झांसी : नये SSP Vikas Kumar का सख्त रुख, पत्रकारों के फोन न उठाने वाले थानेदारों पर गिरेगी गाज

खबर सार :-

झांसी के नये एसएसपी विकास कुमार (SSP Vikas Kumar) ने पदभार संभालते ही कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि थानेदारों को पत्रकारों के फोन उठाने होंगे और कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
झांसी SSP Vikas Kumar : पत्रकारों के फोन उठाएं थानेदार, कानून व्यवस्था पर सख्त निर्देश

खबर विस्तार : -

Jhansi News : उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और तेजी से विकसित हो रहे झांसी जिले में पुलिस प्रशासन की कमान संभालते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विकास कुमार (SSP Vikas Kumar) पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। सोमवार को उन्होंने पुलिस कार्यालय का औचक निरीक्षण किया, जहां विभिन्न शाखाओं, अभिलेखों, पत्रावलियों और कार्यालयीन व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने साफ-सफाई से लेकर फाइलों के रख-रखाव तक हर छोटी-बड़ी चीज की पारदर्शिता को परखा। निरीक्षण के तुरंत बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए उन्होंने अपनी कार्यशैली और प्राथमिकताओं का एक स्पष्ट खाका खींचा, जिससे महकमे में हड़कंप के साथ-साथ आम जनता और मीडिया में सकारात्मक संदेश गया है।

कानून-व्यवस्था और विकास का अटूट रिश्ता

पत्रकारों के साथ एक अनौपचारिक बातचीत के दौरान एसएसपी विकास कुमार (SSP Vikas Kumar) ने इस बात पर जोर दिया कि झांसी वर्तमान समय में विकास के पथ पर लगातार आगे बढ़ रहा है। किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सबसे पहली और बुनियादी शर्त एक सुरक्षित, शांत और भयमुक्त वातावरण का होना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों और शहर की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस विभाग की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। कानून-व्यवस्था किसी भी परिस्थिति में विकास कार्यों या आम जनजीवन में बाधक नहीं बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच का रिश्ता विश्वास पर टिका होना चाहिए, जिससे अपराधी तत्वों में खौफ और आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव पैदा हो सके।

पत्रकारों की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं: थानेदारों को कड़ी चेतावनी

एसएसपी ने प्रेस और पुलिस के बीच के संवादहीनता के मुद्दे पर सबसे कड़ा रुख अपनाया। अक्सर यह शिकायत मिलती है कि खबरों की पुष्टि या जानकारी के लिए जब पत्रकार स्थानीय थानेदारों या पुलिस अधिकारियों को फोन करते हैं, तो वे या तो फोन रिसीव नहीं करते या फिर हीाल-हवाला देते हैं। इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए एसएसपी ने दो-टूक शब्दों में चेताया कि अब पत्रकारों के फोन नहीं उठाने की शिकायतें बिल्कुल स्वीकार नहीं की जाएंगी। यदि किसी मामले में जानकारी के लिए कोई पत्रकार फोन करता है, तो संबंधित थानेदार की यह नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी होगी कि वह फोन उठाए और वस्तुस्थिति से अवगत कराए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और पुलिस के बीच स्वस्थ समन्वय बेहद जरूरी है ताकि समाज में सही और प्रामाणिक सूचना समय पर पहुंच सके।


"पत्रकारों को खबरों के संकलन में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। पुलिस अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली में संवेदनशीलता लानी होगी ताकि मीडियाकर्मियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।" — विकास कुमार, एसएसपी झांसी


आईपीएस विकास कुमार का अब तक का प्रशासनिक सफर

मीडिया को अपनी पृष्ठभूमि से परिचित कराते हुए एसएसपी विकास कुमार (SSP Vikas Kumar) ने बताया कि वे 2017 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी हैं। मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले विकास कुमार इससे पहले उत्तर प्रदेश के छह अलग-अलग जिलों में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं। झांसी उनके प्रशासनिक करियर का सातवां जिला है। उन्होंने कहा कि उन्हें झांसी के बारे में यह जानकारी मिली है कि यह एक बेहद शांतिप्रिय और सुसंस्कृत जिला है। उनकी पूरी कोशिश रहेगी कि इस शांति और भाईचारे को हर हाल में बरकरार रखा जाए, ताकि आम जनता को पुलिस से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए बेवजह दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण और कार्यालय स्वच्छता

अपने कार्यालय निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने फाइलों और अभिलेखों के रख-रखाव की भी कड़ी समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित शाखा प्रभारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ करें। कार्यालय में लंबित पड़े मुकदमों और प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस कार्यालय परिसर में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने माना कि एक स्वच्छ और सकारात्मक कार्य वातावरण कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाता है। कुल मिलाकर, एसएसपी के इन शुरुआती सख्त और स्पष्ट निर्देशों से यह साफ जाहिर होता है कि आने वाले दिनों में झांसी पुलिस जनता के प्रति अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और संवेदनशील नजर आएगी।

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