दुर्गा पूजा 2026: देवी मंत्रों से गूंजेगा ईडन गार्डन्स, महालया का आयोजन होगा खास आकर्षण

खबर सार :-

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। राज्य सरकार ईडन गार्डन्स में विशेष आयोजन की तैयारी कर रही है। यहां महालया के दिन होने वाला कार्यक्रम खास आकर्षण होगा।
ईडन गार्डन्स में दुर्गा पूजा के आयोजन की तैयारी, CAB से मांगी अनुमति

खबर विस्तार : -

कोलकाता: कोलकाता का ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स अब क्रिकेट के साथ-साथ बंगाल की सांस्कृतिक पहचान का भी एक बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। यहां दुर्गा पूजा के दौरान खास कार्यक्रमों की तैयारी चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 10 अक्टूबर यानी महालया के दिन होने वाला एक भव्य आयोजन होगा। राज्य सरकार इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आमंत्रित करने की योजना बना रही है। 

बंगाल में महालया का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत अधिक है; यह दुर्गा पूजा के माहौल की शुरुआत का प्रतीक है। इस साल, राज्य सरकार इस भव्य उत्सव के लिए ईडन गार्डन्स जैसी ऐतिहासिक जगह का इस्तेमाल कर रही है। खबरों के अनुसार, इन तैयारियों के लिए 25 सितंबर से 15 अक्टूबर तक, यानी लगभग 21 दिनों तक ईडन गार्डन्स में विशेष इंतजाम किए जाएंगे। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि एक बड़ा सांस्कृतिक उत्सव है, जिसे UNESCO ने अपनी 'अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' (Intangible Cultural Heritage) की सूची में शामिल किया है। हर साल, राज्य सरकार कोलकाता में बड़े पैमाने पर दुर्गा पूजा मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करती है।

बंगाल सरकार ने सीएबी से मांगी अनुमति

पश्चिम बंगाल सरकार ने इस साल दुर्गा पूजा के भव्य जश्न के लिए ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स स्टेडियम को बुक करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए राज्य सरकार ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ बंगाल (CAB) को पत्र लिखकर 25 सितंबर से 15 अक्टूबर, 2026 तक मैदान उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। युवा सेवा और खेल विभाग द्वारा CAB सचिव को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सूचना और सांस्कृतिक मामलों के विभाग के अनुरोध पर, 2026 की दुर्गा पूजा के जश्न के हिस्से के तौर पर कई सांस्कृतिक और उत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। इसमें एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल है, जिसके लिए ईडन गार्डन्स को बुक करने की जरूरत है।

रणजी ट्रॉफी मैच का स्थान बदले जाने की संभावना

स्टेज बनाने, सजावट, लाइटिंग, सुरक्षा इंतजाम और अन्य तैयारियों के कारण स्टेडियम में होने वाली नियमित क्रिकेट गतिविधियां प्रभावित होंगी। नतीजतन, ईडन गार्डन्स में होने वाले बंगाल बनाम दिल्ली रणजी ट्रॉफी मैच का समय या स्थान बदले जाने की संभावना है; खबरों के अनुसार इसे कल्याणी में शिफ्ट किया जा सकता है।

162 साल पुराना है ईडन गार्डन्स का इतिहास

ईडन गार्डन्स का इतिहास लगभग 162 साल पुराना है, इसकी स्थापना 1864 में हुई थी। ईडन परिवार के नाम पर रखा गया यह स्टेडियम कोलकाता के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित खेल स्थलों में से एक है। ईडन गार्डन्स में पहला टेस्ट मैच 1934 में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया था। तब से, इस स्टेडियम ने भारतीय क्रिकेट इतिहास के कई अहम पलों को देखा है, जिसमें वर्ल्ड कप मैच, ऐतिहासिक टेस्ट मैच और कई यादगार अंतरराष्ट्रीय मुकाबले शामिल हैं।

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कई ऐतिहासिक मैचों का गवाह बना ईडन गार्डन

1987 क्रिकेट वर्ल्ड कप का फाइनल ईडन गार्डन्स में ही खेला गया था। इसके अलावा, 1993 हीरो कप का सेमीफाइनल और 1996 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल जैसे मैच भी इस स्टेडियम की शानदार क्रिकेट विरासत का हिस्सा हैं। 2001 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया ऐतिहासिक टेस्ट मैच भी ईडन गार्डन्स के इतिहास में खास जगह रखता है। लंबे समय से ईडन गार्डन्स सिर्फ एक क्रिकेट स्टेडियम से कहीं बढ़कर रहा है। यहां फुटबॉल और अन्य बड़े खेल आयोजन भी हुए हैं। 1977 में पेले की मौजूदगी में इसी मैदान पर न्यूयॉर्क कॉसमॉस और मोहन बागान के बीच मैच खेला गया था।

दुर्गा पूजा के भव्य आयोजन के लिए विशेष तैयारी

इस साल पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा को बड़े पैमाने पर मनाने के लिए राज्य सरकार खास तैयारियां कर रही है। त्योहार के दौरान कोलकाता में बड़े पैमाने पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, ड्रोन शो और कॉन्सर्ट आयोजित करने की योजना है। राज्य सरकार के एक अधिकारी के मुताबिक, यह दुर्गा पूजा एक अभूतपूर्व नजारा पेश करेगी। इन प्रस्तावित समारोहों का मकसद बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने लाना और त्योहार के मौसम में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को राज्य की ओर आकर्षित करना है।

सांस्कृतिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

बंगाल पर्यटन विभाग दुनियाभर में रहने वाले बंगालियों को कोलकाता में होने वाले मुख्य दुर्गा पूजा समारोहों से जोड़ने के लिए एक खास पहल भी शुरू कर रहा है। इस कार्यक्रम का नाम 'दुनियाभर के बंगालियों की भावनाएं - दुर्गा पूजा ग्लोबल कनेक्ट 2026' रखा गया है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल के जरिए पश्चिम बंगाल को एक प्रमुख सांस्कृतिक पर्यटन स्थल के तौर पर बढ़ावा दिया जा सकेगा, खासकर इसलिए क्योंकि यूनेस्को ने कोलकाता की दुर्गा पूजा को 'अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' के तौर पर मान्यता दी है।

ईको-फ्रेंडली तरीके से आयोजित होंगे कार्यक्रम

दुर्गा पूजा के कार्यक्रम इको-फ्रेंडली तरीके से आयोजित किया जाएगा, जिसमें सिंगल-यूज प्लास्टिक को खत्म करना, कचरे को अलग-अलग करना, डिजिटल इनविटेशन का इस्तेमाल करना और एनर्जी बचाना जैसे उपाय शामिल होंगे। सरकार भविष्य में इस पहल को एक सालाना इंटरनेशनल फेस्टिवल में बदलने पर विचार कर रही है। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि इसका मकसद दुर्गा पूजा से जुड़ी परंपराओं और रीति-रिवाजों को बचाते हुए दुनिया के सामने बंगाल की संस्कृति को पेश करना है।

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