नई परियोजनाओं से नोएडा के 60 हजार लोगों को होगा फायदा

खबर सार :-

Noida में सीवर की समस्या का समाधान निकालने के लिए लोग कई बार सांसद डॉ. महेश शर्मा और विधायक पंकज सिंह से मिलते रहे। उनकी इस परेशानी का समाधान निकाल लिया गया है। शुक्रवार को सेक्टर-56 में नवनिर्मित संपवेल का लोकार्पण दोनों की उपस्थिति किया गया।
Noida: पंकज सिंह की मौजूदगी में sewer की दो परियोजनाओं का लोकार्पण

खबर विस्तार : -

नोएडा: शहर में हर साल आबादी बढ रही है। जिस रफ्तार से आबादी बढ़ रही है, ठीक उसी तरह यहां sewer व्यवस्था में भी सुधार की जरूरत है। इस सुधार की मांग करते नोएडा प्राधिकरण पर दबाव बढ़ रहा था। इसको कम करने के लिए प्राधिकरण ने सेक्टर-56 और सेक्टर-51 के लिए दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत की है।

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सेक्टर-56 में संपवेल से तत्काल राहत की उम्मीद

शुक्रवार को सेक्टर-56 में नवनिर्मित संपवेल का लोकार्पण किया गया, जबकि सेक्टर-51 में प्रस्तावित नए संपवेल का शिलान्यास किया गया। यह काम सांसद डॉ. महेश शर्मा और विधायक पंकज सिंह की मौजूदगी में हुआ। सीवर से संबंधित समस्या पर प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि दोनों परियोजनाओं के पूरा हो जाने के बाद सेक्टरों में सीवर निस्तारण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। 

सेक्टर-56 में संपवेल के संचालन से तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं सेक्टर-51 में निर्माण पूरा होने के बाद आसपास के कई इलाकों को लाभ मिलेगा। प्राधिकरण का कहना है कि नई व्यवस्था से सीवर ओवरफ्लो नहीं होंगे। इसके अलावा जलभराव जैसी समस्याओं पर नियंत्रण लग जाएगा। साथ ही बढ़ती आबादी के कारण भविष्य में सीवर निस्तारण को लेकर पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए भी आधार तैयार रहेगा। इन दोनों सेक्टर करीब 60 हजार आबादी वाले हैं। सेक्टर-56 में तैयार किए गए संपवेल की क्षमता 5 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) है।

1.43 करोड़ रुपए इसके निर्माण पर खर्च किए गए

नोएडा प्राधिकरण की ओर से करीब 1.43 करोड़ रुपए इसके निर्माण पर खर्च किए गए हैं। यहां अभी कई और परिवर्तन बाद में किए जाने हैं। इनमें संपवेल के शुरू होने के बाद सेक्टर-56 से निकलने वाले सीवर को सेक्टर-55 स्थित सीवर पंपिंग स्टेशन तक पहुंचाने की जरूरत समझी जा रही है। इसे सेक्टर-54 स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में भेजा जाएगा। 

सेक्टर-51 में प्रस्तावित संपवेल के बारे में काफी विचार किया गया है। यहां की आबादी बढ़ रही है। तमाम तरह की दिक्कतें भी आ जाती हैं। इसलिए इनकी योजना तैयार करते आसपास के क्षेत्र और सीवर लोड को पूर्व में प्लान के समय ही सोच लिया गया था। आवासीय विकास के कारण कई क्षेत्रों में सीवर नेटवर्क पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में संपवेल के माध्यम से सीवर को एकत्र कर पंपिंग स्टेशन और एसटीपी तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।

अनियंत्रित बहाव को रोकने में सफलता मिलेगी

प्राधिकरण का कहना है कि इस व्यवस्था के शुरू होने से सेक्टर-56 में सीवर की समस्या दूर कर ली जाएगी। यहां क्षेत्र में काफी समय से सीवर संबंधी समस्या आ रही थी। इसको काफी हद तक दूर कर लेने में सफलता मिल जाएगी। इसके अलावा सेक्टर-51 में संपवेल प्रस्तावित है। बताया जा रहा है कि इसकी क्षमता 8 एमएलडी निर्धारित है। इसका निर्माण कार्य पूरा कर लेने की स्थिति में करीब 4.83 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह संपवेल सेक्टर-51 पार्ट-बी के साथ ही केंद्रीय विहार, होशियारपुर तथा डी-11 और डी-10 ड्रेन से जुड़े सीवर समस्या में मददगार होगा। एसटीपी-50 में यहां के सीवर को भेजा जाएगा। इसका वैज्ञानिक तरीके से ट्रीटमेंट किया जाएगा। 

इन क्षेत्रों पर्यावरण, सफाई और बारिश के दौरान की समस्याओं को भी इन कार्याें के साथ ही दूर किया जाएगा। सेक्टर-51 में प्रस्तावित व्यवस्था के बारे में अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की जा रही है। सेक्टर-51 में दी जा रही व्यवस्था से अनियंत्रित बहाव को रोकने में सफलता मिलेगी। इससे जल प्रदूषण की रोकथाम में भी मदद मिलने की उम्मीद है। बहरहाल अब यहां के लोगों में काफी खुशी है। साथ ही उम्मीद की जा रही है कि बचे हुए काम भी जल्द पूरे कर जिए जाएंगे। 

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