बिहार में सीएम ने की चिकित्सा आपके द्वार अभियान की शुरुआत, 6 करोड़ लोगों की होगी जांच

खबर सार :-

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान की शुरुआत की। 30 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान में 6 करोड़ लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी।
बिहारः 6 करोड़ लोगों की होगी मुफ्त जांच, 30 नवंबर तक चलेगा अभियान

खबर विस्तार : -

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को राज्य के सभी 38 जिलों में 'जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार' अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने 'जागरूकता रथों' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह खास अभियान 2 सितंबर से 30 नवंबर तक चलेगा।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को इस अभियान की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया है। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि इस अभियान का मकसद बीमारियों का समय पर पता लगाना और इलाज करना है, न कि बीमारी के गंभीर होने का इंतजार करना। समय पर जांच से बीमारी का जल्दी पता चलता है, जिससे बेहतर और ज्यादा असरदार इलाज संभव हो पाता है।

घर-घर जाकर जांच करेंगे स्वास्थ्यकर्मी

इस अभियान के तहत 30 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर शुरुआती जांच और सलाह देंगे। ज़रूरत के हिसाब से मरीजों को 'आयुष्मान आरोग्य मंदिरों' से लेकर जिला अस्पतालों तक में इलाज की सुविधा दी जाएगी। इस अभियान में डायबिटीज, हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर), कैंसर, दिल की बीमारी, सांस और फेफड़ों की बीमारी और फैटी लिवर जैसी बीमारियों की जांच की जाएगी।

सरकार का लक्ष्य 6 करोड़ लोगों की जांच 

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य लगभग 6 करोड़ लोगों की जांच करना और उनके हेल्थ रिकॉर्ड बनाना है। भविष्य में इलाज के दौरान बेहतर इस्तेमाल के लिए इन रिकॉर्ड्स को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जाएगा। एक स्वस्थ परिवार ही समृद्ध बिहार की नींव होता है, और लोगों को अपनी बीमारियों का समय पर इलाज करवाना चाहिए।

स्थानीय अस्पतालों में हो रहा इलाज

सम्राट चौधरी ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में हुए सुधारों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अब जिला अस्पतालों में 45 तरह की सर्जरी हो रही हैं, जबकि पहले जिला और अनुमंडल अस्पतालों में 36 तरह की सर्जरी होती थीं। अस्पतालों से मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भेजने (रेफरल) के मामलों में कमी आई है, जबकि स्थानीय स्तर पर होने वाली सर्जरी की संख्या बढ़ी है; ऑपरेशन की संख्या जून में 2,428 से बढ़कर अब 8,000 से ज्यादा हो गई है।

एनीमिया की जांच का चल रहा अभियान

उन्होंने बताया कि एनीमिया (खून की कमी) की जांच का अभियान भी चल रहा है, जिसमें एक करोड़ लोगों की जांच का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 'मिशन कायाकल्प' शुरू करने की बात कही, जिसके तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs), अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (APHCs) और उप-केंद्रों में सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन को मजबूत करने के लिए नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों के छात्रों को विदेशी भाषा का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जाएगी। इससे उन्हें देश और विदेश, दोनों जगहों पर रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

अभियान में शामिल होने की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विजन और बिहार के लिए एक समृद्ध भविष्य के लक्ष्य पर जोर देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की सेहत का ध्यान रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने और 30 साल और उससे ज्यादा उम्र के परिवार के सदस्यों की स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने की अपील की। इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि और अन्य अधिकारी मौजूद थे। सांसद, विधायक, एमएलसी, जिला मजिस्ट्रेट, डॉक्टर, नर्स और आशा कार्यकर्ता भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसमें शामिल हुए।

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