बंगाल में डेंगू का बढ़ता प्रकोप, 7 दिन में 500 से ज्यादा नए मराजों की पुष्टि, मुर्शिदाबाद सबसे ज्यादा प्रभावित
खबर सार :-
पश्चिम बंगाल में डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। पिछले सात दिनों में राज्य में डेंगू के 500 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं। इनमें मुर्शिदाबाद जिले पहले नंबर पर है।
खबर विस्तार : -
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में डेंगू के नए मामलों की संख्या 500 के पार पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में डेंगू के मामलों की निगरानी और रोकथाम के लिए 2 सितंबर को एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया गया था। इसके बाद, घर-घर जाकर निगरानी करने और डेंगू के लक्षण वाले लोगों की तुरंत खून की जांच करने का एक बड़ा अभियान शुरू किया गया।
एक अधिकारी ने बताया कि इस बड़े अभियान के बाद, पिछले सात दिनों में राज्य में डेंगू के 500 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं। अधिकारी ने आगे कहा कि पिछले हफ्ते दर्ज किए गए इन 500 नए मामलों के साथ, इस साल डेंगू से प्रभावित लोगों की कुल संख्या 4,500 के आंकड़े को पार कर गई है।
मुर्शिदाबाद में सबसे ज्यादा 870 मामले
मुर्शिदाबाद सबसे ज्यादा प्रभावित जिला बनकर उभरा है, चाहे बात पिछले सात दिनों में सामने आए नए मामलों की हो या मौजूदा कैलेंडर वर्ष में कुल मामलों की। पिछले हफ्ते मिले लगभग 500 नए मामलों में से 96 अकेले मुर्शिदाबाद से थे। इसी तरह, इस साल दर्ज किए गए डेंगू के कुल 4,500 मामलों में से 870 मामले मुर्शिदाबाद से हैं।
कोलकाता में मिले कुल 402 मामले
कोलकाता दूसरे स्थान पर है, जहां इस साल अब तक कुल 402 मामले सामने आए हैं; पिछले सात दिनों में वहां 62 नए मामले दर्ज किए गए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ऐसे आंकड़े भी दिए जिनसे पता चलता है कि अप्रैल से राज्य भर में डेंगू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
राज्य में डेंगू के 4,500 से ज्यादा मरीज
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 30 अप्रैल तक राज्य में 770 लोग डेंगू से संक्रमित थे; यह संख्या 31 जुलाई तक बढ़कर 1,946 हो गई, 31 अगस्त तक 3,966 तक पहुंच गई और अब 4,500 के आंकड़े को पार कर गई है। हालांकि, एक अच्छी बात यह है कि इस साल रिपोर्ट किए गए आंकड़े पूरी तरह से सही हैं; मामलों की कम रिपोर्टिंग या डेंगू को "अज्ञात बुखार" के तौर पर गलत वर्गीकृत करने जैसी कोई घटना नहीं हुई है।
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सीएम बोले- घबराएं नहीं
इस साल की शुरुआत में, मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की थी कि वे लगातार हो रही भारी बारिश के बीच डेंगू की स्थिति को लेकर घबराएं नहीं। उन्होंने यह भी कहा था कि स्थिति गंभीर तो है, लेकिन बहुत ज्यादा चिंताजनक नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि मौजूदा मानसून के दौरान पश्चिम बंगाल में डेंगू से प्रभावित लोगों की संख्या ज्यादा है, लेकिन पिछले साल के मानसून के आंकड़ों की तुलना में यह काफी कम है।
अभियान की होगी वीडियो रिकॉर्डिंग
डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए, स्वास्थ्य विभाग अपने अभियान को और तेज करने की तैयारी कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्री शरद्वत मुखर्जी ने बताया कि यह अभियान 7 सितंबर से शुरू होगा और इसकी गतिविधियों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों से कहा जाएगा कि वे बच्चों को पूरी आस्तीन वाली शर्ट पहनने के लिए कहें।
लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर
मानसून के दौरान डेंगू के मामलों में हुई बढ़ोतरी ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इसलिए, मच्छरों के पनपने की जगहों को खत्म करने, नियमित रूप से स्प्रे करने और लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
FAQ
1. पश्चिम बंगाल में डेंगू के कितने मामले दर्ज हुए?
इस साल डेंगू से प्रभावित लोगों की कुल संख्या 4,500 के आंकड़े को पार कर गई है।
2. डेंगू किस मच्छर के काटने से होता है?
डेंगू बुखार एडीज एजिप्टी प्रजाति की संक्रमित मादा मच्छर के काटने से होता है।
3. डेंगू से बचाव कैसे संभव है?
डेंगू से बचाव मुख्य रूप से मच्छरों के काटने से बचकर और उनके पनपने की जगहों को खत्म करके ही संभव है।
4. डेंगू के क्या लक्षण हैं?
अचानक तेज बुखार, मांशपेशियों व हड्डियों में तेज दर्द, आंखों को घुमाने पर तेज दर्ज, शरीर पर लाल चकत्ते उभरना, जी मचलाना और अत्याधिक थकान महसूस करना।
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