गयाजी में 24 घंटे होगी वेदी परिसरों की सफाई, DM ने किया पिंडदान स्थलों का निरीक्षण, दिए निर्देश

खबर सार :-

बिहार के गयाजी में पितृपक्ष मेले को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। डीएम शशांक शुभंकर ने पिंडदान स्थलों का निरीक्षण किया और जरूरी निर्देश दिए।
गयाजी में पितृपक्ष मेले को लेकर तैयारियां तेज, डीएम ने किया निरीक्षण

खबर विस्तार : -

गयाजी: दुनियाभर में मशहूर पितृ पक्ष मेले के दौरान 'मोक्षस्थली' (मोक्ष पाने की जगह) के तौर पर जानी जाने वाली गयाजी में देश-विदेश से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं और मजबूत सुरक्षा सुनिश्चित करने के मकसद से जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में, गया के जिला मजिस्ट्रेट शशांक शुभंकर ने सोमवार को बोधगया ब्लॉक में मौजूद अहम 'पिंड-दान' स्थलों—धर्मारण्य, सरस्वती और मातंगवापी वेदियों (पूजा-स्थलों) का बारीकी से निरीक्षण किया।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेले के शुरू होने से पहले सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए जाएं और किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही न हो। निरीक्षण के दौरान, जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि पितृ पक्ष मेला गयाजी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा एक अहम आयोजन है। देश-विदेश के कई हिस्सों से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री यहां 'पिंड-दान' और 'तर्पण' की रस्में निभाने आते हैं। इसलिए, प्रशासन की प्राथमिकता है कि तीर्थयात्रियों को आसानी से आने-जाने की सुविधा, साफ-सुथरा माहौल, रस्मों के लिए सुरक्षित हालात और बेहतर नागरिक सुविधाएं मिलें।

चौबीसों घंटे सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश

डीएम ने नगर परिषद और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि वेदी परिसरों और मुख्य रास्तों की चौबीसों घंटे सफाई सुनिश्चित करें। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त अस्थायी शौचालय, चेंजिंग रूम, साफ पीने के पानी के टैंकर और सार्वजनिक पेयजल कियोस्क का समय पर इंतजाम करने के निर्देश दिए गए।

मेला क्षेत्र में सीसीटीवी से निगरानी

भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए, जिला मजिस्ट्रेट ने मेले वाले इलाके में पर्याप्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात करने, साथ ही वॉचटावर और हाई-कैपेसिटी CCTV कैमरों से निगरानी करने का आदेश दिया। सभी वेदियों, रास्तों और पार्किंग क्षेत्रों में हाई-मास्ट और LED लाइटें लगाने और बिना रुकावट बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। 

बोधगया के लिए बनेगा विशेष ट्रैफिक प्लान

ट्रैफिक मैनेजमेंट के बारे में, जिला परिवहन अधिकारी को बोधगया के लिए एक खास ट्रैफिक प्लान बनाने का निर्देश दिया गया। वेदियों के पास व्यवस्थित पार्किंग सुविधाएं विकसित करने और जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने के आदेश दिए गए, ताकि गाड़ियों या पैदल चलने वाले तीर्थयात्रियों की आवाजाही में कोई रुकावट न आए। 

'वेदी' स्थलों के पास उपलब्ध रहेंगी स्वास्थ्य सेवाएं

स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लेते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि वे 'वेदी' स्थलों के पास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मोबाइल मेडिकल टीमें, एम्बुलेंस और जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध कराएं। मतंगवापी जलाशय और नदी घाटों के आसपास गहरे पानी वाले इलाकों में अनिवार्य रूप से बैरिकेड लगाने और पर्याप्त संख्या में गोताखोरों व SDRF टीमों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए।

'मे आई हेल्प यू' बूथ पर मिलेगी जानकारी

तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए 'मे आई हेल्प यू' (May I Help You) बूथ और सार्वजनिक घोषणा प्रणालियों को चालू रखने के निर्देश भी दिए गए। जिला मजिस्ट्रेट ने इस बात पर जोर दिया कि पितृपक्ष मेले में आने वाला हर तीर्थयात्री गयाजी से एक सकारात्मक अनुभव लेकर लौटे, जो 'अतिथि देवो भव' (अतिथि ही देवता है) की भावना को दर्शाता हो। 

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सभी काम तय समय-सीमा के भीतर पूरा करें

उन्होंने सभी संबंधित कार्यकारी इंजीनियरों और अधिकारियों को सभी काम तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान नगर परिषद अध्यक्ष, अतिरिक्त कलेक्टर (कानून-व्यवस्था), सहायक कलेक्टर, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर परिषद के अधिकारी और पांडा समुदाय के प्रतिनिधि मौजूद थे।

पानी के चारों ओर बैरीकेडिंग की जाएगी

इस बार भी पानी के चारों ओर गहराई वाले स्थल पर बैरी केडिंग की जाएगी। इसमें लाल झंडा लगाकर खतरे के निशान चिन्ह दर्शाए जाएंगे। जो दूर से ही दिख जाएंगे। पानी में स्नान करने के लिए ज्यादा समय नहीं मिलेगा। भीड़ को देखते हुए एक निश्चित समय में लोगों को निकलना होगा। तालाब की सीढ़ियां इन दिनों बारिश के चलते गंदी हो चुकी हैं। इनमें काई भी लगी हुई है। इसलिए इनको साफ सुथरा करने का सिलसिला शुरू हो गया है। घाटों में टूटे हुए पत्थर टाइल्स आदि को हटाकर नया मटेरियल लगाया जाएगा। यहां के जिलाधिकारी ने यह काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। 

लोगों के ठहरने के लिए पंडाल लगाए जाएंगे

जिला से पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने भी बेदी स्थल का निरीक्षण किया है। मेले में रात में भी लोग रुकते हैं, इसलिए किसी प्रकार की दिक्कत ना हो, उसके इंतजाम किए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा जरूरत अंधेरा से निपटने की होती है। इसलिए लाइट को दुरुस्त किया जा रहा है। जहां जरूरत होगी, वहां पर नई लाइट लगाई जाएंगी। घाट के स्थान पर लोगों के ठहरने के लिए पंडाल लगाए जाएंगे। इनकी मजबूती और सुरक्षा के लिए प्रैक्टिकल भी किया जाएगा। नगर आयुक्त को घाटों पर साफ सफाई और संबंधित इंतजाम करने के निर्देश मिले हैं। जिला पदाधिकारी ने ब्रह्मसत्ता बेदी स्थल को देखकर यहां पड़े लाइट और साउंड प्रोजेक्ट को चालू करने के लिए कहा है।
 

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