महाराष्ट्र से लेकर तमिलनाडु तक गणेशोत्सव के अलग-अलग रंग, हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है पर्व
खबर सार :-
गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे देशभर में अलग-अलग रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। गोवा में भगवान गणेश की माता पार्वती के साथ, तो वहीं तमिलनाडु में बप्पा की अकेले पूजा की जाती है।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर गजानन (भगवान गणेश) का आगमन बहुत धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। हालांकि यह त्योहार पूरे भारत में मनाया जाता है, लेकिन इसे मनाने का तरीका हर राज्य में अलग-अलग होता है; कुछ जगहों पर यह दस दिनों तक चलने वाला सार्वजनिक उत्सव होता है, जबकि दूसरी जगहों पर इसे परिवार के साथ पूजा-अर्चना करके मनाया जाता है।
महाराष्ट्र में इस त्योहार का एक अलग ही जोश और उत्साह देखने को मिलता है, जबकि दक्षिण भारत में इस मौके को देवी गौरी और भगवान गणेश के पवित्र रिश्ते के नजरिए से देखा जाता है। गोवा में यह त्योहार मिट्टी की मूर्तियों और पारंपरिक पकवानों के साथ मनाया जाता है, वहीं बंगाल और उत्तर भारत में इसका नजारा बिल्कुल अलग अनुभव देता है।
महाराष्ट्र
यहां गणेशोत्सव को एक सांस्कृतिक त्योहार के तौर पर मनाया जाता है। स्थानीय लोगों के लिए, यह मौका सिर्फ एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक आत्मा का प्रतीक है। राज्य के मुख्य आकर्षणों में मुंबई का दुनियाभर में मशहूर 'लालबागचा राजा' और भव्य पंडालों में स्थापित भगवान गणेश की शानदार मूर्तियां शामिल हैं। लालबागचा राजा को 'नवसाचा गणपति' (मुरादें पूरी करने वाले गणेश) के रूप में जाना जाता है, जो देश-विदेश से लाखों भक्तों को अपनी ओर खींचते हैं। 'उकाडिचे मोदक' नारियल और गुड़ से बने खास मोदक जो 'बप्पा' को चढ़ाए जाते हैं, इस त्योहार का एक खास और स्वादिष्ट आकर्षण हैं।
गोवा
गोवा में गणेश चतुर्थी को स्थानीय भाषा में 'चवथ' कहा जाता है। यहां एक अनोखी परंपरा है जिसमें प्राकृतिक चीजों, फलों और सब्जियों का इस्तेमाल करके 'मटोली' सजाई जाती है। नदी की मिट्टी से बनी भगवान गणेश की पारंपरिक मूर्तियां घर लाई जाती हैं; मूर्ति के ऊपर जंगली फलों, सब्जियों और औषधीय पौधों का इस्तेमाल करके एक सुंदर और अनोखी छतरी या 'मटोली' बनाई जाती है। यह परंपरा प्रकृति के प्रति गोवा के गहरे लगाव को दिखाती है।
पूरे त्योहार के दौरान, भगवान गणेश के साथ-साथ देवी गौरी (पार्वती) और भगवान शिव की भी पूजा की जाती है। पहला दिन (जिसे 'ताय' कहा जाता है) देवी गौरी को समर्पित होता है। यह उत्सव डेढ़, पांच, सात या नौ दिनों तक चलता है। सातवें दिन, कुछ गांवों (जैसे कुंभारजुआ) में सजी-धजी नावों का एक अनोखा जुलूस निकाला जाता है। इस त्योहार से जुड़ी मानसून की सबसे खास डिश चावल के आटे के आटे में गुड़ और नारियल भरकर, फिर हल्दी के पत्तों में लपेटकर भाप में पकाई जाती है।
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कर्नाटक
गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले गौरी हब्बा (देवी गौरी की पूजा) मनाई जाती है। अगले दिन से बेंगलुरु और हुबली जैसे शहरों में सार्वजनिक पंडालों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन और महा गणपति की भव्य पूजा होती है। रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुसार, डेढ़, तीन, पांच या सात दिनों के बाद गणेश जी की मूर्तियों का पूरे उत्साह के साथ विसर्जन किया जाता है।
आंध्र प्रदेश
गणेश चतुर्थी पर लोग अपने घरों में मिट्टी या हल्दी से बनी भगवान गणेश की छोटी मूर्तियां स्थापित करते हैं। कई जगहों पर 'मट्टी विनायकडु' (मिट्टी के गणेश) की पूजा करने की खास परंपरा है। चित्तूर जिले का प्रसिद्ध वरसिद्धि विनायक स्वामी मंदिर इस मौके पर 21 दिनों तक चलने वाला वार्षिक 'ब्रह्मोत्सव' मनाता है, जिसमें दूर-दूर से भक्त आते हैं।
तमिलनाडु
तमिलनाडु में गणेश चतुर्थी को 'विनायक चतुर्थी' या 'पिल्लैयार चतुर्थी' के नाम से जाना जाता है। तमिल संस्कृति में भगवान गणेश को 'पिल्लैयार' कहा जाता है। यहां, आमतौर पर उनकी पूजा एक 'ब्रह्मचारी' देवता के रूप में की जाती है; उत्तर भारत या अन्य राज्यों के विपरीत, यहां उनकी पूजा उनकी पत्नियों (सिद्धि और रिद्धि) के साथ नहीं, बल्कि अकेले की जाती है। इस त्योहार की खास डिश 'कोझुकट्टई' है, जो दक्षिण भारतीय तमिल संस्कृति में 'मोदक' जैसी ही होती है।
बिहार
यहां गणेश चतुर्थी के दिन 'चौरचन' (चौर चतुर्थी) त्योहार मनाया जाता है। महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं; वे अपने आंगन में सुंदर 'अरिपन' (पारंपरिक फर्श कला) बनाती हैं और चंद्रमा को 'अर्घ्य' (धार्मिक भेंट) देती हैं।
FAQ
1. गणेश चतुर्थी कब है?
गणेश चतुर्थी भारत में 14 सितंबर को मनाई जाएगी।
2. किन-किन राज्यों में गणेशोत्सव मनाया जाता है?
महाराष्ट्र में प्रमुख रूप से गणेशोत्सव मनाया जाता है। लेकिन, कर्नाटक, गोवा, गुजरात, बिहार, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और छत्तीसगढ़ में भी गणेश चतुर्थी का पर्व उत्साह के साथ मनाया जाता है।
3. गणेशोत्सव पर किस राज्य में गणपति की पूजा माता पार्वती और भगवान शिव के साथ की जाती है?
गोवा में गणेशोत्सव पर भगवान गणेश के साथ-साथ देवी पार्वती और भगवान शिव की भी पूजा की जाती है।
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