वाराणसी में जलभराव को लेकर एके शर्मा सख्त, बोले-नालों में बोरी डालने वालों पर केस

खबर सार :-

वाराणसी की खूबसूरती पर रोड़ा डालने वालों पर नगर विकास और ऊर्जा मंत्री ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों को निर्दश दिए हैं कि शहर की जल निकासी पर जो भी रूकावट पैदा करे, उसके खिलाफ कार्रवाई करें।
काशी को बदनाम करने की साजिश: नालों में बहाई गिट्टी भरी बोरियां!

खबर विस्तार : -

वाराणसी, वाराणसी में अब जलभराव का कारण बनने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। नदी, नाले और नालियों में कचरा और बोरियां डालने पर भी बड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर विकास और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने रविवार को यह मैसेज दे दिया है कि वाराणसी का नाम बदनाम करने की कोशिश नहीं चलेगी। उन्होंने बताया कि उनके पास ऐसे वीडियो हैं, जिनमें देखा गया कि जलभराव की कोशिश में नई बोरियों में गिट्टियां भरकर नालों में फेंका गया।

शहर की जल निकासी पर रुकावट

शहर की खूबसूरती पर और प्रदेश सरकार के विकास के रास्ते में रोड़ा डालने वालों पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शहर की जल निकासी पर जो भी रूकावट पैदा करे, उसके खिलाफ कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि वीडियोग्राफी कराएं और सफाई में बाधा तथा जलभराव का कारण बनने वाले के खिलाफ एफआईआर कराएं। शहर की साफ-सफाई, जल निकासी और बिजली से जुड़े मामलों को लेकर एक बैठक की। इसमें संबंधित विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रही।

नगर विकरास मंत्री ने बैठक के दौरान विभाग से संबंधित कार्याें की समीक्षा की। जनप्रतिनिधियों की ओर से उठाए गए साफ-सफाई, जल निकासी, बिजली व्यवस्था और बारिश के दौरान हुई समस्याओं पर अधिकारियों से सवाल जवाब भी हुए। इस दौरान सबसे बड़ा संकट जलभराव का रहा। इसपर नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने नाराजगी जताई। उन्होंने नालों में प्लास्टिक की बोरियां डालकर जल निकासी बाधित करने वाले कुछ वीडियो पर सवाल उठाए। 

भरी बोरियां डालने के कई मामले

मंत्री ने कहा कि उन्होंने खुद ऐसे वीडियो और तस्वीरें देखी हैं। बड़े नालों में नई प्लास्टिक की बोरियां डालकर पानी का बहाव रोेका जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि वह बोरियां नई गिट्टियों भरी थी। उन्हें नालों में डाला गया था। नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि इस तरह नालों के प्रवाह को रोकने की कोशिश की गई। उनका आरोप था कि राजनीतिक प्रयासों के चलते काशी और प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कार्य किया है। उन्होंने कहा कि यह तो स्वाभाविक है कि नाले का पानी रुकता है तो जलभराव होगा। यद्यपि ऐसा कार्य करने पर नगर निगम की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। ऐसे घृणित प्रयास केवल एक नहीं कई जगहों पर किए गए हैं। यह मामले अब पुलिस के पास हैं। 

अगले साल काशी में जलभराव नहीं होगा

एके शर्मा ने कहा कि काशी एक ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी है। यहां दुनियाभर से लोग घूमने आते हैं। उन्होंने जलभराव के मसले पर अपनी राय रखी। यदि बारिश हो जाती है तो जल निकासी एक समस्या और चुनौती हैै। उन्होंने कई इलाकों में सफाई व्यवस्था और जलभराव का निरीक्षण भी किया। उनके निरीक्षण में ज्यादातर इलाकों में साफ-सफाई और जल निकासी की व्यवस्था संतोषजनक थी। मीडिया को उन्होंने बताया कि कुछ ऐसे स्थान हैं, जहां हर साल जलभराव हो रहा है।

ऐसे सभी स्थानों को चिन्हित कर समस्या से छुटकारा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि जिन इलाकों में परंपरागत रूप से जलभराव होता है, वहां इंजीनियरिंग के आधार पर समाधान तलाशना होगा। उन्होंने कहा कि काशी को हमेशा के लिए जलभराव की समस्या से मुक्त करने में जितने धन की जरूरत पड़े, सरकार उतने धन की व्यवस्था करेगी। यदि मंत्री की बात पर अधिकारी गौर करें और जलभराव वाले स्थानों पर काम कर ले जाते हैं तो अगले साल यहां जलभराव नहीं होगा।

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