सिर्फ हड्डियों और दांतों के लिए ही नहीं, मांसपेशियों और दिल के लिए भी जरूरी है कैल्शियम
खबर सार :-
कैल्शियम केवल हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि यह मांसपेशियों, नसों और शरीर की कई अन्य जरूरी प्रक्रियाओं के सुचारू संचालन में भी अहम भूमिका निभाता है।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: स्वस्थ रहने के लिए हमारे शरीर को कई तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है, और कैल्शियम इनमें से सबसे जरूरी मिनरल्स में से एक है। कैल्शियम का नाम सुनते ही अक्सर हड्डियां और दांत याद आते हैं, लेकिन शरीर में इसकी भूमिका इससे कहीं ज्यादा है। इसलिए, रोजाना के खाने में सही मात्रा में कैल्शियम लेना बहुत जरूरी है।
कैल्शियम हमारी हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। शरीर का ज्यादातर कैल्शियम हड्डियों और दांतों में जमा होता है। इसके अलावा, यह मांसपेशियों के सही ढंग से काम करने में भी मदद करता है। कैल्शियम दिल की धड़कन को सामान्य रखने और खून का थक्का जमने की प्रक्रिया में भी मदद करता है।
हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी
कैल्शियम की जरूरत सिर्फ बढ़ती उम्र के बच्चों को ही नहीं होती, बल्कि हर उम्र के लोगों को इसकी जरूरत होती है। उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की मजबूती बनाए रखने के लिए कैल्शियम से भरपूर संतुलित आहार लेना जरूरी है। कैल्शियम पाने के लिए हमेशा सप्लीमेंट्स की जरूरत नहीं होती; इसे संतुलित आहार से भी पाया जा सकता है।
दही और पनीर कैल्शियम के बेहतरीन स्रोत
दूध और डेयरी उत्पाद, जैसे दही और पनीर, कैल्शियम के बेहतरीन स्रोत माने जाते हैं। इसके अलावा, सोयाबीन, बादाम, दालें, अंजीर, मूली, गाजर और हरी पत्तेदार सब्जियों जैसी चीजों को भी अपने खाने में शामिल किया जा सकता है। अलग-अलग तरह के खाद्य पदार्थों को मिलाकर खाने से आहार ज्यादा पौष्टिक और संतुलित बनता है।
विटामिन D भी बहुत जरूरी
सिर्फ कैल्शियम लेना ही काफी नहीं है; शरीर में इसके सही अवशोषण (absorption) के लिए विटामिन D बहुत जरूरी है। इसलिए, कैल्शियम से भरपूर चीजों के साथ-साथ विटामिन D के अच्छे स्रोतों और स्वस्थ जीवनशैली पर भी ध्यान देना चाहिए।
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रोजाना कैल्शियम की जरूरत
आम तौर पर, वयस्कों के लिए रोजाना कैल्शियम की जरूरत लगभग 1.0 से 1.5 ग्राम मानी जाती है। हालांकि, उम्र, लिंग और स्वास्थ्य की स्थिति के आधार पर असल जरूरत अलग-अलग हो सकती है। इसलिए, अपनी खास जरूरतों को जानने के लिए डॉक्टर या डायटीशियन से सलाह लेना बेहतर होता है।
बच्चों के लिए कैल्शियम की जरूरत
हर उम्र के बच्चों के लिए कैल्शियम की अलग-अलग मात्रा की जरूरत होती है। जैसे 6 महीने के बच्चे के लिए 200 मिलीग्राम, 7 से 12 महीने के लिए 250 मिलीग्राम कैल्शियम की दैनिक जरूरत होती है। इसी तरह उम्र के साथ कैल्शियम की मात्रा भी बढ़ जाती है।
कैल्शियम की कमी से होने वाली बीमारियां
कैल्शियम की कमी से हाइपोकैल्सीमिया नाम की स्थिति पैदा हो जाती है, जिससे कई गंभीर बीमारियां और समस्याएं होती हैं:
- ऑस्टियोपोरोसिस: हड्डियां बहुत कमजोर और नाजुक हो जाती हैं, जिससे मामूली चोट लगने पर भी उनके टूटने का खतरा बढ़ जाता है।
- रिकेट्स: यह बीमारी मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करती है, जिसमें हड्डियां नरम हो जाती हैं और मुड़ने या टेढ़ी-मेढ़ी होने लगती हैं।
- दांतों की समस्याएं: कैल्शियम की कमी से दांत कमजोर हो जाते हैं और कैविटी (दांतों का सड़ना) व मसूड़ों की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
- मांसपेशियों में ऐंठन और खिंचाव: मांसपेशियों में तेज दर्द, खिंचाव और अचानक अकड़न महसूस होती है।
- कमजोर बाल और नाखून: नाखून आसानी से टूटने लगते हैं और बाल झड़ने लगते हैं।
- गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्याएं: कैल्शियम की बहुत ज्यादा कमी से हाथों और पैरों में सुन्नपन या झुनझुनी हो सकती है, या गंभीर मामलों में दौरे पड़ने जैसी जानलेवा स्थिति भी पैदा हो सकती है।
FAQ
1. कैल्शियम शरीर के लिए कितना जरूरी है?
कैल्शियम शरीर के लिए जरूरी है; यह न सिर्फ मजबूत हड्डियां और दांत बनाता है, बल्कि मांसपेशियों, नसों और दिल के सही कामकाज को भी नियंत्रित करता है।
2. विटामिन D क्या काम करता है?
विटामिन D शरीर के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है, जो मुख्य रूप से कैल्शियम और फास्फोरस को सोखने में मदद करता है।
3. कैल्शियम के मुख्य स्रोत क्या-क्या हैं?
दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पाद और हरी पत्तेदार सब्जियां कैल्शियम के मुख्य स्रोत हैं।
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