राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामलाः चंपत राय-अनिल मिश्रा बेदाग, SIT की जांच रिपोर्ट में मिली क्लीन चिट
खबर सार :-
Ram Mandir Donation Theft: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा को बड़ी राहत मिली है। SIT ने इस मामले में दोनों को क्लीन चिट दे दी है।
खबर विस्तार : -
Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या में श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने सोमवार को अपनी फाइनल रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है। सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दी गई है। शुरुआती रिपोर्ट में भी चंपत राय (Champat Rai) को दोषमुक्त करार दिया गया था। हालांकि शुरुआती रिपोर्ट में गिनती की प्रक्रिया को लेकर अनिल मिश्रा (Anil Mishra) की ओर से लापरवाही का आरोप लगाया गया था, लेकिन उन्हें सीधे तौर पर आरोपी नहीं बनाया गया था।
SIT की रिपोर्ट में चंपत राय-अनिल मिश्रा का नाम नहीं
SIT की रिपोर्ट में दान गणना के दौरान बैंक और ट्रस्ट की निगरानी व व्यवस्था में कुछ कमजोरियों और चूकों का जिक्र किया गया था। इसलिए, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को मजबूत किया जा रहा है। UP के गृह विभाग ने SIT की फाइनल रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है। रिपोर्ट में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा के नाम शामिल नहीं हैं। इससे पहले चंपत राय और अनिल मिश्रा दोनों ने मंदिर में दान के प्रबंधन में गड़बड़ी के आरोपों के बाद 27 जून को अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।
13 जून को हुआ था SIT टीम का गठन
ट्रस्ट के अनुरोध पर, सरकार ने 13 जून को लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यों वाली SIT का गठन किया। IG (रेंज) किरण एस और स्पेशल सेक्रेटरी (वित्त) नील रतन कुमार को SIT का सदस्य नियुक्त किया गया। जांच के दौरान, टीम ने चढ़ावे से जुड़े मामले में तथ्यों, दस्तावेजों और संबंधित लोगों के बयानों की जांच की। रिपोर्ट में कई सुझाव दिए गए थे, जिसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई की गई।
FIR दर्ज होने के बाद हुई गिरफ़्तारियां
शुरुआती जांच के आधार पर, ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने श्री राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई। 25 जून को FIR दर्ज की गई, जिसमें आठ लोगों और अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। FIR में जिन लोगों के नाम हैं, उनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव (उर्फ टीनू) शामिल हैं।
नामजद सभी आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है और उनके ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) के तहत मामला दर्ज किया गया है। SIT की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर ही बाद में दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में FIR दर्ज की गई और गिरफ़्तारियां की गईं।
चंपत राय-अनिल मिश्रा की भूमिका पर उठे थे सवाल
चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा की भूमिकाओं पर सवाल उठे थे। इस विवाद के बीच, दोनों ने ट्रस्ट में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। अब उन्हें राहत मिली है क्योंकि राज्य सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की रिपोर्ट में उनके नाम शामिल नहीं हैं। मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया था। यह पैनल सुप्रीम कोर्ट के किसी भी दखल से पहले बनाया गया था।
इस मामले में चंपत राय ने कहा कि चढ़ावा इकट्ठा करने में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और गड़बड़ियों को रोकना उनकी ज़िम्मेदारी का हिस्सा था, और कथित गड़बड़ी का पता चलने पर उन्होंने कार्रवाई की। उन्होंने जांचकर्ताओं को बताया कि संदिग्ध चोरी के बारे में उन्होंने खुद शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
ये भी पढ़ेंः- संसद में पुजारी बने पप्पू यादव, राहुल गांधी ने किया दान; विपक्ष ने उठाया 'चंदा चोरी' का मुद्दा
CEO की नियुक्ति प्रक्रिया जारी
गौरतलब है कि राम मंदिर में चढ़ावे के गलत इस्तेमाल (Ram Mandir Donation Theft) के आरोपों के बाद, एक फुल-टाइम CEO नियुक्त करने का फैसला किया गया और इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई। राम जन्मभूमि न्यास ने इस पद के लिए मिले लगभग 5,200 आवेदनों में से 18 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया है; इनमें दक्षिण भारत के मंदिरों से जुड़े पूर्व वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। CEO नियुक्त करने के फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है, और अयोध्या के कुछ साधु-संत इस कदम का विरोध कर रहे हैं। राम जन्मभूमि न्यास ने जगदीश अफले को अपना पहला सचिव नियुक्त करने का प्रस्ताव भी दिया है। इस फैसले पर 2 सितंबर को ट्रस्ट की अगली बैठक में मंजूरी मिलने की संभावना है।
चंपत राय बने थे 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' के महासचिव
उल्लेखनीय है कि 2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद चंपत राय को 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' का महासचिव नियुक्त किया गया था। इस ट्रस्ट में 15 सदस्य थे, जिनमें ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास, महासचिव चंपत राय, विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा डॉ. अनिल मिश्रा और निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेन्द्र दास शामिल थे। इसके अलावा, अयोध्या के जिला मजिस्ट्रेट (DM) भी पदेन सदस्य के तौर पर इसमें शामिल होते हैं। महासचिव के तौर पर चंपत राय मंदिर के सभी कामकाज की देखरेख करते थे, जबकि डॉ. अनिल मिश्रा हर समय उनके साथ मिलकर काम करते थे।
ये भी पढ़ेंः- अयोध्या श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण: गृह विभाग ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भेजी एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट
अन्य प्रमुख खबरें
-
झांसी में चेन स्नैचिंग का 10 घंटे में खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
2026-08-18
-
तारापीठ होटल अग्निकांड में 9 की मौत, मुख्य मालिक की तलाश तेज
2026-08-18
-
तमिलनाडु में कमजोर मानसून और अधिक तापमान से बढ़ी पानी की चिंता
2026-08-18
-
उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी, नदियों का जलस्तर बढ़ा
2026-08-18
-
Rajasthan: राजस्थान में बड़े पैमाने पर IAS-RAS अफसरों का तबादला
2026-08-18
-
भोपाल में टैक्सी हड़ताल से लोग परेशान, मनमाना किराया वसूल रहे ऑटो चालक
2026-08-18
-
MP Road Accident: भिंड में भीषण सड़क हादसा, यूपी के 8 मजदूरों की मौत
2026-08-18
-
हिमाचल में 21 अगस्त तक होगी झमाझम बारिश, आज कई जिलों में अलर्ट
2026-08-18
-
Monsoon 2026: यूपी के कई जिलों में बरस रहे बादल, इन जिलों में अलर्ट
2026-08-18
-
JSSC CGL एग्जाम रद्द, 2000 से ज्यादा लोगों की जाएगी नौकरी
2026-08-17
-
सुलतानपुर में संत रविदास जयंती पर भव्य कलश वंदन यात्रा
2026-08-17
-
सुलतानपुर में 34वीं लंबी कूद अखाड़ा प्रतियोगिता, खिलाड़ियों ने दिखाया दम
2026-08-17
-
कोल्डड्रिंक में मिलाकर पिलाया नशीला पदार्थ, बेहोशी हालत में किया बलात्कार!
2026-08-17
-
मध्य प्रदेश में फिर लौटा मानसून, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
2026-08-17
-
चाकसू में मंदिर विकास के 25 लाख के कार्यों का शिलान्यास
2026-08-17