झांसी में लंपी स्किन डिजीज का बढ़ा खतरा, 72 हजार अतिरिक्त वैक्सीन मंगाई

खबर सार :-

झांसी में लंपी स्किन डिजीज के बढ़ते मामलों के बीच पशुपालन विभाग ने 72 हजार अतिरिक्त वैक्सीन मंगाई हैं। 1.20 लाख गोवंश के टीकाकरण का लक्ष्य तय किया गया है।
पौने दो लाख गोवंश की सुरक्षा का लक्ष्य, 23 टीमें करेंगी टीकाकरण,

खबर विस्तार : -

झांसी: जनपद में लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) के मामले सामने आने के बाद प्रशासन और पशुपालन विभाग में खलबली मच गई है। गोवंश में संक्रमण के बढ़ते खतरे और बड़ी संख्या में मौजूद पशुओं को देखते हुए पशुपालन विभाग ने अब 72 हजार अतिरिक्त एलएसडी वैक्सीन मंगाने का निर्णय लिया है। इससे पहले विभाग ने 50 हजार अतिरिक्त वैक्सीन की मांग की थी, लेकिन संक्रमण की स्थिति को देखते हुए इसमें 22 हजार और वैक्सीन बढ़ा दी गई हैं। जनपद में करीब पौने दो लाख गोवंश हैं। संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए विभाग ने व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू कर रखा है। विभाग के पास पहले से करीब 48 हजार वैक्सीन का स्टॉक उपलब्ध था, जिसके माध्यम से लगातार टीकाकरण किया जा रहा है। अतिरिक्त वैक्सीन का स्टॉक बुधवार तक जनपद में पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

कई गांवों में सामने आए मामले

पशुपालन विभाग के अनुसार बंगरा ब्लॉक के सकरार गांव में तीन और जावन गांव में तीन गोवंश में लंपी रोग की पुष्टि हुई है। इसके अलावा रक्सा क्षेत्र में भी एक मामला सामने आया है। नए मामले मिलने के बाद विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के साथ ही आसपास और सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।

विभाग की टीमें संदिग्ध पशुओं पर लगातार नजर रख रही हैं। जिन पशुओं में बीमारी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उनके नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। नए मामलों के सामने आने के बाद जनपद के पशु चिकित्सालयों को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, पहले जिन पशुओं में लंपी वायरस की पुष्टि हुई थी, उनमें अब रिकवरी के लक्षण दिखाई देने लगे हैं। इससे विभाग को कुछ राहत मिली है, लेकिन संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए निगरानी और टीकाकरण अभियान को और तेज कर दिया गया है।

1.20 लाख गोवंश के टीकाकरण का लक्ष्य

संक्रमण की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने जनपद में 1.20 लाख गोवंश को एलएसडी का टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक 25,130 गोवंश का टीकाकरण किया जा चुका है। अतिरिक्त वैक्सीन की उपलब्धता के बाद अभियान में और तेजी आने की उम्मीद है। टीकाकरण अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी पशु चिकित्सालयों के स्तर पर विशेष टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। कुल 23 टीमों का गठन किया गया है, जिनमें करीब 110 पशु चिकित्सक, पशु विशेषज्ञ और पशु मित्र शामिल हैं। इन टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में विशेष रूप से लगाया गया है।

संक्रमित क्षेत्र के आसपास रिंग फॉर्मेट में टीकाकरण

लंपी रोग के संक्रमण को आसपास के क्षेत्रों में फैलने से रोकने के लिए विभाग ने रिंग फॉर्मेट में टीकाकरण की रणनीति तैयार की है। इसके तहत जिन गांवों या क्षेत्रों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, उनके आसपास के इलाकों में प्राथमिकता के आधार पर गोवंश का टीकाकरण किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इस रणनीति से संक्रमित क्षेत्र के आसपास मौजूद पशुओं में बीमारी के खिलाफ सुरक्षा कवच तैयार किया जा सकेगा और संक्रमण के आगे फैलने की संभावना को कम किया जा सकेगा।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी झांसी डॉ. संजय कुमार सिंह ने बताया कि जनपद में लंपी रोग के प्रत्येक संदिग्ध पशु पर नजर रखी जा रही है। मामले बढ़ने के बाद पूरी टीम को अलर्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बीमारी की रोकथाम के लिए 72 हजार अतिरिक्त वैक्सीन का स्टॉक मंगाया गया है, जो जल्द जनपद पहुंच जाएगा। प्रभावित क्षेत्रों में रिंग टीकाकरण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। विभाग की ओर से निगरानी, नमूना जांच और टीकाकरण को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि लंपी स्किन डिजीज के संक्रमण को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।

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