उज्जैन: भादौ माह की पहली सवारी आज निकलेगी, पांच अलग-अलग रूपों में दर्शन देंगे भगवान महाकाल
खबर सार :-
भादौ माह की पहली सवारी आज श्री महाकालेश्वर मंदिर से शाम 4 बजे निकलेगी। बाबा महाकाल पालकी में बैठकर शहर भ्रमण करेंगे। महाकाल की सवारी का लाइव प्रसारण किया जाएगा।
खबर विस्तार : -
उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर से आज शाम 4 बजे भगवान महाकाल की भाद्रपद महीने की पहली और कुल मिलाकर पांचवीं सवारी निकलेगी। मंदिर के सभा-मंडप में पूजा-अर्चना के बाद, बाबा महाकाल को पालकी में बिठाया जाएगा और वे शहर का भ्रमण करेंगे। इस सवारी के दौरान, भक्तों को भगवान महाकाल के पांच अलग-अलग रूपों के दर्शन करने का मौका मिलेगा। मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने इस आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
सभा-मंडप में पूजा-अर्चना के बाद, बाबा महाकाल की पालकी मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंचेगी, जहां सशस्त्र पुलिस बल के जवान देवता को सलामी देंगे। इसके बाद, सवारी तय रास्ते से शहर के भ्रमण के लिए निकलेगी। इस सवारी में घुड़सवार पुलिस दस्ता, सशस्त्र पुलिस बल, होम गार्ड, भजन मंडलियां, झांझ-मंजीरा मंडलियां और पुलिस बैंड शामिल होंगे।
रामघाट पर पूजा और अभिषेक
बाबा महाकाल की सवारी महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बख्शी बाजार और कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंचेगी। वहां शिप्रा नदी के पवित्र जल से भगवान महाकाल का अभिषेक और पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद, सवारी वापस मंदिर की ओर लौटेगी।
वापसी का रास्ता: सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार होते हुए महाकाल मंदिर वापस आएगी।
फेसबुक और LED स्क्रीन पर लाइव प्रसारण
महाकाल की सवारी का लाइव प्रसारण मंदिर प्रबंधन समिति के फेसबुक पेज पर उपलब्ध होगा। इसके अलावा, भक्त सवारी के पीछे चल रहे एक चलते-फिरते रथ पर लगी LED स्क्रीन के माध्यम से भी सवारी को देख सकेंगे।
भस्म आरती के लिए बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार
सोमवार सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही भस्म आरती शुरू हुई। पुजारियों ने गर्भगृह में भगवान महाकाल और अन्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की। इसके बाद भगवान को जल से स्नान कराया गया और फिर पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस का पवित्र मिश्रण) से अभिषेक किया गया। भस्म आरती की परंपरा के अनुसार, पहली घंटी बजने के बाद भगवान को 'हरि-ओम' जल अर्पित किया गया। मंत्रोच्चार और ध्यान के बाद कपूर आरती की गई। इसके बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढका गया और पवित्र भस्म अर्पित की गई। भस्म अर्पित करने की रस्म महानिर्वाणी अखाड़े के प्रतिनिधियों द्वारा निभाई गई। भस्म अर्पित करने के बाद, बाबा महाकाल का भांग, चंदन का लेप, त्रिपुंड (तीन रेखाओं वाला पवित्र चिह्न) और आभूषणों से श्रृंगार किया गया। भगवान को अर्पित की गई वस्तुओं में शेषनाग वाला चांदी का मुकुट, खोपड़ियों की चांदी की माला, रुद्राक्ष की माला और चमेली व गुलाब जैसे फूल शामिल थे। भोग के रूप में फल और मिठाइयां भी अर्पित की गईं।
मंत्रोच्चार से गूंज उठा मंदिर परिसर
सोमवार की सुबह, भगवान वीरभद्र से अनुमति लेने के बाद, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज के बीच बाबा महाकाल मंदिर के कपाट खोले गए। दिव्य श्रृंगार और भस्म आरती के बाद जैसे ही भक्तों ने भगवान के दर्शन किए, पूरा मंदिर परिसर "जय श्री महाकाल" के जयकारों से गूंज उठा। माहौल घंटियों, शंखों और वैदिक मंत्रों की आवाज से भर गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने के साथ-साथ, श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के प्रति भी श्रद्धा व्यक्त की और उनके कान में अपनी मनोकामनाएं कहीं। पूरी प्रक्रिया के दौरान मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयकारों से गूंजता रहा।
साकार रूप में आकर दर्शन देते हैं भगवान
मान्यता है कि पवित्र भस्म अर्पित किए जाने के बाद भगवान महाकाल निराकार रूप से साकार रूप में आकर भक्तों को दर्शन देते हैं। यही धार्मिक परंपरा महाकाल मंदिर की भस्म आरती को देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आकर्षण बनाती है। महाकाल मंदिर के एक पुजारी ने महा आरती संपन्न कराई। बड़ी संख्या में भक्तों ने बाबा महाकाल की भस्म आरती देखी; कई भक्त तो अपने आराध्य देव के दर्शन के लिए पिछली रात से ही कतार में लगे हुए थे। भस्म आरती के दौरान पुरुषों के लिए पारंपरिक धोती-सोला और महिलाओं के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य है।
ये भी पढ़ेंः- उज्जैनः जूना महाकाल, आस्था का अनोखा धाम
अन्य प्रमुख खबरें
-
मकान के मलबे में दबी थी पांच जिंदगियां, पुलिस को फोन उठाने की जरूरत न थी
2026-09-06
-
MP में मौत का तांडव ! सागर में जहरीली शराब पीने से 11 की मौत
2026-09-06
-
नौकरी का झांसा देकर 50 लोगों को बनाया बंधक, फर्जी कंपनी का भंडाफोड़
2026-09-06
-
बीजेपी का शक्ति प्रदर्शन, भजनलाल शर्मा किया रोड शो
2026-09-06
-
निकाय चुनाव: मुख्यमंत्री भजनलाल ने दिया जीत का मंत्र
2026-09-05
-
बिहार बाढ़ः सीएम सम्राट चौधरी ने दिए अधिकारियों को सख्त निर्देश
2026-09-05
-
Mohammad: सपा नेता को सर्किट हाउस परिसर में नमाज पढ़ना पड़ा भारी
2026-09-05
-
CM भजनलाल शर्मा का रोड शो आज, BJP के शक्ति प्रदर्शन पर नजर
2026-09-04
-
काशी में जन्माष्टमी पर भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल, सजी झाकियां
2026-09-04
-
कोच से सीधे अंडरगियर पहुंचेगा कचरा: झांसी वर्कशॉप का नया डस्टबिन डिजाइन बढ़ाएगा रेल स्वच्छता
2026-09-04
-
Janmashtami 2026: नोएडा इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी की धूम
2026-09-04
-
बिहार के जिला अस्पतालों में सर्जरी सेवाओं का विस्तार, अगस्त में हुए 8,209 ऑपरेशन
2026-09-04
-
MP बारिश: उफान पर मंदाकिनी नदी, छतरपुर-मंडला समेत कई जिलों में अलर्ट
2026-09-04
-
मथुरा में सीएम योगी का एलान: अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगा ब्रज
2026-09-04
-
मध्य प्रदेशः भोपाल में 11,000 कृष्ण भक्तों ने किया सामूहिक गीता पाठ
2026-09-04