झांसी विकास प्राधिकरण का बड़ा फैसला: अब साल में तीन बार होगी खाली संपत्तियों की ऑनलाइन नीलामी

खबर सार :-

झांसी विकास प्राधिकरण (JDA) ने खाली भूखंडों की नीलामी के लिए नई नीति बनाई है। अब साल में तीन बार (अप्रैल, अगस्त, दिसंबर) ऑनलाइन ई-ऑक्शन होगा। जानिए पूरी जानकारी।
झांसी विकास प्राधिकरण की खाली संपत्तियों की नीलामी - JDA Property Auction 2026

खबर विस्तार : -

झांसी: अपना आशियाना बनाने की चाह रखने वाले नागरिकों के लिए राहत भरी खबर है। झांसी विकास प्राधिकरण (JDA) ने अपनी गैर-विवादित और मानकों पर खरी उतरने वाली संपत्तियों की नीलामी व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब नागरिकों को भूखंडों की नीलामी की जानकारी के लिए बार-बार विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। JDA ने यह तय किया है कि वर्ष में तीन बार सुनियोजित तरीके से खाली संपत्तियों की नीलामी की जाएगी, जिसके लिए अप्रैल, अगस्त और दिसंबर के महीने निर्धारित किए गए हैं।

ऑनलाइन नीलामी और प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सिस्टम में बदलाव

आम तौर पर लोग बाजार में मौजूद निजी बिल्डरों के धोखाधड़ी के मामलों से बचने के लिए विकास प्राधिकरणों और सरकारी संस्थाओं पर अधिक भरोसा जताते हैं। इसी विश्वास को ध्यान में रखते हुए जेडीए ने अपनी इस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाने का निर्णय लिया है। ऑनलाइन नीलामी की पूरी प्रक्रिया एक महीने तक चलेगी। इस समयावधि के दौरान जेडीए की आधिकारिक वेबसाइट पर सभी खाली संपत्तियों का पूरा विवरण उपलब्ध रहेगा, जिसे कोई भी आम नागरिक आसानी से देख सकेगा। इस नई व्यवस्था की शुरुआत 89 खाली भूखंडों की नीलामी के साथ की जा रही है।

पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सिस्टम में कई तकनीकी फेरबदल किए गए हैं। पहले विभाग में नीलामी को लेकर कोई निश्चित नीति नहीं थी, जिससे प्रक्रिया कभी भी शुरू हो जाती थी और कई बार नियमों का सही से अनुपालन नहीं हो पाता था। लेकिन अब नए सिस्टम के तहत तय समय से पहले ही संबंधित अधिकारियों के व्हाट्सएप पर संदेश पहुंच जाएगा, जिससे निर्धारित माह और तय समय पर पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ सकेगी।

विभिन्न आवासीय योजनाओं और शुभ मुहूर्तों पर विशेष प्रावधान

झांसी विकास प्राधिकरण ने पूर्व में बेतवा विहार, सारंधरा नगर और पीतांबर नगर समेत कई प्रमुख आवासीय योजनाएं जमीन पर उतारी हैं, जिनके माध्यम से लोगों को घर बनाने के अवसर मिले हैं। हालांकि, इनमें से कुछ संपत्तियां अब तक नीलाम नहीं हो सकी थीं। नई नीति के तहत अब इन सभी खाली संपत्तियों को व्यवस्थित रूप से बेचने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

इस नई नीति का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें शुभ मुहूर्तों का भी ध्यान रखा गया है। कई बार लोग विशेष तिथियों पर खरीदारी करना पसंद करते हैं, जिसे देखते हुए नवरात्र, धनतेरस और अक्षय तृतीया जैसे प्रमुख शुभ मुहूर्तों पर भी नीलामी का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा। इससे संपत्ति खरीदने वाले नागरिक अपनी पसंद के मुहूर्त पर संपत्ति के कानूनी मालिक बन सकेंगे।

जेडीए की संपत्तियों के ऑक्शन के लिए स्पष्ट नीति निर्धारित

इस पूरी व्यवस्था को लेकर झांसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष हिमांशु गौतम ने आधिकारिक जानकारी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेडीए की संपत्तियों के ऑक्शन के लिए अब एक स्पष्ट नीति निर्धारित कर दी गई है।


"जेडीए की संपत्ति के ऑक्शन के लिए नीति निर्धारित की गई है। अब वर्ष में तीन बार खाली संपत्ति की नीलामी की जाएगी। इसके लिए प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सिस्टम में भी बदलाव किया गया है। अप्रैल, अगस्त और दिसंबर माह में खाली प्रॉपर्टी की नीलामी होगी और इस अवधि में वेबसाइट पर संपत्ति का विवरण दर्ज होगा, जिससे आम लोग भी इस ई-ऑक्शन में शामिल हो सकेंगे।" — हिमांशु गौतम, उपाध्यक्ष, झांसी विकास प्राधिकरण


इस प्रकार, जेडीए की ओर से उठa गए इन कदमों से उन लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी जो सुरक्षित निवेश कर अपना घर बनाना चाहते हैं। नियमों के दायरे में रहकर तय किए गए इन महीनों और डिजिटल माध्यमों से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी। झांसी विकास प्राधिकरण ने अतीत में कई आवासीय कॉलोनियों (जैसे बेतवा विहार, सारंधरा नगर, पीतांबर नगर) का निर्माण किया है। हालांकि, पहले कोई सुसंगत और पारदर्शी नीलामी नीति न होने के कारण कई भूखंड बिना बिके रह जाते थे और लोगों को जानकारी के लिए विभागों के चक्कर काटने पड़ते थे। वर्तमान सुधारों के साथ इस पुरानी कार्यप्रणाली को व्यवस्थित किया गया है।

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