पटियाला के मैराथन से दूर रहे नशेबाज, अवसर था गुरु रविदास महाराज के 650वें प्रकाश पर्व का

खबर सार :-

पंजाब: पटियाला में मैराथन कर गुरु रविदास महाराज का प्रकाश पर्व मनाया गया। इस मैराथन से नशेबाज दूर रहे। मैराथन में बड़ी संख्या में बच्चों की भी भागीदारी रही।
पटियाला: मैराथन कर मनाया गुरु रविदास महाराज का 650वां प्रकाश पर्व

खबर विस्तार : -

पंजाबः पटियाला में गुरु रविदास महाराज के 650वें प्रकाश पर्व के अवसर पर एक भव्य मैराथन का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में बच्चे और युवा मौजूद रहे। खास बात यह रही की मैराथन से नशा करने वाले युवाओं को दूर रखा गया। स्वास्थ्य मंत्री ने युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहने की सीख भी दी। उन्होंने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

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बड़ी संख्या में धावकों की मौजूदगी रही

मंत्री ने पत्रकारों से कई पहलुओं पर बात किया। पटियाला में गुरु रविदास महाराज का 650 वां प्रकाश पर्व पोलो ग्राउंड में मैराथन के साथ मनाया गया। यहां पर पहुंचे युवाओं को एक अध्याय पढ़ाया गया। युवाओं को बताया गया कि वह गुरु रविदास की शिक्षाओं से जुड़ंे और नशे से दूर रहें। रविदास जी नशा को एक बुराई मानते थे। खुद भी इससे दूर रहे और दूसरों को भी दूर रहने की सीख देते रहे। मैराथन में बच्चों और बड़ों का तालमेल बहुत ही सुंदर रहा है।

सुबह से ही यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंच चुके थे। युवाओं को खेलों के प्रति उनमें रुझान पैदा करने के लिए ऐसा आयोजन होना चाहिए। आयोजकों ने कहा है की भविष्य में और भी अच्छे खेल आयोजन होंगे। इन आयोजनों से युवाओं के स्वास्थ्य पर बेहतर असर पड़ता है। वह अपने भविष्य के बारे में सोच पाते हैं। मैराथन को रवाना करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री बलवीर सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बच्चों और युवाओं को शिक्षा के साथ खेल से जोड़ना बेहद जरूरी है।

गुरु रविदास महाराज के उद्देश्य बताए

उन्होंने बताया कि गुरु रविदास महाराज के उद्देश्यों में भी बच्चों को स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज भी 600 साल बाद समाज के लिए उनके विचार प्रासंगिक हैं। डॉ बलबीर सिंह ने गुरु रविदास महाराज के लिए कहा कि आज भी समाज में तमाम तरह की दिक्कतें हैं, लेकिन रविदास महाराज ने हमेशा व्याप्त भेदभाव और नफरत है के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने हर किसी को अच्छा इंसान बनने के लिए कहा है।

नफरत और भेदभाव समाज की चुनौती बने हुए हैं। लेकिन इससे किसी का विकास नहीं हो सकता है। आगे की पीढियों के लिए भी यह नुकसानदायक हो सकते हैं। मैराथन जैसा कार्यक्रम युवाओं के सकारात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मददगार बनता है। आयोजकों का उद्देश्य भी यही रहा है और उनकी सोच सच कहती है। युवाओं को भटकने से रोका जाए, आज कल मोबाइल के अलावा ऐसे तमाम गैजेट से आ गए हैं जो ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसी प्रवृत्ति में फंसकर युवा गलत दिशा की ओर बढ़ जाते हैं। 

खेल आयोजन बार-बार होने चाहिए

बच्चे इनका मोह त्याग नहीं पा रहे हैं और इसीलिए मैराथन के अलावा भी तमाम खेल आयोजन बार-बार होने चाहिए। इससे बच्चों का ध्यान डाइवर्ट हो सकता है। ऑनलाइन गेमिंग के कारण ही साइबर अपराध बढ़े हैं। यह बेहद चिंताजनक है। इस बारे में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि बच्चों को इस बुराई से निकालना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह एक चुनौती है और इसे हम सभी को मिलकर मानना होगा। हमें चुनौती स्वीकारना होगा।

भविष्य में अभिभावक शिक्षक समाज के जागरूक लोग मिलकर इस नकारात्मक गतिविधि के खिलाफ आवाज भी उठाएंगे। उन्होंने अपील की की अपने बच्चों को शिक्षा, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और रचनात्मक कार्य की ओर आकर्षित करें। डॉक्टर बलबीर सिंह ने कहा कि पंजाब में नशा एक चुनौती बन गया है। सरकार ने बार-बार कई ऐसे आयोजन किए हैं जो नशे के खिलाफ हुए। लेकिन नशे से युवा दूर नहीं हो पा रहे हैं। यदि बच्चों को छोटी उम्र में ही इसकी बुराइयां समझ में आ जाए तो वह बड़े होने तक किसी हद तक दूर ही रहेंगे।

खेलों के प्रति रूझान पैदा करें अभिभावक

स्वास्थय का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ युवा ही मजबूत पंजाब को आगे बढ़ाने में भागीदार हो सकता है। स्वास्थय और खेलों का बहुत करीबी संबंध रहा है। बच्चों को चाहिए कि वह सुबह कसरत करें। योग करें और खेल भी खेलें। इस दौरान आत्मविश्वास और अनुशासन तथा टीम भावना जागृत होती है। सरकार के साथ समाज को भी चाहिए कि वह बच्चों को ऐसे आयोजनों के प्रति प्रोत्साहित करें।

पंजाब यूनिवर्सिटी में हुए विद्यार्थी चुनाव और उनसे जुड़े विवादों पर भी वह बोले डॉक्टर सिंह ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद विद्यार्थी नेताओं की जिम्मेदारी समाज के प्रति बढ़ जाती है। उन्हें यहीं से देश की अच्छी राजनीति की समझ लानी होगी। विद्यार्थियों के लिए काम करेंगे तो निश्चित ही समाज सेवक के रूप में जाने पहचाने व्यक्ति होंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राजनीति में आरोप प्रत्यारोप स्वाभाविक हैं, लेकिन समाधान होना चाहिए। 

राजनीति में सबको मिलता है मौका 

सकारात्मक वातावरण के लिए हर तरफ से प्रयास भी करने चाहिए। अकाली नेता विक्रम मजीठिया को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि राजनीति में विपक्षी नेताओं को वास्तविक मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए, लेकिन उनके प्रति किसी का ध्यान नहीं रहता है। देश की जीडीपी और रोजगार पर उन्होंने केंद्र सरकार को भी घेरा। राहुल गांधी पर हुए केस को लेकर जो माहौल बन रहा है, उस पर उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष कुछ मामले उठा रहे हैं। यह चुनाव के दौरान होता रहता है। आखरी में उन्होंने फिर युवाओं और बच्चों को खेलों से जोड़ने की सलाह दी। उन्होंने सीख देते हुए कहा कि बच्चों को नशे और सामाजिक बुराइयों से बचकर रहना ही होगा।

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