आपकी मांसपेशियां भी दे सकती हैं धोखा, इसलिए नियमित करें यह दो काम

खबर सार :-

कम उम्र में भी यदि पोषक तत्व शरीर को नहीं मिल पा रहे हैं और मांसपेषियों में खिंचाव नहीं हो पा रहा है तो यह किसी के लिए भी खुशहाली के संकेत नहीं हो सकते हैं। इसलिए आसानी से मिलने वाले नियमित पोषक तत्व और कुछ खास एक्सरसाइज बुढ़ापे तक तकलीफ से दूर रख सकते हैं।
कम उम्र में भी कमजोर हो सकती हैं मांसपेशियां, समय रहते करें यह दो उपाय

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली:  शरीर में लचीलापन होना जरूरी होता है। सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करता कि आप कितनी देर तक स्ट्रेचिंग करते हैं। आपके खाने में यदि पोषक तत्व हैं तो इसका भी इसमें बड़ा योगदान हो सकता है। अगर आप शरीर को रोजाना सही मात्रा में प्रोटीन, विटामिन और जरूरी तत्व नहीं दे पा रहे हैं तो मांसपेशियों की ताकत और उनकी काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। यदि आप शरीर को पीने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं दे रहे हैं तोे भी बेहतर नतीजे नहीं निकल सकते हैं।

नियमित व्यायाम और स्ट्रेचिंग जरूरी

इसीलिए कहा हाता है कि संतुलित खाना ही शरीर को व्यायाम के बाद खुद को ठीक करने और मजबूत बनाने में मदद करता है। इसका मतलब यह नहीं कि हम केवल अपने शरीर को पोषक तत्व ही देते रहें, इसके लिए और बातें जरूरी हैं। इनमें यह बात साफ है कि कोई एक फल, सब्जी या दूसरा खाद्य पदार्थ खाने से शरीर अचानक लचीलापन पैदा नहीं कर देता है। इसके लिए सही खाने और पाने के साथ नियमित व्यायाम और स्ट्रेचिंग भी जरूरी है। शरीर के लिए दिनभर पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। गर्मी में या ज्यादा कसरत करने पर शरीर से पसीने के जरिए पानी निकल जाता हैै। 

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अमीनो एसिड भी बनता है सहायक  

 सबसे पहले बात प्रोटीन वाले खाने की तो अंडा, दूध, दही, पनीर, सोया, चना, राजमा और चिकन बहुत अच्छे स्रोत माने गए हैं। यह बात सही है कि शरीर में प्रोटीन सीधे तौर पर शरीर को लचीला नहीं बनाता, लेकिन लचीलेपन के लिए जरूरी मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में सहायक जरूर होता है। इसके साथ ही विटामिन सी भी काफी मददगार बनता है। यह हमें आंवला, टमाटर, अमरूद, नींबू, संतरा, कीवी और शिमला मिर्च जैसे खाद्य पदार्थों में मिल जाता है। प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों को बनाता है और उनकी मरम्मत भी करने के काम आता है। इधर जब हम कसरत करते हैं तो मांसपेशियों पर थोड़ा खिंचाव पड़ता है। शरीर की मरम्मत के लिए अमीनो एसिड सहायक होता है। यह एसिड भी प्रोटीन से मिलते हैं। मजबूत और स्वस्थ मांसपेशियां शरीर के अंगों को बेहतर बनाती हैं। शरीर हर समय हिलता या काम करता रहता है। इन तरीके में भी यह मदद करता है।

भरपूर र्मैग्नीशियम की रहती है जरूरत

 शरीर में विटामिन सी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। इसका काम कोलेजन बनाने में मदद करना है। कोलेजन एक तरह का प्रोटीन है। यह त्वचा के अलावा हड्डियों, जोड़ों और मांसपेशियों को जोड़ने के अलावा अन्य हिस्सों को मजबूती देने में मदद करता है। इसी तरह से हमें मैग्नीशियम की जरूरत होती है। बादाम, काजू, तिल, पालक, कद्दू के बीज, साबुत अनाज, और दूसरी हरी सब्जियां मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत माने गए हैं। यह तत्व हमारी मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज को बेहतर करने में मददगार होते हैं। हम हमारे हम हाथ-पैर हिलाते हैं तो मांसपेशियां कभी सिकुड़ती हैं और कभी ढीली होती हैं। इसी दौरान हमें मैग्नीशियम की भी जरूरत होती है। इसलिए खाने में मैग्नीशियम की पर्याप्त मात्रा लेने से मांसपेशियों को ताकत मिलती है। 

पानी कम पीने से बढ़ सकती हैं परेशानियां

ओमेगा-3 वाली चीजें भी खाई जा सकती हैं। अलसी के बीज, चिया के बीज और अखरोट जैसी चीजों में ओमेगा-3 होता है। शरीर में होने वाली सूजन को नियंत्रित करता है। शरीर में ज्यादा सूजन मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द पैदा कर सकता है। ऐसे में ओमेगा-3 शरीर को देने से स्वस्थ बनने में मदद मिलती है। पानी भी शरीर के बहुत जरूरी है। कई लोग खाते बारबार, लेकिन पानी नहीें पीते हैं। लचीलेपन के लिए शरीर में पानी की कमी होने पर थकान और कमजोरी महसूस होती है। इससे कसरत करने की क्षमता भी कम हो सकती है। 

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