राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में छात्राओं के साथ संवाद, पुलिस अधिकारियों ने साझा किए अनुभव

खबर सार :-

लखनऊ के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में प्रदेश सरकार के अभियान के तहत छात्राओं के लिए करियर मार्गदर्शन और सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
लखनऊ में छात्राओं के लिए करियर मार्गदर्शन और सुरक्षा जागरूकता अभियान

खबर विस्तार : -

Lucknow : उत्तर प्रदेश सरकार की पहल के अंतर्गत विद्यार्थियों को वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभव से जोड़ने और उन्हें भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति तैयार करने के वास्ते राजधानी के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) कमिश्नरेट लखनऊ, किरन यादव ने मुख्य वक्ता के रूप में हिस्सा लिया और छात्राओं को जीवन में ऊंचे लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को शिक्षा, प्रशासनिक सेवाओं और सुरक्षा संबंधी विषयों पर सीधे मार्गदर्शन उपलब्ध कराना था, जिससे वे बिना किसी संकोच के अपने करियर की रूपरेखा तैयार कर सकें।

करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को सिविल सेवा परीक्षाओं जैसे आईएएस और आईपीएस की कार्यप्रणाली, उनकी भूमिका और सामाजिक दायित्वों के बारे में विस्तार से समझाया गया। वक्ता ने विद्यार्थियों को अपनी व्यक्तिगत रुचि और क्षमता के आधार पर ही भविष्य के विकल्प चुनने की सलाह दी। पढ़ाई के दौरान आने वाली बाधाओं से निपटने और लगातार मेहनत करने के महत्व पर भी जोर दिया गया ताकि युवा वर्ग प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बनकर देश और समाज के विकास में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सके।

पुलिस व्यवस्था और प्रशासनिक स्तर की जानकारी

विद्यार्थियों के भीतर प्रशासनिक और पुलिस महकमे के कामकाज को लेकर स्पष्ट समझ विकसित करने के वास्ते पुलिस व्यवस्था के विभिन्न चरणों की रूपरेखा रखी गई। इसमें एक पुलिस चौकी से लेकर थाना स्तर और फिर वरिष्ठ अधिकारियों यथा एसीपी, डीसीपी, एडीसीपी और पुलिस कमिश्नर के उत्तरदायित्वों से छात्राओं को परिचित कराया गया। इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति या मुश्किल समय में पुलिस विभाग से किस प्रकार संपर्क साधा जाए, इसकी व्यावहारिक प्रक्रिया भी समझाई गई ताकि जरूरत पड़ने पर छात्राएं त्वरित सहायता प्राप्त कर सकें।

महिला एवं साइबर सुरक्षा के प्रति सजगता

वर्तमान समय की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए महिला सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के उपायों पर विशेष बल दिया गया। छात्राओं को ऑनलाइन माध्यमों पर सक्रिय रहने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों जैसे कि किसी के साथ भी अपना ओटीपी, पिन या पासवर्ड साझा न करने की हिदायत दी गई। सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल और संदिग्ध लिंक्स से दूर रहने के साथ-साथ किसी भी वित्तीय धोखाधड़ी या आपात स्थिति में तुरंत सहायता पाने के लिए प्रमुख हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी साझा की गई।

छात्राओं ने खुलकर अपने सवाल अधिकारियों के सामने रखे

कार्यक्रम का स्वरूप पूरी तरह से संवादात्मक रखा गया जिसमें छात्राओं ने खुलकर अपने मन में उठ रहे सवाल अधिकारियों के सामने रखे। करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर साइबर अपराधों से जुड़ी जिज्ञासाओं का संतोषजनक समाधान पाकर छात्राओं ने अपने भीतर एक नया आत्मविश्वास महसूस किया। इस दोतरफा संवाद ने न केवल उनकी शंकाओं का निवारण किया बल्कि उन्हें अधिक सजग और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी अग्रसर किया।
यह पूरा आयोजन प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को सही दिशा, बेहतर अवसर और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने के लिए चलाए जा रहे करियर मार्गदर्शन अभियान का हिस्सा है। इस अभियान के तहत प्रशासनिक अधिकारियों को सीधे शैक्षणिक संस्थानों में भेजकर विद्यार्थियों से संवाद कराया जा रहा है ताकि वे किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक जीवन की चुनौतियों और उनसे निपटने के तरीकों से परिचित हो सकें।

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