कौशाम्बी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: तीन फरार आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम, सात पुलिसकर्मी निलंबित
खबर सार :-
कौशाम्बी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में तीन फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। लापरवाही पर सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। हादसे में 11 की मौत की पुष्टि हुई है।
खबर विस्तार : -
कौशाम्बी: उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले के पिपरी थाना क्षेत्र में अवैध पटाखा निर्माण एवं भंडारण फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। हादसे के बाद फरार चल रहे तीन आरोपियों की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। वहीं, मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में प्रयागराज परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक ने पिपरी थाना और चायल चौकी में तैनात सात निरीक्षक और उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है।
पुलिस के मुताबिक, 31 अगस्त को सुबह करीब 11:30 बजे पिपरी थाना क्षेत्र के ग्राम चिल्ला शाहबाजी में एक पटाखा निर्माण एवं भंडारण कारखाने में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ था। विस्फोट इतना भीषण था कि आसपास का इलाका दहल गया। हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पिपरी थाने में मुकदमा अपराध संख्या 219/2026 दर्ज कर छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और 288 तथा विस्फोटक अधिनियम की धारा 4/5/9बी के तहत कार्रवाई की गई है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, तीन अभी फरार
पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से एक आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस मुठभेड़ के दौरान हुई। वहीं, तीन आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने फरार आरोपियों की पहचान महमूदपुर मनौरी, थाना पिपरी निवासी शकील पुत्र निजामुद्दीन, कहकसा बानो पत्नी नौशाद और आदिल पुत्र नौशाद के रूप में की है। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस टीमों को संभावित ठिकानों पर दबिश देने के लिए लगाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस अधीक्षक ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को फरार आरोपियों के बारे में कोई जानकारी मिलती है तो वह तत्काल नजदीकी पुलिस थाने या जनपद कंट्रोल रूम को सूचना दे। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
सात पुलिसकर्मी निलंबित
भीषण हादसे के बाद पुलिस प्रशासन ने अपने स्तर पर भी कार्रवाई की है। पुलिस महानिरीक्षक, प्रयागराज परिक्षेत्र ने पिपरी थाना और चायल चौकी में तैनात सात निरीक्षक एवं उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है। इन पुलिसकर्मियों पर अभियुक्त के खिलाफ समय रहते कार्रवाई नहीं करने और कथित लापरवाही बरतने के आरोप हैं। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण की गतिविधियां किस स्तर पर चल रही थीं और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी थी या नहीं।
लाइसेंस की अवधि को लेकर भी जांच
जांच में सामने आया है कि जिस पटाखा निर्माण एवं भंडारण कारखाने में विस्फोट हुआ, उसकी अनुमति अली पुत्र निजामुद्दीन, निवासी महमूदपुर मनौरी, थाना पिपरी के नाम से जारी की गई थी। पुलिस के अनुसार, यह अनुमति 31 मार्च 2026 तक के लिए निर्गत की गई थी। ऐसे में हादसे के समय फैक्ट्री का संचालन किस आधार पर किया जा रहा था, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि फैक्ट्री में पटाखों के निर्माण और भंडारण के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। साथ ही, अनुमति की अवधि समाप्त होने के बाद भी यदि वहां निर्माण अथवा भंडारण जारी था तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका क्या थी, इसे जांच के दायरे में रखा गया है।
फरार आरोपियों की तलाश तेज
हादसे के बाद से फरार तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार काम कर रही हैं। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही आरोपियों के संपर्क में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा हो सकता है।
11 लोगों की मौत और पांच लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के बाद प्रशासन पर भी सवाल उठे हैं। पुलिस द्वारा सात अधिकारियों के निलंबन और फरार आरोपियों पर इनाम घोषित किए जाने को इसी मामले में जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अब पुलिस की प्राथमिकता फरार आरोपियों को गिरफ्तार करना और विस्फोट की वास्तविक वजह तथा फैक्ट्री संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच पूरी करना है।
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