पश्चिम बंगाल में डेंगू के मरीज 5,000 पार, 29 नगर पालिकाएं और 278 ग्राम पंचायतें हाॅटस्पाॅट घोषित

खबर सार :-

पश्चिम बंगाल में डेंगू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मुर्शिदाबाद में डेंगू के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए।
पश्चिम बंगाल में बढ़ रहा डेंगू, मुर्शिदाबाद में सबसे ज्यादा 1,072 मरीज

खबर विस्तार : -

कोलकाता: इस साल अब तक पश्चिम बंगाल में डेंगू से प्रभावित लोगों की संख्या 5,000 के पार पहुंच गई है। इसके जवाब में, राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने 29 नगर पालिकाओं, 85 सामुदायिक विकास ब्लॉकों और 278 ग्राम पंचायतों को हॉटस्पॉट के तौर पर चिह्नित किया है। 

राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कर्मचारी इन इलाकों में ज्यादा सघन और रैंडम ब्लड सैंपल टेस्टिंग पर ध्यान दे रहे हैं, क्योंकि पिछले महीने डेंगू-पॉजिटिव मामलों की सबसे ज्यादा संख्या इन्हीं हॉटस्पॉट से सामने आई थी।

हाॅटस्पाॅट तय करने के मानक

अधिकारी के अनुसार, विभाग इन हॉटस्पॉट की पहचान करने के लिए एक खास फार्मूला अपना रहा है। अधिकारी ने समझाया, "जिस ग्राम पंचायत में डेंगू के 10 या उससे ज्यादा मरीज मिलते हैं, उसे हॉटस्पॉट पंचायत माना जाता है। इसी तरह, जिस कम्युनिटी ब्लॉक में डेंगू के 30 से ज्यादा मामले होते हैं, उसे हॉटस्पॉट ब्लॉक का दर्जा दिया जाता है। अगर किसी नगर पालिका के ज्यादातर वार्डों में पांच या उससे ज्यादा लोग डेंगू से प्रभावित होते हैं, तो उसे हॉटस्पॉट माना जाता है।" इसके अलावा, विभाग इन हॉटस्पॉट में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान भी चला रहा है। 

लक्षण दिखने पर जांच की अपील

लोगों से अपील की जा रही है कि अगर उनमें डेंगू के लक्षण दिखें, जैसे कि दो या उससे ज्यादा दिनों तक बुखार रहना, तो वे ब्लड टेस्ट के लिए आगे आएं। अधिकारी ने कहा, "हमारी मुख्य चिंता यह है कि इनमें से कई हॉटस्पॉट में, लोग अक्सर दो या उससे ज्यादा दिनों तक बुखार रहने पर डॉक्टर से सलाह लेने के बजाय खुद ही दवा ले लेते हैं। इससे संकट और बढ़ जाता है। इसलिए, हम बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चला रहे हैं और जनता से अपील कर रहे हैं कि दो दिन या उससे ज्यादा समय तक बुखार रहने पर खुद दवा न लें, बल्कि ब्लड टेस्ट के लिए पास के हेल्थ सेंटर जाएं या डॉक्टर से सलाह लें।"

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पानी की टंकियों को ढककर रखें

साथ ही, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी डेंगू के फैलाव को रोकने के लिए घर-घर जाकर निगरानी कर रहे हैं। "हेल्थ वर्कर लोगों को सलाह दे रहे हैं कि वे घर के पानी की टंकियों और सिस्टर्न को ढककर रखें। अगर ढक्कन न हो, तो उन्हें मच्छरदानी या जाली से ढक देना चाहिए।" राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "छत पर रखे फूलों के गमलों और बेकार पड़े कंटेनरों में पानी जमा होने से रोकने के बारे में भी जागरूकता फैलाई जा रही है।"

नालियों और सूखी नहरों की निगरानी 

स्वास्थ्य विभाग तालाबों, नालियों, पुलों, सूखी नहरों, बेकार पड़े कुओं और फैक्ट्री परिसरों की भी निगरानी कर रहा है। गाइडलाइंस के मुताबिक लार्वा मारने वाली दवाओं (लार्विसाइड्स) का इस्तेमाल किया जा रहा है। 

एक महीने में 2,500 तक बढ़े डेंगू के मामले

रविवार को स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू का अपना ताजा बुलेटिन जारी किया, जिसमें बताया गया कि 11 सितंबर तक 5,002 लोग इससे प्रभावित हुए थे। हालांकि, चिंता की बात यह है कि अगस्त में इसी तारीख तक डेंगू के कुल मामले 2,500 से कम थे। इससे पता चलता है कि पिछले एक महीने में 2,500 और लोग डेंगू की चपेट में आए हैं। विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मुर्शिदाबाद जिले में सबसे ज्यादा मामले (1,072) हैं, इसके बाद कोलकाता (500) और उत्तर 24 परगना (450) का नंबर आता है।

15 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को डेंगू के लक्षण वाले व्यक्तियों की जांच के लिए 15 अक्टूबर तक एक व्यापक अभियान चलाने का निर्देश दिया है। जिला अधिकारियों को सलाह दी गई है कि वे बुखार से पीड़ित पाए जाने वाले लोगों की दैनिक संख्या और डेंगू के लिए जांच किए गए व्यक्तियों की संख्या के बारे में विभाग को नियमित रिपोर्ट सौंपें।

FAQ

1. डेंगू कैसे फैलता है?

डेंगू मुख्य रूप से संक्रमित एडीज मच्छरों के काटने से फैलता है।

2. पश्चिम बंगाल में डेंगू के कितने मरीजों की पुष्टि हुई?

स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 11 सितंबर तक 5,002 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई।

3. पश्चिम बंगाल के किस जिले में सबसे अधिक डेंगू के मामले सामने आए?

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में सबसे ज्यादा मामले (1,072) हैं, इसके बाद कोलकाता (500) और उत्तर 24 परगना (450) का नंबर आता है।

4. डेंगू से रोकथाम के लिए क्या उपाय करना चाहिए?

मच्छरों के काटने से खुद को बचाना, घर के आसपास या गमलों, कूलर आदि स्थानों पर पानी को जमा होने से रोकना और समय-समय पर रूके हुए पानी में केरोसिन का तेल का छिड़काव करने से डेंगू से रोकथाम संभव है। 

5. स्वास्थ्य विभाग ने क्या अपील की है?

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से दो या उससे ज्यादा दिनों तक बुखार रहने पर डाॅक्टर से सलाह लेने और ब्लड टेस्ट करवाने की अपील की है।

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