मध्य प्रदेश के 25 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, तीन दिन तक गरज-चमक कर बरसेंगे बादल

खबर सार :-

मध्य प्रदेश में निम्न दबाव और मानसून ट्रफ के असर से तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने 25 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ होगी बारिश, 25 जिलों में अलर्ट

खबर विस्तार : -

भोपाल: मध्य प्रदेश में मंगलवार को भी बारिश का दौर जारी रहेगा। टीकमगढ़, दमोह, नरसिंहपुर, बैतूल और राजगढ़ के लिए बहुत भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है; इन जिलों में 2.5 इंच से ज्यादा बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, 20 अन्य जिलों के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में कम दबाव वाले क्षेत्र और मानसून ट्रफ की गतिविधि बनी हुई है। इसके कारण कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। मौसम विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। गुना, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, कटनी, शहडोल, छतरपुर, पन्ना, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की उम्मीद है। इन सभी 25 जिलों में 2.5 इंच से ज्यादा बारिश होने का अनुमान है।

इन जिलों में भी बारिश की संभावना

भोपाल, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, देवास, रतलाम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, डिंडोरी, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में हल्की से लेकर भारी बारिश हो सकती है।

भोपाल में 3 इंच बारिश; विदिशा में बाजार जलमग्न

सोमवार को भोपाल समेत कई जिलों में भारी बारिश हुई। विदिशा में बाजार में पानी भरने से दुकानदारों को परेशानी हुई, जबकि भोपाल के कई हिस्सों में जलभराव के कारण ट्रैफिक बाधित हुआ। नर्मदापुरम में पिछले 24 घंटों में औसतन 3.7 इंच बारिश दर्ज की गई। बारिश के अन्य प्रमुख आंकड़ों में करेरा (शिवपुरी) में 5.4 इंच, ओरछा (निवाड़ी) में 3.3 इंच, रहली (सागर) में 3 इंच, कोलार (भोपाल) में 3.2 इंच, नबीबाग में 3.1 इंच और भोपाल शहर में 3 इंच बारिश शामिल है।

40 जिलों में बारिश अभी भी सामान्य से कम

राज्य के पूर्वी क्षेत्र के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल डिवीज़न में बारिश सामान्य से 19 प्रतिशत तक कम है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडोरी जैसे जिलों में बारिश में 6 प्रतिशत से 51 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। पश्चिमी क्षेत्र में, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, खंडवा, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा जैसे जिलों में भी बारिश में 1 प्रतिशत से 49 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है।

15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, अनूपपुर, डिंडोरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

रीवा में नुकसान का सर्वे शुरू 

पिछले हफ्ते हुई भारी बारिश से रीवा जिले के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे; हालांकि, अब नदियों का जलस्तर तेजी से कम हो गया है और प्रभावित इलाकों में जमा पानी भी उतर रहा है। इसे देखते हुए, प्रशासन ने नुकसान का आकलन करने और बाढ़ के बाद बहाली का काम शुरू कर दिया है। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने सभी सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) को निर्देश दिया कि वे नुकसान का सर्वे करने और तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के लिए पटवारियों और अन्य फील्ड स्टाफ को तैनात करें। इस सर्वे में घरों, घरेलू सामान और फसलों को हुए नुकसान को शामिल किया जाएगा, जिससे सरकारी नियमों के अनुसार राहत के मामले तैयार करने और सहायता वितरित करने में मदद मिलेगी।

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