शिमला में तड़के 4 बजे भूस्खलन, कई मकानों पर मंडराया खतरा, लोगों में दहशत
खबर सार :-
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली में शनिवार सुबह 4 बजे भूस्खलन से अफरा-तफरी मच गई। भूस्खलन के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। लोगों ने प्रशासन से निर्माण कार्य रोकने की मांग की है।
खबर विस्तार : -
शिमला: शनिवार तड़के राजधानी शिमला के संजौली कॉलेज के पास बोथवेल इलाके में जबरदस्त भूस्खलन (लैंडस्लाइड) से हड़कंप मच गया। जब सुबह करीब 4 बजे यह भूस्खलन हुआ, तो ज्यादातर लोग अपने घरों में सो रहे थे। हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन तीन-चार रिहायशी मकान खतरे की जद में हैं।
भूस्खलन के बाद स्थानीय लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और बारिश के बीच खुले में खड़े होकर प्रशासन की मदद का इंतजार करने लगे। निवासियों का आरोप है कि कई बार सूचना देने के बाद पुलिस पहुंची और प्रभावित परिवारों को एहतियात के तौर पर घर खाली करने की सलाह दी। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनके पास रहने के लिए कोई दूसरी जगह नहीं है, जिससे वे अनिश्चितता और डर के माहौल में हैं।
प्रशासन और जन प्रतिनिधियों के रवैये पर सवाल
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और जन प्रतिनिधियों के रवैये पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सुबह से ही पार्षद, विधायक, मेयर और अन्य प्रतिनिधियों से संपर्क करने की कोशिशों के बावजूद किसी ने उनके फोन का जवाब नहीं दिया और न ही कोई मौके पर पहुंचा। निवासियों ने तुरंत राहत, सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था और प्रभावित इलाके में सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है।
लोगों ने की निर्माण कार्य रोकने की मांग
भूस्खलन के कारण संजौली कॉलेज जाने वाली सड़क को सहारा देने वाली रिटेनिंग वॉल (दीवार) ढह गई, जिससे मलबा नीचे बने घरों की ओर गिर पड़ा। इससे घरों तक जाने का रास्ता भी कट गया, जिससे निवासियों का आना-जाना बाधित हो गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा मंजूर एक निजी निर्माण परियोजना के लिए पहाड़ी की खुदाई की गई थी। उनका दावा है कि लगातार बारिश के कारण खोदा गया हिस्सा कमजोर हो गया, जिससे भूस्खलन हुआ। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन तुरंत निर्माण कार्य रोके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इलाके का विस्तृत भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराए।
28 जून को भी हुआ था जबरदस्त भूस्खलन
निवासियों ने चेतावनी दी कि मॉनसून अभी शुरू ही हुआ है और अगर समय रहते प्रभावी उपाय नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में और भी भयानक भूस्खलन हो सकता है। गौरतलब है कि इसी इलाके में 28 जून, 2025 को भी जबरदस्त भूस्खलन हुआ था। उस समय पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर रिहायशी मकानों पर गिरे थे, जिससे कई महिलाएं और बच्चे अंदर फंस गए थे।
ये भी पढ़ेंः- दतिया में 12 घंटे के बाद चक्काजाम समाप्त, एएसपी समेत कई अधिकारी चोटिल
अन्य प्रमुख खबरें
-
‘उत्साह और जोश से भरा हुआ है देश’, तिरंगा यात्रा में बोले CM मोहन यादव
2026-08-14
-
हमीरपुर में खुलेगा हिमाचल प्रदेश का पहला 'साइंस काॅलेज': सीएम सुक्खू
2026-08-14
-
शहडोलः बारिश में परेशानी का सबब बना माॅडल रोड, दुर्घटना का बढ़ा खतरा
2026-08-14
-
भोपाल में निकली 32 किमी लंबी तिरंगा यात्रा, सीएम मोहन यादव हुए शामिल
2026-08-14
-
चाकसू में भव्य तिरंगा यात्रा, देशभक्ति के नारों से गूंजा कस्बा
2026-08-14
-
Koderma Accident: कांवड़ियों से भरी बस और ट्रक में टक्कर, तीन की मौत
2026-08-14
-
ग्रेटर नोएडा में लकड़ी की दुकान पर लगी भीषण आग, एक की मौत
2026-08-14
-
चमोली में भीषण हादसा: टनल धंसने से अब तक 3 की मौत, रेस्क्यू जारी
2026-08-13
-
UP T-20 : CM करेंगे इकाना स्टेडियम में लीग का उद्घाटन, बदला रहेगा रूट
2026-08-13
-
साइबर अपराधियों के गढ़ पर पुलिस का प्रहार, झांसी पुलिस सम्मानित
2026-08-13
-
बदमाशों ने गल्ला व्यापारी को मारी गोली, जांच में जुटी पुलिस
2026-08-13
-
भाजपा विधायक की अगुवाई में निकली तिरंगा यात्रा
2026-08-13
-
RSS और VHP के कार्यकर्ता सिविल संन्यासीः स्वामी रामदयालजी
2026-08-13
-
हर घर तिरंगा अभियानः गौतमबुद्धनगर में देशभक्ति का माहौल
2026-08-13
-
पश्चिम बंगाल के कई जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी
2026-08-13