बहराइचः महबूबनगर में बाघ की खौफनाक दस्तक, उठाकर ले गए किसान को चबा डाला

खबर सार :-

बहराइच के गांव महबूबनगर में बाघ की दस्तक से ग्रामीण दहशत में हैं। यहां एक युवक किसान को उसके घर से बाघ खींच ले गया सुबह होने पर उसका क्षत-विक्षत शव एक खेत में पाया गया है।
बहराइचः आंगन से किसान को खींच ले गया बाघ, आधा-अधूरा शव मिलने पर दहशत

खबर विस्तार : -

बहराइच, उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र के महबूबनगर गांव में बाघ की दहशत बड़ी खौफजदा है। यहां गांव के किसान को बाघ ने चबा डाला। उसका कटा-फटा शव एक खेत में मिला है। मंगलवार तड़के बाघ ने घर के बरामदे में चारपाई पर सो रहे किसान राम सिंह (32) को अपना शिकार बना डाला। यह घटना सुनकर हर कोई हैरान है 

चारपाई से उठाकर जंगल में खींच ले गया

जानकारी के अनुसार, किसान घर पर सो रहा था, इसी समय बाघ घर घुस गया और किसान को चारपाई से उठाकर जंगल की ओर खींच ले गया। किसान की चीख सुनकर परिजनों की नींद टूटी और आवाज की आहट की ओर दौड़ पड़े। चीख पुकार सुनकर ग्रामीणों ने भी किसान की तलाश की, लेकिन किसान का पता नहीं चला। मुश्किल से सुबह होने पर घर से करीब सात सौ मीटर दूर गन्ने के खेत में उसका क्षत-विक्षत शव मिला। इस घटना के बाद कई गांवों तक दहशत फैल गई।

मंगलवार को तड़के बाघ गांव में घुस आया

महबूबनगर के ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार तड़के बाघ गांव में घुस आया। यहां उसने वरामदे में सो रहे 32 वर्षीय किसान राम सिंह पर तड़के करीब तीन बजे हमला कर दिया। राम सिंह को उसने जबड़े में दबाकर घर से बाहर खींच ले गया। संभवतः बाघ ने किसान की गर्दन पकड़कर रखा था। वह ज्यादा शोर नहीं मचा पाए। उनकी चीख सुनकर परिजनों की नींद खुली। वह बाहर पहुंचे तो राम सिंह बिस्तर पर नहीं थे।

घर से सात सौ मीटर दूर खेत में शव देखा गया

आसपास के लोगों को परिजनों के शोर पर जानकारी हुई तो वह लाठी-डंडे लेकर खेतों की ओर दौड़ पड़ें। उनके हाथों में टॉर्च थी। इसी के उजाले पर किसान की तलाश में निकल पड़े। अंधेरा होने के कारण कोई नतीजा नहीं निकला। सुबह उजाला होने पर घर से करीब सात सौ मीटर दूर गन्ने के खेत में राम सिंह का शव देखा गया। किसान के दोनों पैर और पेट का हिस्सा बाघ खा चुका था।

निशान के आधार पर बाघ के हमले की आशंका 

किसान का गला भी गहरे घाव से भरा था। जंगली जानवर की दस्तक और किसान की घटना वन विभाग को बताया गया। जानकारी के आधार पर वन विभाग की टीम और संबंधित थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। उन्होंने आसपास का भी निरीक्षण किया। वन कर्मियों को घर के आंगन और आसपास बाघ के पंजों के स्पष्ट निशान भी मिले। निशानों के आधार पर बाघ के हमले की आशंका जताई जा रही है।

वन विभाग के लोगों का कहना है कि गांव ककरहा वन रेंज के हसुलिया जंगल से करीब एक किलोमीटर दूर है। यह जंगल से सटा माना जाता है। यही कारण है कि कई बार बाघ जैसे जंगली जानवर  आबादी क्षेत्र में आ जाते हैं। इधर किसान के साथ हुई घटना से परिजन बेहाल हैं। गांव में दहशत कई किलोमीटर दूर तक है। मृतक राम सिंह खेती-किसानी कर परिवार को पाल रहे थे। वह मालती प्रसाद का छोटा लड़का था। किसान की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। इधर अब गांव में दहशत बनी हुई है। गांव में वह फिर आ सकता है।

बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा की मांग

किसान के साथ हुई घटना के बाद वन विभाग ने बाघ की तलाश और निगरानी तेज कर दी है। वहीं गांव के लोग पिंजरा लगाने की मांग कर रहे हैं। इस मामले में प्रभागीय वनाधिकारी अपूर्व दीक्षित ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने पर विमर्श किया जा रहा है। इसके साथ ही कई टीमें बनाकर गांव के आसपास खेतों में बाघ का सर्च किया जा रहा है। कई कर्मी इस काम में लगाए गए हैं। 

अकेले घर से बाहर न निकलने की सलाह

डीएफओ ने ग्रामीणों को सावधान रहने के लिए कहा है। उनका कहना है कि अंधेरे में अकेले घर से बाहर न निकलें। जंगल या झाड़ियों की ओर जाने से बचें। उन्होंने घरों के आसपास उजाला बनाए रखने की सलाह दी है। यदि किसी व्यक्ति को वन्यजीव दिखाई दे वह तत्काल विभाग को सूचना दें। 

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