगता थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक ओर हंगामा मचा रहा तो दूसरी ओर कोहराम था। यहां जमीन धंसने से कई घर जमींदोज हो गए। इससे एक बच्चे की मौत हो जाने पर लोग आक्रोश में आ गए और उन्होंने रोड जाम कर दिया।
खबर विस्तार : -
धनबाद, धनबाद के कतरास-जोगता थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह कोहराम मच गया। यहां जमीन धंसने की भीषण घटना हुई है। सुबह सिजुआ कोलियरी क्षेत्र के 10 नंबर तीन पाटिया में अचानक जमीन धंसने लगी। लोगों को बाहर निकलने का मौका भी नहीं मिल सका। देखते ही देखते पांच-छह मकान जमींदोज हो गए। चारों ओर चीख पुकार मच गई।
हाहाकार के बीच मकानों से घायलों को निकाला गया। इस हादसे में दो बच्चों समेत चार-पांच लोग घायल हो गए। घायलों में एक बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। कई और घायलों को इलाज के कतरास के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
मलबे में दब गए घरों के लोग
प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी से ही वास्तविकता का पता चल सकता है। सिजुआ काली मंदिर के पास सुबह अचानक जमीन धंसने की घटना का पूर्वानुमान नहीं था, अन्यथा लोग पहले ही घर छोड़ देते। बताते हैं कि देखते ही देखते आसपास की जमीन में गहरी और चौड़ी दरारें पड़ गईं। कई मकान इसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त भी हुए हैं। जिस समय लोगों के घर धंस रहे थे, घरों में मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया। मुश्किल से मलबे में फंसे कई लोगों को बाहर निकाला जा सका।
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पास के मकानों के लिए खतरा बढ़ा
जमीन धंसने की यह पहली घटना को लोगों ने देखा है। इसके बाद इलाके में अब दहशत का माहौल है। आसपास की भूमि पर भी लगातार दरारें बढ़ रही हैं। इनको देखते हुए आसपास रहने वाले कई परिवारों के लोग अपने घर से बाहर निकल आए हैं। लोगों को आशंका है कि यदि भू-धंसान का दायरा बढ़ा तो आसपास के और मकान इसकी चपेट में आ सकते हैं। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कतरास-सिजुआ मुख्य मार्ग को जाम कर दिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
यद्यपि ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में भू-धंसान की घटनाएं हो रही हैं। इसके बाद भी लोगों की सुरक्षा, राहत और पुनर्वास के बारे में तनिक भी नहीं सोचा जा रहा है। आरोप है कि सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जाने का परिणाम आज सामने आया है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू करने, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने, उचित मुआवजा देने के साथ स्थायी पुनर्वास की मांग की है।
कोयला खनन है जमीन धंसने का कारण
स्थानीय लोगों ने भू-धंसान का कारण बीसीसीएल क्षेत्र में कथित अवैध कोयला खनन और भूमिगत गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि ऐसी गतिविधि होने के कारण ही जमीन कमजोर पड़ी। यद्यपि यह घटना क्यों हुई? यह जांच का विषय है। इसके वास्तविक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर कुछ ग्रामीणों ने इस घटना से संबंधित सभी पहलुओं पर जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जमीन कोयला खदान के कारण धंसी है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
सड़क जाम करने पर टकराव की स्थिति
प्रदशन के दौरान सड़क जाम कर दिया गया। इससे तनाव की स्थिति बन गई। प्रशासन की ओर से सड़क मार्ग खोलने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन उसके लिए लोग तैयाार नहीं हुए। बीसीसीएल के अधिकारियों से ग्रामीणों ने मांग की वह तत्काल घटनास्थल पहुंचकर स्थिति का जायजा लें। ग्रामीणों का कहना था कि वह प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। कोयलांचल में लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बहरहाल, समस्या गंभीर है, लेकिन सड़क जाम कर देना समस्या का समाधान नहीं है।
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