सोशल मीडिया पर व्यूज का नशा: ग्वालियर में कार पर बनवाए 3400 लिपस्टिक प्रिंट, पुलिस ने काटा भारी चालान और थाने में धुलवाई गाड़ी

खबर सार :-

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में इंस्टाग्राम रील बनाने की सनक में एक युवक ने अपनी कार पर लिपस्टिक से हजारों चुंबन के निशान बनवा लिए। सड़क पर इस वाहन के उतरते ही ट्रैफिक जाम और दुर्घटना का खतरा पैदा हो गया, जिसके बाद पुलिस ने सख्त कानूनी कदम उठाया है।
ग्वालियर किसिंग कार : रील के लिए कार पर बनाए 3400 किस, चालान

खबर विस्तार : -

Gwalior Kissing Car : सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर रातों-रात मशहूर होने और नए फ़ॉलोअर्स बटोरने की होड़ युवाओं पर किस कदर हावी हो रही है, इसका एक प्रत्यक्ष उदाहरण ग्वालियर की सड़कों पर देखने को मिला। यहाँ एक व्यक्ति ने अपनी कार को पूरी तरह से अजीबोगरीब ढंग से सजाकर शहर की व्यस्त सड़कों पर दौड़ना शुरू कर दिया। कार की इस स्थिति को देखकर सड़क पर चल रहे अन्य चालक और राहगीर चौंक गए, जिससे कई स्थानों पर यातायात बाधित होने की स्थिति बन गई। डिजिटल दुनिया में ध्यान आकर्षित करने का यह तरीका अंततः कानूनी पचड़े में बदल गया और ट्रैफिक पुलिस ने मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया।

सड़क सुरक्षा के नियमों को दरकिनार कर जब यह कार सड़क पर उतारी गई, तो जल्द ही इसका वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से फैला और इसे लाखों लोगों ने देखा। हालांकि, ट्रैफिक में रुकावट और दूसरे चालकों का ध्यान भटकने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया। ग्वालियर ट्रैफिक पुलिस ने वीडियो के आधार पर कार मालिक की तलाश शुरू की और उसे थाने में हाजिर कराया।

विदेशी ट्रेंड की नकल में लगा घंटों का समय

पूछताछ में कार मालिक आदित्य सिकरवार ने बताया कि उसका मकसद सोशल मीडिया पर ट्रेंड बनाना था। उसने एक विदेशी ट्रेंड देखकर यह कदम उठाया था। इस काम में उसकी महिला मित्र ने मदद की, जिसने करीब साढ़े तीन से चार घंटे लगाकर लाल लिपस्टिक से पूरी कार पर लगभग 3,400 किस (चुंबन) के निशान बनाए। कार को इस तरह सजाने के बाद आदित्य उसे सिटी सेंटर और थाटीपुर जैसे व्यस्त इलाकों की सड़कों पर ले आया। इस अनोखी कार को देखने के लिए राहगीर गाड़ियाँ धीमी करने लगे, जिससे ट्रैफिक थमने लगा। रील अपलोड होने के 24 घंटे के भीतर इसे 55 लाख से ज्यादा व्यूज मिल गए, लेकिन वहीं दूसरी ओर पुलिस ने इसे सड़क सुरक्षा के लिए खतरा माना।

ट्रैफिक पुलिस का कड़ा रुख और कानूनी कार्रवाई

सड़क पर अव्यवस्था फैलने की खबर मिलते ही ट्रैफिक पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। पुलिस अफसरों ने वायरल वीडियो से कार का गाड़ी नंबर (MP 07...) निकाला और थाटीपुर इलाके से स्विफ्ट कार को जब्त कर लिया। गाड़ी के मालिक को थाने बुलाकर पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicle Act) के नियमों का हवाला दिया, उसकी हरकत पर नाराजगी जताई और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। मामले की जानकारी देते हुए ट्रैफिक सूबेदार अभिषेक रघुवंशी ने बताया कि दो दिन पहले पुलिस की नजर में एक वीडियो आया था। इसमें एक स्विफ्ट कार सड़क पर लापरवाही से दौड़ रही थी और उस पर लिपस्टिक से ऐसे निशान बने थे, जो दूसरों का ध्यान भटका रहे थे। सूबेदार ने साफ कहा कि आम सड़कों पर ऐसी गाड़ियाँ चलाने से ध्यान भटकता है और बड़े हादसे हो सकते हैं। इसी वजह से कार मालिक पर 5,500 रुपये का चालान लगाया गया।

थाने में समझ आई गलती, खुद धोई कार

पुलिस थाने में हुई कार्रवाई और अफसरों की समझाने के बाद युवक का रवैया बदल गया। उसने अपनी गलती मानते हुए कबूल किया कि सिर्फ व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाने के चक्कर में उसने सड़क सुरक्षा के नियमों को नजरअंदाज कर दिया था। उसने कहा कि उसे अंदाजा नहीं था कि उसकी यह हरकत अपराध की श्रेणी में आती है और इससे दूसरों की जान को भी खतरा हो सकता है। अपनी गलती का सुधार करते हुए युवक ने थाने में ही एक अनोखा काम किया। उसने किसी सर्विस सेंटर या वाशिंग सेंटर जाने के बजाय खुद पानी की बाल्टी और कपड़ा उठाया और कार साफ करने में जुट गया। घंटों की मेहनत से बनाए गए उन 3400 निशानों को उसने थाने के परिसर में ही अपने हाथों से धोकर मिटाया। गाड़ी को पहले जैसा साफ करने और चालान भरने के बाद ही पुलिस ने उसे चेतावनी देकर जाने दिया।

सड़क सुरक्षा और सोशल मीडिया का ट्रेंड

आजकल सोशल मीडिया पर मशहूर होने के लिए युवाओं का अपनी और दूसरों की जान खतरे में डालना आम होता जा रहा है। ग्वालियर की यह घटना बताती है कि कैसे लोग इंटरनेट पर पहचान बनाने के चक्कर में ट्रैफिक नियमों को भूल जाते हैं। ट्रैफिक जानकारों का कहना है कि गाड़ी के रंग या डिजाइन में ऐसा कोई भी बदलाव गैरकानूनी है, जिससे सड़क पर चल रहे बाकी लोगों का ध्यान भटके। ग्वालियर ट्रैफिक पुलिस की इस चुस्त कार्रवाई की लोगों ने तारीफ की है। पुलिस अफसरों का कहना है कि उनका मकसद किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि युवाओं को यह समझाना है कि सड़कें रील्स या स्टंट बनाने की जगह नहीं हैं। नियम तोड़ने वालों पर आगे भी ऐसी ही सख्ती जारी रहेगी, ताकि सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था बनी रहे। पिछले कुछ समय में मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों से ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहाँ युवाओं ने रील्स और शॉट्स के चक्कर में नियमों की धज्जियाँ उड़ाईं। इससे पहले भी गाड़ी की छत पर बैठकर वीडियो बनाने, बाइक पर खतरनाक स्टंट करने या रेड लाइट तोड़ने पर पुलिस ने गाड़ियाँ जब्त की हैं और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए हैं।

ट्रैफिक नियमों के मुताबिक, किसी भी गाड़ी के मूल रंग या रूप में ऐसा बदलाव करना मना है जिससे उसकी पहचान बदले या सड़क पर दूसरों का ध्यान भटके। ग्वालियर का यह मामला याद दिलाता है कि सोशल मीडिया की थोड़ी सी शोहरत भारी कानूनी पचड़े में फंसा सकती है। प्रशासन अब ऐसे वीडियो बनाने वाले युवाओं पर सख्त नजर रख रहा है।

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